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खेतिहर किसानों के मसीहा ब्रहमेश्वर मुखिया की गोली मारकर ह्त्या.

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मंगलवार, 29 मई 2012

झारखण्ड में 10 नक्सली पर इनाम घोषित


झारखण्ड सरकार ने राज्य में सक्रिय 10 नक्सलियों पर तीन लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक के नकद इनाम घोषित किए हैं। यह जानकारी एक अधिकारी ने मंगलवार को दी। राज्य के गृह विभाग के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, "झारखण्ड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने 10 नक्सलियों पर इनाम राशि को मंजूरी दे दी है। गृह विभाग ने मंजूरी के लिए एक प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास भेजा था। ये सभी 10 नक्सली हत्या, फिरौती और अन्य आरोपों सहित आतंकवादी गतिविधियों के लिए वांछित हैं।"

सभी 10 नक्सली प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से सम्बंधित हैं।  राज्य सरकार की विशेष शाखा (राज्य खुफिया) ने राज्य के गृह विभाग को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें 10 नक्सलियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने लायक सूचना देने के लिए नकद इनाम का प्रावधान था। गृह विभाग ने प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री से अंतिम मंजूरी मांगी थी। इन 10 नक्सलियों में जोनल कमांडर सुशील भूइया और इंदल यादव शामिल हैं। राज्य सरकार ने इन दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम रखा है। तीन अन्य नक्सलियों में सब जोनल कमांडर सत्येंद्र पासवान, प्रमोद पासवान और विनोद यादव हैं। राज्य सरकार ने इन तीनों पर तीन-तीन लाख रुपये के इनाम रखे हैं।

मंगलवार, 22 मई 2012

डा.संजय कुमार ने आत्मसमर्पण किया.


देवघर के चर्चित संजीव मिश्र हत्याकांड के आरोपी डा.संजय कुमार ने मंगलवार को एसपी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. घटना 16 मई की है. डा.संजय कुमार के निजी क्लीनिक में अपने परिजन का इलाज कराने आये संजीव मिश्र की गोली लग गयी थी. गंभीर हालत में रीम्स में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी थी. मामले में डा.संजय कुमार सहित पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था. 

घटना के बाद से ही पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए जगह–जगह छापेमारी कर रही थी. एसपी सुबोध प्रसाद ने कहा कि पुलिस दबिश में डा. ने आत्मसमर्पण किया है. परिजनों ने डा.संजय कुमार की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबाब बना रहे थे. पुलिस दविश के कारण आज आरोपी ने एसपी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. आरोपी डा.संजय कुमार इस पूरी घटना में अपने को निर्दोष बता रहे हैं. उनकी मानें तो गोली उन्होंने नहीं चलायी थी. 

सोमवार, 21 मई 2012

हेमंत सोरेन को मिली जमानत.


झारखंड के उप मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े एक मामले में स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण करने के बाद सोमवार को जमानत मिल गई। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का यह मामला साल 2009 का था।   
    
सोरेन ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बालमुकुंद राय की अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर जमानत की गुहार लगाई थी। अर्जी देने के तुरंत बाद सोरेन को जमानत मिल गई।
    
जिस मामले में सोरेन को जमानत मिली है वह साल 2009 के विधानसभा चुनावों के दौरान का है। सोरेन पर आरोप है कि उन्होंने एक इमारत पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का झंडा लगाया था।  

रविवार, 20 मई 2012

हत्या मामले में स्कूल के निदेशक गिरफ्तार.


रांची के आक्सफोर्ड स्कूल के निदेशक डॉ शशि भूषण मेहता को हत्या के जुर्म में पकड़ लिया गया है. मेहता के साथ- साथ इस हत्याकांड में शामिल पलामू के संदीप पासवान और धम्रेंद्र ठाकुर उर्फ भोली को भी धर दबोचा गया है. मेहता पर अपने ही स्कूल की वार्डन सुचित्रा मिश्रा की हत्या का साक्ष्य छिपाने का आरोप है.

