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खेतिहर किसानों के मसीहा ब्रहमेश्वर मुखिया की गोली मारकर ह्त्या.

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शुक्रवार, 1 जून 2012

लालू और पासवान ने की CBI जांच की मांग


राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मुखिया हत्याकांड की जांच सीबीआई से करने की मांग की है, लालू ने कहा कि राज्य सरकार को इस कांड की सीबीआई से जांच कराने के अविलंब आदेश देने चाहिए. उनकी जान पर जब खतरा था तो राज्य सरकार ने उन्हें सुरक्षा क्यों न उपलब्ध करायी. अदालत से जमानत मिलने के बाद ही मुखिया को सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यदि सीबीआई से जांच कराने का निर्देश नहीं देती तो इसका मतलब लगाया जायेगा कि सत्तारुढ गठबंधन इस मामले के लिए दोषी है. सरकार इस मामले को रफा दफा करने का प्रयास नहीं करें. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार बार बार राजद के 15 वर्ष के कार्यकाल का हवाला देकर आलोचना करती है. राजद के कार्यकाल में यह हत्या हुई होती तो लालू प्रसाद पर आरोप लगाया जाता. अब सरकार को जवाब देना चाहिए. लालू ने आरोप लगाया कि इतना बडा कांड हो गया है. सत्तारुढ गठबंधन की ओर से न तो मुख्यमंत्री वहां पहुंचे हैं और न ही उपमुख्यमंत्री. लोगों में इतना आक्रोश है कि डीजीपी को भी विरोध का सामना करना पडा.

उधर लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान ने रणवीर सेना के प्रमुख ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड की निंदा करते हुए शुक्रवार को इस घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। पासवान ने कहा कि ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड की सीबीआई से जांच होनी चाहिए। उनकी हत्या की घटना निंदनीय है। लोकतंत्र में हिंसा को किसी भी प्रकार से उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के सुशासन में विधि व्यवस्था में लगातार गिरावट आती जा रही है। आपराधिक घटनाओं की संख्या में लगातार बढ रही है इसलिए विधि व्यवस्था खराब होने को लेकर मुख्यमंत्री को अपने पद से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। पुलिस मुख्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर घटनाओं की संख्या में बढोतरी की बात स्वीकार की गयी है। पासवान ने लचर कानून व्यवस्था और अपराधियों के बढते हौसले को लेकर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हालात सामान्य होने पर मैं मतक के परिजनों को सांत्वना देने के लिए ब्रह्मेश्वर मुखिया के घर पर जाउंगा।

ब्रह्मेश्वर मुखिया की हत्या से हिसंक हुए समर्थक

बिहार के भोजपुर जिले में शुक्रवार सुबह रणवीर सेना के प्रमुख ब्रह्मोश्वर सिंह उर्फ बरमेसर मुखिया की गोली मार कर हत्या कर दी गई। मुखिया की हत्या के बाद गुस्साए समर्थकों ने जिले में कई जगह पथराव और हिंसा की, जिसके बाद पूरे जिले में क‌र्फ्यू लगा दिया गया। गुस्साए समर्थकों ने मुखिया के शव को उठाने नहीं दिया। हालात पर काबू पाने के लिए आरा में सीआरपीएफ को तैनात कर दिया गया है। इस बीच, गृहमंत्रालय भी जिले की स्थित पर नजर रखे हुए है। वहीं, विपक्ष ने इस मामले की सीबीआइ जांच की मांग की है। उधर, नीतिश कुमार ने राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। प्राप्त जानकारी के अनुसार ब्रह्मोश्वर सिंह की हत्या तब की गई जब वे आरा जिले के नवादा थाना क्षेत्र के कतिरा मुहल्ले में सुबह 4 बजे सैर कर रहे थे। उसी दौरान कुछ हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाई। ब्रह्मोश्वर सिंह ने वहीं दमतोड़ दिया। ब्रह्मोश्वर को लगभग 40 गोलियां लगी हैं।

राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक [विधि व्यवस्था] एस. के़ भारद्वाज ने बताया कि पूरे आरा शहर में धारा 144 लगा दी गई है और उपद्रवियों से सख्ती से निपटने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के पुलिस महानिदेशक अभयानंद घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति तनावपूर्ण जरूर है परंतु धीरे-धीरे इसमें सुधार हो रहा है। जिला प्रशासन सभी लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दे रहा है। इसके अलावा राज्य के जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद सहित रणवीर सेना के प्रभाव वाले क्षेत्रों में पुलिस अलर्ट जारी कर दिया गया है। भारद्वाज के अनुसार आरा में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार हत्या से आक्रोशित लोग आरा में जमकर हंगामा कर रहे हैं। इस हत्या के बाद भीड़ ने कई वाहनों के शीशे तोड़े और आरा में प्रवेश वाली सभी सड़कें जाम कर दीं। पुलिस के अनुसार लोगों ने प्रखंड कार्यालय और शिक्षा परियोजना कार्यालय में आगजनी की व आरा रेलवे स्टेशन पर जमकर तोड़फोड़ की। हत्या से आक्रोशित लोगों ने सड़कों पर हंगामा किया। मुखिया के समर्थकों ने एक डेयरी के वाहन को भी फूंक दिया। हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है।

