रेलवे में 63 हजार पदों पर नियुक्ति खुली, 12 मार्च तक करें आवेदन

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नयी दिल्ली, 14 फरवरी, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय रेलवे में हाई स्कूल तथा आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं के लिये ग्रुप-डी के करीब 63 हजार पदों के लिये भर्ती प्रक्रिया शुरु करने का ऐलान किया है और योग्य अभ्यर्थियों से इन पदों के लिए आवेदन करने को कहा है।  श्री गोयल ने आज यहां ट्वीट में यह अपील की। रेलवे में युवाओं के लिये रोज़गार के अवसर खुले हैं। हाई स्कूल तथा आईटीआई उत्तीर्ण योग्य अभ्यर्थी इन पदों के लिये आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 12 मार्च 2018 है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 62 हजार 907 कर्मियों को लेवल वन वेतनमान पर भर्ती करने से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस भर्ती में रेलवे की विभिन्‍न इकाइयों में पहले से ही प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं (अप्रेंटिसों) को प्राथमिकता दी जाएगी।  सूत्रों के अनुसार स्किल इंडिया पहल में बड़ा योगदान करते हुए रेल मंत्रालय फिटर, टर्नर, मशीन वेल्‍डर, पेंटर, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, रेफ्रिजरेटर और एसी मकैनिक और मोटर वाहन मैकेनिक आदि विभिन्‍न कार्यों में प्रशिक्षुओं को प्र‍शिक्षण प्रदान कर रहा है। मंत्रालय ने अपनी 16 जोनल इकाइयों और सात उत्‍पादन इकाइयों में 30 हजार प्रशिक्षुओं को प्र‍शिक्षण करने का लक्ष्‍य रखा है। सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2017-18 की अवधि में 26 हजार प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की तैयारी है। रेलवे के 12 हजार रिक्‍त पदों पर नियुक्ति में रेलवे प्रतिष्‍ठानों में प्रशिक्षित प्रशिक्षुओं को प्राथमिकता दी जाएगी। यह व्‍यवस्‍था अप्रेन्टिस अधिनियम 1961 में हाल में किए गए संशोधनों के तहत की गई है।  आधिकारिक सूत्रों के अनुसार रेलवे अपने मानव संसाधन विकास में श्रम बल के कौशल विकास को महत्‍वपूर्ण मानता है। उसका मानना है कि श्रम बल को आवश्‍यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए उनका बाहर से प्रशिक्षण लेना काफी नहीं है बल्कि उन्‍हें उस स्‍थान पर प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए जहां पर वह काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अप्रेन्टिस प्रशिक्षण में प्राथमिक प्रशिक्षण और नौकरी में रहते हुए प्रशिक्षण तथा व्‍यावहारिक प्रशिक्षण शामिल है। प्राथमिक प्रशिक्षण के तहत ऐसे अप्रन्टिसों को प्रशिक्षित किया जाता है, जिन्‍होंने कभी किसी संस्‍था से कोई प्रशिक्षण नहीं लिया है। ऐसा प्रशिक्षण कुल प्रशिक्षण अवधि का 20 से 30 प्रतिशत होता है। नौकरी में रहते हुए दिया जाने वाला प्रशिक्षण उस प्रतिष्‍ठान में दिया जाता है जहां अप्रेन्टिस कार्यरत होता है।
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