आदिवासी नृत्य व पंची परिधान की होगी प्रतियोगिता-एसडीओ राकेश कुमार

■■ भव्य और आकर्षक होगा हिजला मेला :  वर्ष 2018 के राजकीय जनजातीय  हिजला मेला में दुकान का दर होगा बेहद कम। मेले में साफ सफाई की होगी मुकम्मल व्यवस्था। पहली बार लगाई जायेगी आदिवासी म्यूजियम


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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव 2018 को भव्य व आकर्षक बनाए रखने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। अधिक से अधिक लोग दुकानों के माध्यम से रोजगार कर सकें इस हेतु मेला में दुकानों का दर बेहद कम कर दिया गया है। एसडीओ सह सचिव राजकीय जनजातीय हिजला मेला राकेश कुमार ने दिन मंगलवार (30 जनवरी 2018) को मेला परिसर के बाहरी प्रशाल में आयोजित हिजला मेला खेलकूद संघ, कला संस्कृति संघ व अन्य आयोजन समिति के सदस्यों के साथ-साथ हिजला पंचायत के ग्रामीणों के साथ बैठक में उपरोक्त बातें कही। एसडीओ ने कहा कि प्रत्येक वर्ष बाहरी कला मैदान में होने वाले आदिवासी नृत्य कला का प्रदर्शन इस बार मंच पर किया जाएगा। साथ ही इसके लिए प्रतियोगिताएँ  आयोजित होंगी। प्रतियोगिता में प्रत्येक नृत्य दल में पुरुषों को 11 में से कम से कम 8 तथा महिलाओं को 11 में से कम से कम 6 नृत्य प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक नृत्य दल की प्रस्तुति में कम से कम 3  विलुप्त हो रही नृत्य शैली बाहा, गोलबरी व छठिहरी का प्रदर्शन करना अनिवार्य होगा। विजेता कला दल को क्रमशः 50,000-00, 40, 000-00 व 30, 000-00 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। शेष अन्य कला दल को 3, 000-00 दिया जाएगा। श्री कुमार ने इस प्रतियोगिता के लिए 11 फरवरी तक सभी कला दलों को आवेदन प्रस्तुत कर देने का निर्देश दिया है। एसडीओ श्री कुमार ने कहा कि इस वर्ष पुरुषों व महिलाओं के लिए अलग-अलग पंछी प्रदर्शन की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। मेले में आदिवासी जीवनवृत्ति पर आधारित म्यूजियम भी लगाया जाएगा, जिसमें आदिवासी जीवन शैली को भलीभांति दर्शाया जाएगा। उन्होंने  कहा कि मेले को इस बार पूरी तरह व्यवस्थित किया जाएगा जिसमें घरेलु सामान से लेकर महिलाओं से संबंधित, अच्छे प्रकाशकों की पुस्तकें, खेलकूद, बाल मनोरंजन, खाने-पीने आदि के लिए अलग-अलग जोन में मेले के अंदर व्यवस्था की जाएगी। गत वर्ष मेला में दुकान के लिए लगाए गए विभिन्न स्टाॅलों के खाली रह जाने पर एसडीओ ने चिंता व्यक्त की तथा कहा कि इस बार मेले में दुकानों का दर बेहद कम रखा जाएगा ताकि अधिक से अधिक दुकान करने वाले मेले के अंदर अपना रोजगार कर सकेंगे। एसडीओ श्री कुमार ने मेले में साफ-सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश भी दिये ताकि मेले के अंदर दूकानदार अपनी-अपनी दुकान के समीप डस्टबिन रखेंगे। जिनके दुकान के आगे डस्टबिन नहीं होगा उनसे जुर्माना वसूल किया जाएगा। इससे पूर्व एसडीओ सहित तमाम लोगों ने मेला के सफल आयोजन के लिये हिजला मेला परिसर स्थित दिशोम मरांग बुरु थान में पारम्परिक रुप से पूजा अर्चना की। बैठक में एसडीओ राकेश कुमार सहित प्रशिक्षु आईएएस  विशाल सागर, नगर पर्षद अध्यक्ष अमिता रक्षित, डीएसपी रोशन गुड़िया, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी सैयद राशिद अख्तर, नगरपालिका पदाधिकारी संतोष कुमार चैधरी, जिला परिषद सदस्या चिंता देवी, भाजपा  जिलाध्यक्ष निवास मंडल, मुफस्सिल थाना इंस्पेक्टर के.के.सिंह, सब इंस्पेक्टर नगर थाना रामचरित्र पाल, सार्जेंट रंजीत कुमार, ए.एस.आइ. एस.के.ठाकुर, सरुआ पंचायत की मुखिया मंजूलता सोरेन, दुधानी पंचायत के मुखिया चंद्रमोहन हाँसदा, खेलकूद संघ के सचिव उमाशंकर चैबे, विमल भूषण गुहा, गौरकांत झा, हैदर हुसैन, राहुल दास, मदन कुमार, वरुण कुमार,  निमाय कांत झा, जीवानंद यादव, मनोज घोष, अरविंद कुमार, रमन कुमार वर्मा, वैद्यनाथ टूडू, सच्चिदानंद सोरेन, सीताराम सोरेन, ग्राम प्रधान सुनीलाल हाँसदा, आलिस हाँसदा, मोतीलाल मरांडी, सुरेश चंद्र सोरेन, मंजू लता सोरेन, मुकेश कुमार, सुनीता मरांडी, सिद्धोर हाँसदा, नीलू दीदी सहित बड़ी संख्या में खेलकूद, कला संस्कृति, एवं मेला आयोजन से जुड़े लोगों के साथ साथ हिजला पंचायत के ग्रामीण उपस्थित थे।
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