गौरतलब है कि मुखिया नौ वर्ष जेल में रहने के बाद 2011 में रिहा हुआ था। वर्तमान समय में वह एक किसान संगठन बनाने का काम कर रहा था। मुखिया पर बिहार में हुए कई नरसंहारों को अंजाम देने का आरोप है। मुखिया भोजपुर जिले के खोपिरा गांव का रहने वाला था। मुखिया की बिहार में बड़े व्यापक पैमाने पर निजी सेना का गठन करने वाले व्यक्ति के रूप में पहचान थी। बिहार में नक्सली संगठनों और बड़े किसानों के बीच हो रही लड़ाई के बीच मुखिया ने सितंबर 1994 में एक संगठन बनाया था जिसका नाम रणवीर सेना रखा गया था।

पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में गिरफ्तारी.


झारखंड में दिसंबर और जनवरी में 23 पुलिसकर्मियों की हत्या के सिलसिले में भाकपा माओवादी के ‘‘दस्ते’’ के एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अधीक्षक ने गढ़वा में बताया कि कमलेश उर्फ इंद्रजीत यादव को एक गुप्त सूचना के आधार पर कल गिरफ्तार किया गया. इन मामलों में यह पांचवीं गिरफ्तारी है. 

उन्होंने बताया कि 21 जनवरी को पुलिस अधिकारी राजबली चौधरी की हत्या के बाद उनसे लूटी गयी नौ एमएम की पिस्तौल भी यादव से बरामद की गयी है. उन्होंने बताया कि यादव माओवादी दस्ते मारक दस्ते का सक्रिय सदस्य है. 

बृहस्पतिवार, 31 मई 2012

वरुण ने गया में किया पितरों का तर्पण


भाजपा के नेता एवं उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी ने गुरुवार को गया में अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध एवं तर्पण किया। वरुण ने प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। सुबह के समय गया पहुंचने के बाद वरुण ने विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की। पूजा और श्राद्ध कर्म संपन्न कराने वाले पंडा महेश लाल ने बताया, "गांधी विष्णुपद मंदिर परिसर में अपनी दादी स्वर्गीय इंदिरा गांधी, अपने पिता स्वर्गीय संजय गांधी और अपने चाचा एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी सहित अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके मोक्ष की प्राप्ति के लिए तर्पण किया।" 

इस दौरान जिला और पुलिस प्रशासन ने गांधी की सुरक्षा को लेकर व्यापक प्रबंध कर रखा था। उल्लेखनीय है कि लाखों लोग प्रतिवर्ष अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए गया आते हैं। यहां पहुंचे लोग तर्पण और पिंडदान करते हैं। 

बिहार में गुटखा तम्बाकू पर प्रतिबन्ध


बिहार में अब गुटखा और पान मसालों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। राज्य खाद्य सुरक्षा सह स्वस्थ्य विभाग द्वारा बुधवार को इस सम्बंध में एक अधिसूचना जारी की गई। राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव संजय कुमार द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 'फूड सेटी एंड स्टैंडर्स एक्ट 2006' में तम्बाकू एवं निकोटिन युक्त खाद्य सामग्री पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है, क्योंकि तम्बाकू और निकोटिन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। 

गुटखा और पान मसाले भी ऐसी ही वस्तुएं हैं, जिनमें निकोटिन की मात्रा है। यह प्रतिबंध अधिसूचना जारी होने के साथ ही लागू हो गया जो फिलहाल एक वर्ष के लिए मान्य है। सरकार का मानना है कि बिहार में अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक तम्बाकू का सेवन होता है। गृह विभाग द्वारा एकत्र आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 53.5 प्रतिशत आबादी तम्बाकू या तम्बाकू से बनी चीजों का सेवन करती है, जबकि समूचे देश का औसत मात्र 35 प्रतिशत है। इस अधिसूचना के मुताबिक राज्य में गुटखा और पान मसालों का उत्पादन, भंडारण, बिक्री एवं वितरण नहीं होगा।

जमीन विवाद में बिहार में 4 की ह्त्या


 बिहार के भोजपुर जिले के चौरी थाना क्षेत्र में गुरुवार को जमीनी विवाद और पैसे के लेन-देन में एक ही परिवार के चार लोगों की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। मृतकों में एक महिला भी शामिल है। चौरी थाना के प्रभारी राणा रणविजय सिंह ने बताया कि परहरा गांव में तीन भाइयों में जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर एक भाई ने अपने परिजनों के साथ मिलकर दो भाइयों, भतीजे एवं भाभी की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी।