निदेशक ने पूछताछ के क्रम में इस बात को भी स्वीकार लिया है कि वार्डन के साथ पिछले सात वर्षों से उनके अवैध संबंध थे. सात साल के अवैध संबंध के बाद सुचित्रा निदेशक पर शादी का दबाव बनाने लगी थी. इसी कारण रास्ते से हटाने के लिए उसकी हत्या करा दी गई. सुचित्रा की हत्या 11 मई को ही कर दी गई थी और इसके बाद लाश धुर्वा डैम साइड में उसके भाई के मकान से कुछ दूरी पर पीसीसी रोड पर पड़ी हुई मिली थी. उसके सिर के पिछले हिस्से पर गहरे जख्म के निशान भी थे. गले की चैन और कान के गहने को निकाल लिया गया था, ताकि लूटपाट और छिनतई जैसा सीन क्रियेट हो सके. 

हत्याकांड का खुलासा शनिवार को खुद रांची के वरीय आरक्षी अधीक्षक  ने  किया है. 11 मई को सुचित्रा की हत्या के दिन ही धुार्वा के इंस्पेक्टर बीएन सिंह को ये गुप्त सूचना मिली थी कि इस पूरे हत्याकांड के सूत्रधार ऑर्क्‍सफोर्ड के निदेशक हैं. इसके बाद उन्होंने निदेशक के मोबाइल की खोजबीन  जारी हुई . हत्या के दिन मोबाइल का लोकशन भी धुर्वा को लोकेट कर रहा था. साक्ष्य जुटाने के बाद निदेशक को गिरफ्तार कर लिया गया और पुछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.

वार्डन के पति अवधेश मिश्र का 2000 में ही निधन हो गया था, वो विधवा थी। तय रणनीति को अंजाम देने के लिए निदेशक और अपराधी अलग-अलग गाड़ियों में सुचित्रा की तलाश में निकल गए. सुचित्रा अपने 2 बेटों के साथ उस दिन अजंता सर्कस देखने गई थी और वहां से निकलने के बाद मेहता के कथनानुसार बेटों को स्कूल की कार से ही हॉस्टल भेज दिया और खुद उनसे मिलने के लिए चली गई. मेहता ने फोन करके सुचित्रा को बुलाया था और वहां पंहुचने के बाद उसे दूसरी गाड़ी में बैठाकर वहीं उसकी हत्या कर दी गई. इसके बाद लाश को फेंककर गले से चेन और कानवाले को निकाल लिया गया. 

लालू की याचिका स्वीकार, गवाही की अनुमति.


झारखंड हाईकोर्ट ने लालू यादव को उनके सभी 70 गवाहों की गवाही दर्ज कराने की अनुमति दे दी. हाईकोर्ट ने चारा घोटाले के एक मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के आदेश को रद्द कर दिया. न्यायालय ने इस मामले में सीबीआई के लगभग 150 गवाहों की गवाही दर्ज नहीं कराने के फैसले पर कड़ी टिप्पणी करते हुये उसकी खिंचाई भी की.

न्यायमूर्ति आरआर प्रसाद की पीठ ने चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार से लगभग 34 करोड़ रुपए निकाले जाने से जुड़े मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की याचिका को स्वीकार कर लिया.

न्यायालय ने सीबीआई की विशेष अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें उसने लालू को इस मामले में अपने 79 में से सिर्फ 15 गवाहों की गवाही दर्ज कराने की ही अनुमति दी थी. हाईकोर्ट ने लालू के वकील से कहा कि यदि संभव हो तो अपने गवाहों की सूची को कुछ छोटा कर लें, जिसके बाद वकील ने गवाहों की संख्या 79 से घटाकर 70 कर दी.  

