सिनेमा बुराईयों को खत्म करने का एक सशक्त माध्यम है - झारखंड फिल्म निर्माता संघ

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बौंसी(बाॅका)।मनोज कुमार मिश्र, सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नही बल्की समाज मे हो रहे विभिन्न प्रकार की बुराइयों को समाज के सहयोग से खत्म करने का एक सशक्त माध्यम भी हैं।भूमिका फिल्म्स ने अपने बैनर तले नशापान नाम से एक लघु फ़िल्म अपने इन्ही सामाजिक दाईत्वो को निभाने के मकसद से बनाई  है जिसे झारखंड के गढ़वा जिले के कला प्रेमी एवम इस लघु फ़िल्म के दिग्दर्शक श्री दया शंकर गुप्ता जी के संरक्षण में और झारखंड फ़िल्म निर्माता संघ के महा सचिव श्री उमा शंकर झा जी के कुशल निर्देशन में कुशल एवम अकुशल मजदूरों में व्याप्त नशापान को, लापरवाही को दर्शाने की पूरी पूरी कोशिश की हैं 

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फ़िल्म के अगले भाग में नशापान एवम इसके आर्थिक और सामाजिक दुष्परिणाम पर व्यापक चोट करते हुऐ समाज के सभी मजदूर वर्गो में जागरूकता फैलाने की कोशिश की जायेगी।जिससे वे नशापान के चंगुल से आजाद होकर अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर सके ,आर्थिक रूप से मजबूत बने ।इस फ़िल्म के कलाकारों में कमल रंजीत जी ने कुशल कामगार की विवशताओं को अपने सधे अभिनय क्षमता से साकार किया है, देवेन्द्र ठाकुर ने मालिक के रूप को सफलता पूर्वक निभाया है, इन दोनों की जोड़ी ने  सशक्त अभिनय क्षमता का परिचय दिया हैं। नवल सोनी ने भी शराबी मजदूर की भूमिका में वर्तमान मजदूर वर्ग की लापरवाही को उजागर करने की पूरी कोशिश की हैं।

कैमरा : विकाश कुमार रिशी, निर्देशक उमा शंकर झा शूटिंग स्थल मेदिनी नगर, डाल्टेनगंज पलामू, कुल मिलाकर कहे तो यह फ़िल्म एक बहुत मजबूत संदेश देता हैं अतः दोस्तो इस फ़िल्म की पूरी टीम को आप अपना आशीर्वाद प्यार दुलार दे ज्यादा से ज्यादा लाइक एवम सब्सक्राइब करे जिससे ये टीम आने वाले दिनों में और भी सामाजिक जागरूकता के विषयों पर अपनी प्रस्तुति देती रहे ।
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