सिंह के मुताबिक मृतकों में कमलेश राय उनकी पत्नी शांति देवी, पुत्र विकास राय और भाई संत्येद्र राय शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा इस मामले की प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

आम लोग भाजपा से निराश : आडवानी


 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने गुरुवार को कहा कि जनता केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार से नाराज है, लेकिन वह भाजपा से भी निराश है। भाजपा को आत्मनिरीक्षण करने की सलाह देते हुए आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, "मैंने कोर ग्रुप की बैठक में कहा था कि यदि आज लोग संप्रग सरकार से नाराज हैं तो वे हमसे भी निराश हैं। ऐसी स्थिति में आत्म निरीक्षण करने की आवश्यकता है।"

आडवाणी ने लिखा कि पार्टी कार्यकर्ताओं में इन दिनों उत्साह नहीं है। उन्होंने यह भी लिखा कि पार्टी की ओर से जो खामियां रही हैं, उनकी भरपाई भाजपा शासित राज्यों और संसद में सुषमा स्वराज तथा अरुण जेटली के कुशल नेतृत्व से नहीं हो सकती। उन्होंने लिखा कि जब पत्रकार संप्रग पर घोटालों के लिए हमला करते हैं तो वे इस पर भी दुख जताते हैं कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) बेहतर विकल्प के रूप में नहीं उभर रहा। उन्होंने लिखा, "मैं मीडिया में रह चुका हूं और समझता हूं कि यह फिलहाल लोगों की राय बिल्कुल ठीक तरीके से पेश कर रही है।"

बुधवार, 30 मई 2012

खलिहान से चरस  बरामद.


बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में मैनाटांड़ थाना क्षेत्र में सिंहासिनी (रिपीट थाना क्षेत्र में सिंहासिनी) गांव में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक खलिहान में छिपाकर रखा गया करीब सोलह करोड़ रुपये मूल्य का 160 किलोग्राम चरस बुधवार को बरामद किया. 

थानाध्यक्ष  के अनुसार  सिंहासिनी गांव के पास सड़क के किनारे हरि पटेल के खलिहान में छिपाकर रखे गये 160 किलोग्राम चरस बरामद किया गया, जिसका मूल्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 16 करोड रुपये है. एक किलोग्राम चरस का मूल्य करीब 10 लाख रुपये बताई जाती है. उन्होंने बताया कि चरस के पैकेट को नौ बोरियों में बंद कर छिपाकर रखा गया था. यह इलाका नेपाल की सीमा से सटा है. इसलिए आशंका है कि तस्करी के लिए चरस को छिपाकर रखा गया था.इस संबंध में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और मामले की छानबीन की जा रही है.

चलती रेलगाड़ी में गोली मार कर हत्या.  


झारखंड के सीमावर्ती पश्चिम बंगाल के पुरूलिया जिले में मंगलवार रात अपराधियों ने चलती रेलगाड़ी में छत्तीसगढ़ के एक व्यवसाई की गोली मार कर हत्या कर दी।   

रेल पुलिस अधीक्षक  ने आज बताया कि झारखंड के गोमो से बंगाल होते हुए चक्रधरपुर आने वाली एक ट्रेन में बैठे व्यवसाई रामअवतार अग्रवाल (37) को अपराधियों ने रात लगभग साढ़े आठ बजे दक्षिण पूर्व रेलवे के बिरामडीह और उरमा स्टेशन के बीच अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। शव को देर रात झारखंड के चांडिल स्टेशन पर उतारा गया। जिस बोगी में घटना हुई थी उसे अलग करके जांच के लिए रख लिया गया है। व्यवसाईं छत्तीसगढ़ के जांजगीर, चांपा जिले के शक्ति इलाके का रहने वाला था।

घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी ट्रेन की जंजीर खींच कर फरार हो गए। रेल  पुलिस अधीक्षक के  अनुसार   नक्सल प्रभावित इलाका होने के बावजूद इस घटना के पीछे नक्सलियों का हाथ नहीं है बल्कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि रंजिश के चलते हत्या की गई है। मृतक की जेब में पैसे तथा अन्य सामान भी सुरक्षित थे। वह पुरूलिया जिले के बलरामपुर में लाह व्यवसाय के सिलसिले में आता जाता रहता था वह वहीं से ट्रेन में बैठा था। इस मामले की विस्तृत छानबीन की जा रही है। घटना की वजह से रेलगाड़ी को लगभग दो घंटे तक बिरामडीह स्टेशन पर रोक कर रखा गया था।

12 साल में 12 वीं पास हुआ बिहारी बालक.