शुक्रवार, 18 मई 2012

झारखण्ड में विधायकों के यहाँ छापामारी


सीबीआई ने झारखण्ड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए 30 मार्च को हुए चुनाव में खरीद-फरोख्त के मामले में शुक्रवार को मंत्री चंद्र प्रकाश चौधरी सहित राज्य के 14 विधायकों के ठिकानों पर छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी कांग्रेस के सौरभ नारायण सिंह, अनंत प्रताप देव व सरफराज अहमद, ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के चंद्र प्रकाश चौधरी व उमाकांत रज्जाक, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संजय यादव, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सीता सोरेन व पोलुश सोरेन, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रामचंद्र बैठा और अन्य विधायकों पर ठिकानों पर की गई।

छापेमारी मुख्यत: रांची, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग और गोड्डा में की गई। राज्यसभा का 30 मार्च का चुनाव एक निर्दलीय उम्मीदवार के रिश्तेदार की गाड़ी से रांची के बाहरी इलाके में 2.15 करोड़ रुपये बरामद होने के बाद रद्द कर दिया गया था।

बुधवार, 16 मई 2012

रांची में 10 साल पुराने खटारा टेम्पू पर प्रतिबन्ध


झारखण्ड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राज्य सरकार को राजधानी रांची में 10 साल से अधिक पुराने ऑटो रिक्शों को सड़कों पर चलाने पर रोक लगाने का निर्देश दिया। सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में बताया गया कि रांची में लगभग 6,000 ऑटो रिक्शे चलते हैं और इनमें से केवल 2,300 ऑटो रिक्शा चालकों के पास परमिट है।

मुख्य न्यायाधीश पी.सी. टाटिया की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत ने सरकार से वैकल्पिक व्यवस्था करने को भी कहा ताकि दैनिक यात्रियों को परेशानी न हो। अदालत ने शहर में कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) चालित ऑटो रिक्शा चालाए जाने का सुझाव दिया। 

मंगलवार, 15 मई 2012

नक्सलियों ने ट्रेन में बम रखा.


झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के पोसैता रेलवे स्टेशन के निकट नक्सलियों ने सोमवार देर रात टाटा बिलासपुर पैसेंजर ट्रेन पर कब्जा करने के बाद इंजन में संदिग्ध विस्फोटक रख दिया। नक्सलियों ने जमशेदपुर से  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जा रही 58113 अप टाटा बिलासपुर पैसेंजर पर कब्जा जमा लिया। उन्होंने करीब 40 मिनट बाद ट्रेन को छोड़ा। इसके बाद ट्रेन को निकटवर्ती मनोहरपुर स्टेशन पर लगभग आठ घंटे तक रोक कर रखा गया और इसकी व्यापक तलाशी ली गई जिसमें एक संदिग्ध बम मिला। ट्रेन को आज सुबह सवा छह बजे राउरकेला होते हुए गंतव्य के लिए रवाना किया गया। 

पुलिस अधीक्षक के अनुसार ट्रेन रात करीब साढ़े नौ बजे पोसैता पहुंची तो वहां बड़ी संख्या में हथियारबंद नक्सलियों ने इसके इंजन और अन्य बोगियों में माओवादी बैनर लगा दिए। बाद में ट्रेन को जब छोड़ दिया गया तो मनोहरपुर में सुरक्षाबलों और विस्फोट विशेषज्ञों ने इसकी व्यापक तलाशी की। इस दौरान इंजन से टिफिन बम जैसा एक संदिग्ध विस्फोटक बरामद किया गया जिसकी जांच की जा रही है। दक्षिण पूर्व रेलवे के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक  ने बताया कि ट्रेन को सुरक्षा कारणों से मनोहरपुर में रोक कर रखा गया था। इसके कई यात्रियों को दूसरी ट्रेनों से रवाना कर दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों  के अनुसार नक्सलियों ने किसी रेलयात्री अथवा कर्मी को नुकसान नहीं पहुंचाया। नक्सल प्रभावित झारखंड, बंगाल और ओड़िशा के इस सीमावर्ती क्षेत्र में माओवादियों ने रेलगाड़ियों या रेल पटरियों को कई बार निशाना बनाया है। लगभग दो साल पहले इसी क्षेत्र में पटरी क्षतिग्रस्त किए जाने से टाटा-बिलासपुर एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी जिसमें दो यात्रियों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। नक्सलियों ने मई 2010 में सीमावर्ती पश्चिम बंगाल के झारग्राम स्टेशन के निकट पटरी क्षतिग्रस्त कर दी थी जिसके कारण हुई भीषण ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस दुर्घटना की वजह से टाटानगर से ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के लिए रात्रि ट्रेनों का परिचालन लगभग 19 माह तक ठप था। उस दुर्घटना में 148 यात्री मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे।

सोमवार, 14 मई 2012

डिमना झील से युवक का शव बरामद.