बिहार के साढ़े 12 साल के सत्यम ने सबसे कम उम्र में न केवल 12वीं की परीक्षा पास की, बल्कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी-ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (आईआईटी-जेईई) की इस साल की परीक्षा भी पास कर ली। बिहार में भोजपुर जिले के बखोरापुर गांव के 12 साल छह महीने के सत्यम को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की परीक्षा में 85 प्रतिशत अंक मिले हैं। इसके साथ ही वह सबसे कम उम्र में 12वीं पास करने वाले छात्र हो गए हैं। सत्यम के चाचा रामपुकार सिंह ने आईएएनएस से फोन पर कहा, "सीबीएसई के अधिकारियों ने हमें बताया कि सत्यम 12वीं की परीक्षा पास करने वाले सबसे कम उम्र के छात्र हैं। हम उसकी सफलता से बहुत खुश हैं। यह हमारे परिवार, गांव तथा राज्य के लिए गर्व की बात है।"

सत्यम ने आईआईटी-जेईई की परीक्षा भी मुम्बई जोन से पास कर ली है। उन्हें 8,137वां रैंक मिला है। लेकिन वह किसी आईआईटी संस्थान में दाखिला नहीं लेंगे, बल्कि अगले साल और बेहतर रैंकिंग के लिए परीक्षा देंगे, जिसकी तैयारी में वह अभी से जुट गए हैं। उधर, सत्यम के गांव में भी खुशी का माहौल है। लोग मिठाइयां बांटकर और पटाखे जलाकर अपनी खुशी का इजहार कर रहे हैं। सत्यम के किसान पिता सिद्धनाथ सिंह बेटे की उपलब्धि से खुश हैं। उन्होंने कहा कि उनका बेटा बचपन से ही होनहार है। सत्यम इस वक्त राजस्थान के कोटा शहर में आईआईटी-जेईई के कोचिंग सेंटर में पढ़ाई कर रहे हैं। वह वहां अपने छोटे भाई और चाचा के साथ रहते हैं। सत्यम ने कोटा के ही मॉर्डन स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की है।

लालू करायेंगे लकी का इलाज


एक गरीब के काम आये राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद। वे अपने पैसे से लकी का इलाज करायेंगे। बताते चलें कि पेशे से मजदूर संतोष कुमार ने अपने ढाई वर्षीय बेटे का नाम लकी कुमार रखा, लेकिन उनका मासूम पुत्र जल्द ही भयंकर बीमारी के चपेट में आ गया। चिकित्सकों ने उसके दिल में छेद होने की बात कही। जबतक संतोष के पास पैसे थे, उसने अपने बेटे का इलाज एक निजी अस्पताल में कराया। पर जब कोई फ़ायदा नहीं हुआ और फ़िर उसके पैसे खत्म हो गये तो चिकित्सकों ने पीएमसीएच के इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में जाने की सलाह दी। जहां एक बार फ़िर चिकित्सकों ने लकी को दिल्ली के एम्स में ले जाने की सलाह दी।

पैसे की कमी होने के कारण संतोष कुमार अपने बेटे को दिल्ली ले जाने में असफ़ल रहा। उसने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्यमंत्री, स्थानीय विधायक अरूण कुमार सिन्हा से लेकर रामविलास पासवान तक से गुहार लगायी, लेकिन किसी ने भी उसकी पुकार नहीं सुनी। उसके पास श्रम विभाग द्वारा दिया गया स्मार्ट कार्ड भी था, लेकिन अस्पतालों में उस कार्ड की कोई अहमियत नहीं होने से उसे निराश हो जाना पड़ा। इस संबंध में एक स्थानीय अखबार द्वारा समाचार प्रकाशित किये जाने के बाद सूबे के श्रमिक संगठनों ने श्रम विभाग के खिलाफ़ धरना प्रदर्शन भी किया। लेकिन संतोष के बेटे लकी का इलाज तब भी संभव नहीं हुआ।

संतोष ने कल दिल्ली रवाना होने से पहले अपना बिहार को बताया कि उसे कुछ लोगों ने लालू प्रसाद के बारे में बताया कि वे अभी पटना में हैं, जाकर मिल लो। संतोष ने बताया कि लालू जी ने उसके बेटे का जीवन बचाने का वादा किया है। उन्होंने अपने पैसे से इलाज कराने की बात कही है। उन्होंने पांच हजार रुपये पटना से दिल्ली आने और फ़िर अपने आवास 25 जनपथ का पता दिया है।

साभार : अपना बिहार डोट ओ आर जी 

नवीन  पटनायक  के  खिलाफ  बगावत.


ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजेडी) की पटनायक सरकार खतरे में पड़ती नजर आ रही है। पार्टी के 25 से ज्यादा विधायकों, 4 मंत्रियों ने सांसद प्यारी मोहन महापात्रा के घर भुवनेश्वर में बैठक की और उन्हें अपना समर्थन दिया है। ये मुश्किल तब आई है जब मुख्यमंत्री नवीन पटनायक आधिकारिक दौरे पर लंदन में हैं। सूत्रों का कहना है कि बागी नेता कांग्रेस के संपर्क में हैं।

बीजेडी नेता प्यारी मोहन महापात्रा पर इस बगावत को हवा देने का आरोप है। प्यारी राज्यसभा सांसद हैं और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के मुख्य राजनीतिक सलाहकार भी। पार्टी पर कब्जे को लेकर प्यारी और नवीन में बीते साल भर से खटपट चल रही है। मंगलवार को नवीन की गैरहाजिरी में प्यारी ने अपने आवास पर बीजेडी विधायकों की बैठक बुलाई। बैठक में पहुंचे 25 विधायकों और तीन मंत्रियों ने प्यारी को अपना समर्थन दिया है।

सूत्रों का कहना है कि प्यारी ने बैठक में मौजूद विधायकों से लिखित में समर्थन लिया है। हालांकि बैठक में शामिल विधायकों ने बगावत की बात को सिरे से नकार दिया। बगावत की बू आते ही नवीन समर्थकों ने भी देर रात बैठक बुलाई जिसमें 20 से ज्यादा विधायक शामिल हुए। नवीन समर्थकों ने पार्टी में बगावत का पुरजोर विरोध किया। ओडिशा विधानसभा की 147 सीटों में से 103 बीजेडी के खाते में हैं। अगर बागी नेता नई सरकार बनाने की कोशिश करते हैं तो उन्हें 73 विधायकों की जरूरत होगी। ऐसे हालात में कांग्रेस के 26 विधायक बागी गुट को समर्थन दे सकते हैं।  

12 साल से ओडिशा की गद्दी संभाल रहे नवीन पटनायक के खिलाफ बगावत का ये पहला मौका है और वो भी तब सामने आया है जब वो आधिकारिक दौरे पर लंदन में हैं। सूत्रों का कहना है कि सियासी हलचल की जानकारी मिलते ही नवीन ने अपना दौरा बीच में छोड़कर लौटने का फैसला लिया है। इस बीच कहा जा रहा है कि प्यारी अपने समर्थकों के साथ आज राज्यपाल से मिल सकते हैं।

आरोप साबित तो सार्वजनिक जीवन छोड़ दूंगा


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने टीम अन्ना द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज  करते हुए मंगलवार को कहा कि अगर उनके खिलाफ आरोप साबित हो जाए तो वह सार्वजनिक जीवन छोड़ देंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े आरोप सही पाए गए तो वह सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोयला ब्लाक के आवंटन में अनियमितताओं के बारे में तथ्यों को जाने बिना गैरजिम्मेदाराना तरीके से आरोप लगाए जा रहे हैं।

म्यामां से वापस लौटते हुए मनमोहन ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप यदि साबित हुए तो मैं अपना सार्वजनिक जीवन छोड़ दूंगा। वित्त मंत्री, राज्यसभा में विपक्ष के नेता और अब प्रधानमंत्री के तौर पर मेरा लंबा सार्वजनिक जीवन एक खुली किताब है।
मनमोहन  सिंह ने कहा कि अगर इनमें रत्तीभर भी सचाई हुई, तो मैं अपने सार्वजनिक जीवन का त्याग कर दूंगा। इसके साथ ही जनता को इस बात के लिए तैयार रहना चाहिए कि क्या देश में इस तरह की राजनीति से शासन होगा।

टीम अन्ना के सदस्यों प्रशांत और शांति भूषण द्वारा पिछले सप्ताह लगाए गए आरोपों पर प्रधानमंत्री की यह पहली प्रतिक्रिया है। टीम अन्ना के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ पहली बार भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनके कोयला मंत्री के पद पर रहते हुए ब्लाक्स के आवंटन पर सीएजी की मसौदा रिपोर्ट का हवाला दिया। सिंह ने उनके और उनके मंत्रिमंडल के 14 सदस्यों के खिलाफ टीम अन्ना द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण और गैरजिम्मेदाराना बताया।

मंगलवार, 29 मई 2012

पूर्व मुखिया और पूर्व जिला पार्षद की हत्या.