झारखंड में जमशेदपुर के बाहरी इलाके में स्थित डिमना झील में संदिग्ध परिस्थितियों में डूबे एक युवा मशीन ऑपरेटर का शव सोमवार सुबह गोताखोरों ने बरामद कर लिया। 

पुलिस ने बताया कि एक निजी कंपनी में सीएनसी मशीन ऑपरेटर का काम करने वाले हरपाल सिंह (22) की कथित तौर पर डिमना झील में डूब कर मौत हो गई थी। वह नगर के मानगो थाना क्षेत्र के जवाहरनगर का रहने वाला था। गोताखोरों को कल उसका शव ढूंढ़ने में सफलता नहीं मिली थी पर आज सुबह शव को बरामद कर लिया गया। 

मृतक के परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जताई थी और इस मामले को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने कल दो ऑटो चालकों समेत चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया था।

बृहस्पतिवार, 10 मई 2012

बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत.


झारखंड में पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया थाना क्षेत्र में बुधवार शाम सड़क किनारे बने एक यात्री पड़ाव पर बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई तथा एक बच्चे समेत पांच लोग घायल हो गए। 

पुलिस ने आज बताया कि बालिगुमा में अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से बचने के लिए कुछ लोग यात्री पडाव में खड़े हो गए। इसी दौरान पड़ाव की छत पर बिजली गिरने से सरोज यादव 31 फूलचंद महतो 30 और सुदीप चौबे 39 की मौत हो गई। और सुदीप के 12 वर्षीय पुत्र राजेश समेत पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को निकटवर्ती धालभूमगढ़ के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। फूलचंद और सरोज यादव एक स्थानीय निजी फैक्ट्री के कर्मचारी थे।

बुधवार, 9 मई 2012

अर्जुन मुंडा का हेलिकोप्टर क्रैश,CM घायल।

रांची एयरपोर्ट पर लैंड करते वक्त झारखंड के सीएम अर्जुन मुंडा का हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया। हेलिकॉप्टर लैंडिंग के वक्त पलट गया, जिससे मुंडा घायल हो गए हैं। मुंडा को अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी मीरा भी उनके साथ थीं। इस हादसे में पायलट बुरी तरह से घायल हो गया।

झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा खरसावां से रांची आर रहे थे। रांची एयरपोर्ट पर उनका हेलिकॉप्टर लैंड करते वक्त पलट गया। हादसे के वक्त मुख्यमंत्री समेत हेलिकॉप्टर में 5 लोग सवार थे। अपोलो हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट ने कहा कि सीएम अर्जुन मुंडा सुरक्षित हैं और खतरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा है कि मुंडा का मेडिकल चेक अप हो गया है और वह लोगों से बात करने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि कुछ घंटों के बाद हम यह बता पाएंगे कि मुंडा को कितने घंटे तक हॉस्पिटल में रखना पड़ेगा।

झारखण्ड में IIIT खोलने के लिए पहल.


टाटा स्टील के प्रबंधक एचके नेरूरकर से झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने राज्य में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉरमेशन टेक्नालोजी खोलने के लिए पहल करने और जमशेदपुर समेत राज्य में अपने सम्पूर्ण कार्य क्षेत्र में पानी बिजली चिकित्सा शिक्षा आदि की मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की आज अपील की। 

नेरुरकर ने टाटा स्टील द्वारा सामाजिक दायित्व के तहत किए जा रहे कार्यों सामाजिक सुरक्षा के प्रयासो एवं बेहतर मानव संसाधन सृजन के संदर्भ में मुख्यमंत्री से चर्चा की। उन्होंने कहा कि टाटा प्रबंधन राज्य हित में अपने सामाजिक दायित्वों से पीछे नहीं हटेगा। आईआईआईटी के प्रसंग में उन्होंने सकारात्मक रुख अपनाते हुए शीघ्र पहल के लिए मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया। उल्लेखनीय है कि राज्य में केन्द्रीय विश्वविद्यालय विधि विश्वविद्यालय भारतीय प्रबंधन संस्थान आदि के बाद राज्य में सूचना तकनीक विषयक संस्थान की नितान्त आवश्यकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डीके तिवारी भी उपस्थित थे। 

बृहस्पतिवार, 3 मई 2012

गठबंधन का बेबस लड़ाई, बीजेपी की हार.


भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य सभा में बीजेपी के  उपनेता एसएस अहलुवालिया राज्यसभा चुनाव हार गए हैं। अहलुवालिया जीत के लिए 23 वोट हासिल करने में नाकाम रहे। कांग्रेस के प्रदीप बालमुचू जरूरी 25 वोट पाकर चुनाव जीतने में सफल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि झारखंड में भाजपा की ही सरकार है। ऐसे में भाजपाशासित प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में मिली हार पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इसका असर कहीं न कहीं भाजपा-झामुमो गठबंधन पड़ सकता है।

अहलुवालिया बिहार से भाजपा के राज्यसभा सदस्य थे पर उनका कार्यकाल खत्म होने पर राज्य में सत्तारूढ़ और राजग के प्रमुख घटक दल जद (यू) उन्हें पुनः सीट नहीं देने पर अड़ गया। इसके बाद भाजपा उन्हें बिहार से अपना राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बना पाई थी। पार्टी के इस फैसले पर भाजपा दिग्गजों में नाराजगी थी।


चारा घोटाला मामले में 69 लोग दोषी 16 बरी.


केंद्रीय जांच ब्यूरो की एक अदालत ने चारा घोटाला मामले में  69 लोगों को दोषी ठहराया और 16 को बरी कर दिया है। अदालत ने 29 लोगों को एक से तीन साल तक की कैद और 25,000 से दो लाख रुपये तक का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। अन्य के खिलाफ सजा सात मई को सुनाई जाएगी।

अदालत ने यहां 90 के दशक की शुरुआत में डोरंडा  खजाने से धोखाधड़ी से 45 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि निकालने के आरसी 31 ए/96 मामले में यह फैसला सुनाया। पशुपालन विभाग से सम्बंधित इस घोटाले (चारा घोटाले) में 111 आरोपी थे। लम्बी सुनवाई के दौरान कुछ अभियुक्तों की तो मौत हो गई और कई अन्य सीबीआई के गवाह बन गए। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव व जगन्नाथ मिश्र घोटाले से जुड़े पांच मामलों में अभियुक्त हैं। रांची में सीबीआई अदालतों में उनकी सुनवाई जारी है। यादव के खिलाफ 1997 में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा था।

90 के दशक के अविभाजित बिहार में चारा घोटाला उस वक्त सुर्खियों में छा गया था, जब अधिकारियों व राजनेताओं पर पशुओं का चारा खरीदने के नाम पर जनता के पैसे का गैरकानूनी तरीके से इस्तेमाल करने का आरोप लगा। घोटाले में कुल 61 मामले दर्ज किए गए। बाद में 53 मामले साल 2000 में बिहार के विभाजन से बने झारखण्ड में स्थानांतरित कर दिए गए। रांची में सीबीआई की अलग-अलग अदालतों ने 41 मामलों में फैसला सुनाया है।

खुशबू हत्याकांड के दोषी को फांसी की सजा.


झारखंड के चर्चित खुशबू हत्याकांड मामले में दोषी करार दिये गए विजेन्द्र को फांसी की सजा सुनाई गई है. झारखंड के सबसे चर्चित हत्याकांड में से एक खुशबू हत्याकांड में फैसला आ गया है. बुधवार को निचली अदालत ने खुशबू की हत्या के दोषी करार दिये गये विजेंद्र कुमार उर्फ गोलू फांसी की सजा सुनाई है. इससे पहले  26 अप्रैल को कोर्ट ने विजेन्द्र को कॉलेज छात्रा खुशबू शाहदेव का हत्यारा करार दिया था. 