बिहार के बेगूसराय जिले में मंसूरचक थाना क्षेत्र में करीब आधा दजर्न अज्ञात अपराधियों ने मंगलवार दोपहर बाद सुजावलपुर चौक के पास अंधाधुंध गोलीबारी कर एक पूर्व मुखिया और पूर्व जिला पार्षद की हत्या कर दी।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक स्कार्पियों पर सवार पूर्व जिला पार्षद अरविंद चौधरी और बछवाड़ा के पूर्व मुखिया तथा कांग्रेस नेता जगजीत झा की अज्ञात अपराधियों ने घेर कर स्वचालित हथियारों से गोलीबारी कर हत्या कर दी। इस घटना में चालक रामबालक शर्मा भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उन्होंने बताया कि अपराधी हथियारों से लैस होकर एक बोलेरो और मोटरसाइकिल पर सवार होकर आये थे। चौधरी अपने ईंट भट्ठा से घर लौट रहे थे। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी फरार हो गये।

घटना के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है। पुलिस दल पर उग्र ग्रामीणों ने पथराव भी किया। अन्य थानों की पुलिस भी को भी घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। स्थानीय ग्रामीण घटना के विरोध में शव को पुलिस को कब्जे में नहीं लेने दे रहे हैं।

राहुल भट्टाचार्य को लिटरेचर ओंडात्जे पुरस्कार



भारतीय युवा लेखक राहुल भट्टाचार्य ने मंगलवार को प्रतिष्ठित रॉयल सोसाइटी ऑफ लिटरेचर ओंडात्जे पुरस्कार 2012 जीता। उनकी पुस्तक 'द स्लाइ कम्पनी ऑफ पीपुल हू केयर' को पुस्कार के लिए चुना गया। विजेता की घोषणा करते हुए निर्णायक निक लेयर्ड ने कहा, "तकरीबन प्रत्येक पृष्ठ में छोटा-मोटा शैलीगत घुमाव या आनंददायक क्षण का वर्णन है जो मुझे उनकी प्रशंसा करने से नहीं रोक पाता।" ओंडात्जे पुरस्कार एक वार्षिक सम्मान है जो कथा लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। यह पुस्कार ब्रिटेन की सोसाइटी ऑफ लिटरेचर की ओर से दिया जाता है।


भट्टाचार्य की पहली कथाकृति को पिछले वर्ष हिंदू लिटरेचर प्राइज दिया गया था। उनकी इस कृति का चयन मैन एशियन लिटरेचर प्राइज-2011 के लिए तथा राष्ट्रमंडल पुस्तक पुस्कार-2012 के लिए भी किया गया था। ओंडात्जे पुरस्कार की दौड़ में अन्य कृतियां थीं जूलिया ब्लैकबर्न्‍स की 'थिन पाथ्स', तेजू कोले की 'ओपन सिटी', पॉल फारले और माइकेल सीमोंस रॉबर्ट्स की 'एजलैंड्स', ओलिविया लेंग्स की 'टू द रिवर' तथा टिम रॉबिन्सन की 'कोनेमारा'। निर्णायक मंडल में निक लेयर्ड, माइकेल रॉबर्ट्स और कामिला शैम्सी शामिल थे।

भट्टाचार्य की पुस्तक प्रवासियों के जीवन पर आधारित एक उपन्यास है जिसमें एक युवा भारतीय पत्रकार के उन दिनों की कहानी है जब उसने गुयाना में एक साल बिताने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी थी। भट्टाचार्य का जन्म 1979 में मुम्बई में हुआ था। इस समय वह दिल्ली में रहते हैं। वह विसडेन और क्रिसिन्फो जैसे प्रकाशनों में क्रिकेट पर लिखते हैं।

झारखण्ड में 10 नक्सली पर इनाम घोषित


झारखण्ड सरकार ने राज्य में सक्रिय 10 नक्सलियों पर तीन लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक के नकद इनाम घोषित किए हैं। यह जानकारी एक अधिकारी ने मंगलवार को दी। राज्य के गृह विभाग के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, "झारखण्ड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने 10 नक्सलियों पर इनाम राशि को मंजूरी दे दी है। गृह विभाग ने मंजूरी के लिए एक प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास भेजा था। ये सभी 10 नक्सली हत्या, फिरौती और अन्य आरोपों सहित आतंकवादी गतिविधियों के लिए वांछित हैं।"

सभी 10 नक्सली प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से सम्बंधित हैं।  राज्य सरकार की विशेष शाखा (राज्य खुफिया) ने राज्य के गृह विभाग को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें 10 नक्सलियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने लायक सूचना देने के लिए नकद इनाम का प्रावधान था। गृह विभाग ने प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री से अंतिम मंजूरी मांगी थी। इन 10 नक्सलियों में जोनल कमांडर सुशील भूइया और इंदल यादव शामिल हैं। राज्य सरकार ने इन दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम रखा है। तीन अन्य नक्सलियों में सब जोनल कमांडर सत्येंद्र पासवान, प्रमोद पासवान और विनोद यादव हैं। राज्य सरकार ने इन तीनों पर तीन-तीन लाख रुपये के इनाम रखे हैं।