खुशबू के वकील ने विजेन्द्र को फांसी देने की मांग की थी. 27 अप्रैल 2011 को सेंटजेवियर कॉलेज परिसर में खुशबू की उस समय हत्या कर दी गयी थी जब वह एक प्राईवेट परीक्षार्थी के रूप में इंटर का इम्तेहान देने गई थी. विजेन्द्र ने कॉलेज के बरामदे में खुखरी से खुशबू पर वार किया था. खुशबू का सिर धड़ से अलग हो गया था. घटना के बाद से आरोपी विजेन्द्र हिरासत में था.

मामले की गंभीरता को देखते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सुनावाई हुई. इस दौरान कुल 23 गवाह पेश किया गए, जिसमें कोर्ट ने आरोपी को 302 के तहत दोषी करार दिया है.  खुशबू के परिजनों ने अलादत के फैसले पर राहत की सांस ली है. 

बृहस्पतिवार, 26 अप्रैल 2012

एनआइए अधिकारी धनबाद पहुंचे.


अजमेरशरीफ के ख्वाजा मुइद्दीन चिश्ती की दरगाह में 12 अक्टूबर 2007 को  हुए बम ब्लास्ट के किंगपिन और 10 लाख के इनामी संदीप डांगे उर्फ परमानंद और रामचंद्र कलसांग्रा उर्फ रामजी उर्फ विष्णु पटेल की टोह लेने बुधवार को नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) के अधिकारी धनबाद पहुंचे। धनबाद डीटीओ ऑफिस पहुंचकर अधिकारी ने बम ब्लास्ट में प्रयुक्त हुए उस सिमकार्ड से जुड़े दस्तावेजों की जांच पड़ताल  की। 

छानबीन में एनआइए को जानकारी मिली है कि बम ब्लास्ट में जिस सिमकार्ड का प्रयोग हुआ है, वह सिमकार्ड जामताड़ा के मिहिजाम के किसी मोबाइल दुकान से जारी हुआ है। सिमकार्ड लेने के लिए धनबाद डीटीओ कार्यालय से जारी ड्राइविंग लाइसेंस का प्रयोग करने की बात सामने आ रही है। ब्लास्ट के दौरान आपसी बातचीत के लिए प्रयोग किए गए सिककार्ड का कनेक्शन भी धनबाद से जुड़ रहा है। इस मामले में किसी बबन कुमार का नाम सामने आ रहा है। बबन ने स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट के आधार पर यह लाइसेंस हासिल किया था। अधिकारी करीब चार घंटे से अधिक तक डीटीओ कार्यालय में रहे। लाइसेंस से जुड़े तमाम दस्तावेज को जब्त किया गया। जांच में पता चला है कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए प्रस्तुत प्रमाणपत्र फर्जी हैं। अधिकारी ने लाइसेंस में दर्ज पते पर जाकर भी खोजबीन की। इधर डीटीओ और स्थानीय पुलिस से भी उन्होंने पूछताछ की। जांच पड़ताल के लिए एनआइए की टीच18 मार्च को भी धनबाद आई थी।

 एनआइए के अधिकारी ने बबन कुमार का लर्निग लाइसेंस, चालान तथा अन्य कागजात जब्त किया है। लाइसेंस में जोड़ाफाटक, झरिया रोड धनसार का पता दर्ज है। आवेदन के साथ जन्म तिथि के लिए स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (जिला स्कूल धनबाद) को आधार बनाया गया था। इसे तनवीर आलम नोटरी पब्लिक ने सत्यापित किया है। विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र में बबन की जन्म तिथि 5.6.1979 है। बबन को 2001 में द्वितीय श्रेणी से मैट्रिक पास बताया गया है। उसकी विद्यालय में प्रवेश की तिथि 11.2.1997 अंकित है। लिविंग सर्टिफिकेट पर प्रधानाध्यापक भगवती प्रसाद का हस्ताक्षर और मुहर लगाया गया है।