एनडी तिवारी का ब्लड सैंपल ले लिया गया


पितृत्व विवाद में उलझे वयोवृद्ध कांग्रेसी नेता एनडी तिवारी का मंगलवार को ब्लड सैंपल ले लिया गया। ब्लड सैंपल लेने न्यायिक व शासनिक अधिकारियों की एक टीम मंगलवार को उनके घर पहुंची थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने तिवारी का बेटा होने के रोहित शेखर (३२) के दावे की सत्यता जांचने के लिए कांग्रेसी नेता को डीएनए जांच के लिए र का नमूना देने का आदेश दिया था। ब्लड लेने के समय तिवारी के घर पर जिला जज और दिल्ली हाईकोर्ट के जोइंट रजिस्ट्रार, देहरादून सिविल हॉस्पिटल के एक सर्जन और एक पैथोलोजिस्ट सहित पांच सदस्यीय लेबोरेटरी टीम उनके घर पर मौजूद थी। याचिकाकर्ता रोहित और उनकी मां भी वहां मौजूद थीं। इससे पहले तिवारी के घर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी।

सुीम कोर्ट ने पितृत्व विवाद मामले में तिवारी की याचिका खारिज कर दी थी। याचिका में तिवारी ने अनुरोध किया था कि इस मामले में डीएनए टेस्ट कराए जाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाए। न्यायाधीश जीएस सिंघवी और एस.जे मुखोपाध्याय की अवकाश कालीन खंडपीठ ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री की याचिका खारिज कर दी।


(राजेन्द्र जोशी)

मीडिया की स्वतंत्रता का गला घोंटने का प्रयास.


राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सोमवार को आरोप लगाया कि बिहार में वर्तमान नीतीश सरकार मीडिया की स्वतंत्रता का गला घोंटने का प्रयास कर रही है और वह इसके खिलाफ मुहिम चलायेंगे।

लालू ने यहां कहा कि नीतीश सरकार सरकारी विज्ञापनों के नाम पर बिहार में प्रेस की आजादी का गला घोंटने का प्रयास कर रही है। राजद इसके खिलाफ मुहिम चलायेगा। पार्टी विभिन्न अखबारों के संपादकों से मिलकर स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से काम करने का अनुरोध करेगी।

भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कण्डेय काटजू ने इसकी छानबीन के लिए एक समिति भी बनाई है। राजद सुप्रीमो ने कहा कि नीतीश सरकार के कार्यकाल में न निवेश हुआ है न ही एक भी यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ है। शिक्षा के हालात भी बदतर हैं और गुणवत्ता गिरती जा रही है।

राजद बुद्धिजीवियों की तथ्यान्वेषण समिति बनायेगा और जनता के समक्ष सचाई पेश करेगा। लालू ने कहा कि पूर्ववर्ती राजद सरकार में मीडिया के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं किया गया। मुख्यमंत्री निवास में मीडियाकर्मियों को बेधड़क आवाजाही की स्वतंत्रता थी। आज कोई पत्रकार सरकार की नाकामी या घोटाले का खुलासा करता है, तो सरकार के दबाव में उस पर कार्रवाई होती है। लालू यादव ने कहा कि मैं हमेशा प्रेस की आजादी का हिमायती रहा हूं। कांग्रेस के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र ने जब प्रेस विधेयक पेश किया तो उसका विरोध मैंने किया। प्रेस को ईमानदारी और जवाबदेही के साथ अपना काम करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ जदयू के विधायक आपराधिक कांडों को अंजाम दे रहे हैं। गोपालगंज में शराब व्यवसायी की हत्या और पटना में रंगदारी वसूली में जदयू के विधायकों का नाम आ रहा है लेकिन मुख्यमंत्री को उनके खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं हो रही है। केवल 15 वर्ष राजद के कार्यकाल का नाम लेकर कोसने से जनता को धोखा नहीं दिया जा सकता। अपने कर्मो से बिहार की राजग सरकार जाने वाली है।

मजहब के आधार पर आरक्षण से इन्कार.


आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को तगड़ा झटका देते हुए मजहब के आधार पर आरक्षण देने से इन्कार कर दिया है। यूपी चुनावों के दौरान केंद्र ने ओबीसी के 27 फीसद कोटे से साढ़े चार फीसद आरक्षण देने की घोषणा की थी जो सभी अल्पसंख्यक वर्गो के लिए थी। इसे मुस्लिम वोट बैंक को लुभाने का प्रयास माना गया था। ऐन वक्त पर की गई घोषणा पर आयोग ने विस चुनावों तक इसके अमल पर रोक लगा दी थी। सरकार ने नतीजे घोषित होने के साथ ही इसे लागू कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश मदन बी. लॉकर और न्यायमूर्ति पीवी संजय कुमार की खंडपीठ ने कहा कि सरकार इसे लागू करने के ठोस आधार नहीं दे पाई है। आरक्षण के अमल में आने के बाद आइआइटी में करीब 400 छात्रों का चयन हो गया। अब केंद्र द्वारा दिए गए इस आरक्षण का विरोध होना शुरू हो गया है। पिछड़ी जाति कल्याण संगठन के अध्यक्ष आरके कृष्णन्नैया ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र के फैसले को चुनौती दी है। संगठन के वकील केआर रेड्डी ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले से आइआइटी के दाखिलों पर असर पड़ सकता है।

कोर्ट ने पाया कि पहले मसौदे में कहा गया है कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग कानून की धारा 2(सी) में परिभाषित अल्पसंख्यकों से संबंध रखने वाले शैक्षणिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के नागरिकों के लिए साढ़े चार प्रतिशत का आरक्षण तय किया जाता है। दूसरे ओएम के जरिए अल्पसंख्यकों के लिए कोटे में कोटा बना दिया गया। खंडपीठ ने कहा कि सहायक सॉलीसिटर जनरल ने ऐसा कोई साक्ष्य पेश नहीं किया जो अल्पसंख्यकों के सजातीय समूह वाले पिछड़े वर्ग के तौर पर किए गए वर्गीकरण को जायज ठहराता हो। लिहाजा, हम यह मानते हैं कि मुस्लिम, इसाई, बौद्ध और पारसी एक सरीखे समूह नहीं हैं।

 पीठ ने ध्यान दिलाया कि मसौदे में इस्तेमाल किए गए अल्पसंख्यकों से संबंध रखने वाले या अल्पसंख्यकों के लिए जैसे शब्दों से संकेत मिलता है कि साढ़े चार फीसद कोटा केवल मजहब के आधार पर बनाया गया है। लिहाजा, हमारे पास साढ़े चार प्रतिशत आरक्षण को खारिज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इससे पहले केंद्र सरकार ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि अल्पसंख्यकों को उनके पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण दिया गया, न कि मजहब के आधार पर। हाई कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस ने कहा कि पहले निर्णय को पढ़ा जाएगा और जरूरत महसूस होने पर ही टिप्पणी की जाएगी।

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा अल्पसंख्यक आरक्षण खारिज किए जाने के साथ ही सपा व दूसरे संगठनों ने केंद्र की नीयत पर ही सवाल उठा दिए हैं। उनका कहना है कि नापाक मंशा से सरकार की तरफ से उठाए गए इस कदम का यही हश्र होना था। इस बीच, कोर्ट के इस फैसले पर कानून मंत्री सलमान खुर्शीद मंगलवार को सरकार की ओर से स्पष्टीकरण देने की सोच रहे हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के कौमी सदर सैयद मौलाना अरशद मदनी ने कहा, जब आंध्र प्रदेश सरकार की तरफ से आरक्षण के इसी तरह के मामले में सुप्रीम कोर्ट की रोक लग चुकी थी तो केंद्र को जल्दबाजी में ऐसा फैसला नहीं करना चाहिए था। खासतौर से कानून मंत्रालय को तो सतर्क होना चाहिए था। सरकार यदि वाकई अब भी इस मसले पर गंभीर है तो उसे अपने फैसले की खामियों को दूर कर फिर से ठोस पहल करनी चाहिए। सपा के राज्यसभा सदस्य चौधरी मुनव्वर सलीम ने कहा, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के ऐन मौके पर जिन लोगों [कांग्रेस व केंद्र सरकार] ने पिछड़ों के कोटे के भीतर कोटे का इंतजाम किया, उनकी नीयत नापाक थी।

सोमवार, 28 मई 2012

IIT-JEE और AIEEE की नई परीक्षा प्रणाली लागू


वर्ष 2013 से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), एनआईटी और आईआईआईटी जैसे शिक्षा संस्थानों में दाखिले के लिए इच्छुक विद्यार्थियों को एक नई प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस प्रक्रिया में कक्षा बारहवीं की परीक्षा के परिणामों को भी शामिल किया जाएगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने सोमवार को तीनों संस्थानों के संयुक्त परिषद की एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यह घोषणा की।

नई परीक्षा मौजूदा आईआईटी-जेईई और एआईईईई जैसी परीक्षाओं को हटा देगी। नई पद्धति के तहत परीक्षार्थी एक मुख्य परीक्षा देंगे और उसी दिन एक एडवांस परीक्षा देंगे। केंद्रीय सहायता पर चलने वाले सभी संस्थानों में दाखिले के लिए 40 फीसदी महत्व 12वीं परीक्षा परिणाम को दिया जाएगा। शेष 60 फीसदी अंक में से आधा-आधा महत्व मुख्य परीक्षा और एडवांस परीक्षा को दिया जाएगा।