एनआइए और सीबीआइ की पड़ताल में पता चला है कि ब्लास्ट की योजना धनबाद, जामाताड़ा और आसनसोल में बनाई गई थी। इस मामले में गिरफ्तार देवेंद्र गुप्ता (अजमेर), लोकेश शर्मा (इंदौर) और चंद्रशेखर बरोट (शाहजाहापुर) ने दिल्ली सीबीआई स्पेशल क्राइम ब्रांच के समक्ष इस बात का खुलासा किया है। आरोपियों ने संदीप डांगे उर्फ परमानंद और रामचंद्र कलसांग्रा उर्फ रामजी उर्फ विष्णु पटेल का नाम लिया है। ब्लास्ट के दौरान दोनों धनबाद भी आए थे। धनबाद के एक युवक ने इन्हें सिमकार्ड लेने में सहायता पहुंचाई थी।

सोमवार, 23 अप्रैल 2012

झारखंड में आईटीबीपी भवन का शिलान्यास.


झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने रविवार को रांची के सुकुरूहुतु में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 40वीं बटालियन के भवन की आधारशिला रखी। इस अवसर पर अपने भाषण में मुंडा ने कहा कि विशिष्ट बल की स्थापना के साथ ही झारखंड के युवाओं को नौकरी का सुनहरा अवसर मिलेगा और राज्य के कुछ और लोगों को भी सीधे या अप्रत्यक्ष तौर पर आमदनी होगी। 

झारखंड में पहली बार आईटीबीपी अपनी उपस्थिति दर्ज करेगी। बनने वाला यह परिसर 78 एकड़ में फैला होगा और इसमें आईटीबीपी भवन, जवानों की छावनी, प्रशिक्षिण सुविधाएं, आवास, अधिकारियों का मेस और कार्यालय परिसर होगा। आईटीबीपी की विज्ञप्ति के अनुसार कि आईटीबीपी को नए स्थान से रसद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसमें बताया गया है कि सेक्टर हेड क्वार्टर (डीआईजी ऑफिस) पटना के तहत बिहार के कटिहार और छपरा जिले में दो और यूनिट का निर्माण किया जाएगा।

रिश्वत का प्रस्ताव कॉँग्रेस के सांसद ने दिया था.


झारखण्ड में इस वर्ष 30 मार्च को घोषित राज्यसभा चुनाव रद्द किया जा चुका है और सीबीआई इस मामले की जांच कर रहा है. इस बीच कांग्रेस के एक विधायक ने सोमवार को अपनी पार्टी के राज्यसभा सांसद धीरज साहू पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने पक्ष में मतदान करने के लिए उन्हें वर्ष 2010 में 25 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया था. साहू ने हालांकि इन आरोपों का खंडन किया है. 

बिश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक चंद्रशेखर दुबे ने कहा, "वर्ष 2010 के राज्यसभा चुनाव में धीरज साहू ने मुझे 25 लाख रुपये रिश्वत का प्रस्ताव दिया था." साहू ने इन आरोपों से तत्काल इंकार किया है. उन्होंने कहा, "मैं पार्टी का उम्मीदवार था. मैं अपने पक्ष में मतदान करने के लिए अपनी पार्टी के विधायक को भला घूस क्यों दूंगा."

वर्ष 2010 में राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में कांग्रेस और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार धीरज साहू और के. डी. सिंह विजयी रहे थे. आयकर विभाग के अधिकारियों ने पिछले महीने एक निर्दलीय उम्मीदवार के भाई के वाहन से 2.15 करोड़ रुपये जब्त किए थे. इसके बाद निर्वाचन आयोग ने राज्य में संसद के उच्च सदन के लिए 30 मार्च को होने वाला चुनाव रद्द कर दिया था. आशंका जताई गई थी कि जब्त राशि का इस्तेमाल चुनाव में रिश्वत के रूप में किया जाना था.

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) खरीद-फरोख्त के इन आरोपों की जांच कर रही है. जांच एजेंसी ने चुनावों से पहले कथित खरीद-फरोख्त पर तीन लोगों के खिलाफ एक औपचारिक शिकायत दर्ज की. निर्वाचन आयोग ने अब राज्यसभा की दो सीटों के लिए तीन मई को चुनाव कराने की घोषणा की है. झारखण्ड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने 2010 और 2012 के राज्यसभा चुनाव की सीबीआई जांच की सिफारिश की है. 

रविवार, 22 अप्रैल 2012

नक्सलियों ने मशीनों और वाहनों में आग लगाई.


नक्सलियों ने गिरिडीह जिले में एक सड़क निर्माण कंपनी की मशीनों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि करीब एक दर्जन सशस्त्र नक्सलियों ने कल रात दवातांड़ गांव के पास जमीन काटने की नौ मशीनों और कंपनी के ट्रैक्टरों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. 

पुलिस को संदेह है कि नक्सलियों द्वारा संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के पीछे उन्हें धन देने से इनकार किया जाना एक वजह हो सकती है. गिरिडीह जिले में सड़क निर्माण में शामिल कंपनी को तीन साल पहले भी नुकसान हुआ था जब तीन मशीनों में आग लगा दी गयी थी. मुख्यमंत्री अर्जुन  मुंडा ने हाल ही में गिरीडीह जिले के दौरे के दौरान चेतावनी दी थी कि यदि सड़क की हालत में सुधार नहीं किया गया तो कार्रवाई होगी.

शनिवार, 21 अप्रैल 2012

पीएलए नक्सलियों को प्रशिक्षण दे रहा है.


मणिपुर का प्रतिबंधित संगठन ‘पीपल्स लिबरेशन आर्मी’ झारखंड के नक्सली समूहों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दे रहा है. चाइबासा में सीआरपीएफ सूत्रों ने बताया कि विभिन्न अभियानों के तहत हमने कई बार छापा मारा और सबूत पाए कि मारे गए लड़ाके पूर्वोत्तर के संगठनों के थे. इससे साफ संकेत मिलता है कि पूर्वोत्तर के सशस्त्र विद्रोहियों और झारखंड के नक्सली संगठनों के बीच संबंध है.’ 
    
लातेहार जिले के सरजू जंगलों में केंद्रीय अर्धसैनिक बल और राज्य पुलिस मिल कर नक्सलियों और पीएलए के विद्रोहियों के खिलाफ संयुक्त अभियान चला रहे हैं. अर्ध सैनिक बल के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमें सूचना मिली कि मणिपुर की पीपल्स लिबरेशन आर्मी का एक गुट झारखंड में सक्रिय नक्सली समूहों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण देने के लिए यहां आया. हमारी सूचना के अनुसार, बड़ी संख्या में पीएलए के कैडर यहां वामपंथी चरमपंथियों के गुटों में शामिल होंगे.’
    
सीआरपीएफ के अधिकारी ने दावा किया कि सरजू जंगलों में चलाए जा रहे तलाशी अभियान का कूट नाम ‘ऑपरेशन होप 2’ है. इस माह के शुरू में आरंभ किए गए इस अभियान के दौरान सबूत मिले हैं कि पूर्वोत्तर के समूह यहां प्रतिबंधित नक्सली समूहों के साथ हाथ मिला रहे हैं.

झारखंड,छत्तीसगढ़ के बाद सर्वाधिक नक्सल प्रभावित राज्य है और यहां वामपंथी चरमपंथियों के लाल गलियारे का बड़ा भाग आता है.अधिकारी के अनुसार, यहां पीएलए और अन्य पूर्वोत्तर समूहों की मौजूदगी का मतलब सुरक्षा बलों के लिए अधिक समस्या खड़ी होना है. झारखंड में पलामू और चतरा नक्सल प्रभावित प्रमुख जिले हैं. राज्य के 22 में से 18 जिले नक्सल प्रभावित हैं. यहां छह नक्सली समूह सक्रिय हैं जिनमें से पांच समूह अधिक सक्रिय हैं.