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खेतिहर किसानों के मसीहा ब्रहमेश्वर मुखिया की गोली मारकर ह्त्या.

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बृहस्पतिवार, 24 नवम्बर 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

 जिनके नाम निशाँ है, तिन अटकावै कौन 
पुरुष खजाना पैया, मिटि गया आवा गौन
-कबीर-

बुधवार, 23 नवम्बर 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

माया तो ठगनी भी, ठगत फिरै सब देस 
जा ठग ने ठगनी ठगी, ता ठग को आदेश 

-कबीर-

सोमवार, 21 नवम्बर 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

 माया मन की मोहिनी, सुर नर रहे लुभाय ।
इन माया सब खाइया, माया कोय न खाय।। 
-कबीर-

रविवार, 20 नवम्बर 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

काम क्रोध मद लोभ की, जब लग घाट में खान। 
कबीर मूरख पंडिता, दोनों एक सामान।।

-कबीर-   

शनिवार, 19 नवम्बर 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

दीपक सुन्दर देख करि, जरि-जरि मरे पतंग।
बढ़ी लहर जो विषय की, जरत न मोरै अंग ।।

-कबीर-  

शुक्रवार, 18 नवम्बर 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

निर्मल गुरु के नाम सों, निर्मल साधू भाय 
कोइला होय न ऊजला, सौ मन साबुन लाय

-कबीर-  

बृहस्पतिवार, 17 नवम्बर 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

न्हाए धोए क्या भया, जो मन मिला न जाय
मीन सदा जल में रहै, धोए बॉस न जाय 

- कबीर-

सोमवार, 16 मई 2011

दोहे और उक्तियाँ !!



स्वारथ सुख सपनेहूं अगम, परमारथ न प्रवेश।
राम नाम सुमरत मिटहिं, तुलसी कठिन कलेश॥

(गोस्वामी तुलसी दास)

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शनिवार, 14 मई 2011

दोहे और उक्तियाँ !!


ऐसी बानी बोलिए मन का आपा खोय।

औरों को शीतल करे आपौ शीतल होय॥



- कबीर -

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बुधवार, 11 मई 2011

दोहे और उक्तियाँ !!


आपु आपु कह सब भलो, अपन कहे कोई कोई।

तुलसी सब कह जो भलो, सुजन सराहहिं सोई॥



(गोस्वामी तुलसी दास)

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मंगलवार, 10 मई 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

प्रेम प्रेम सब कोई कहे प्रीत न जाने कोय।
आठ पहर बहता रहे प्रेम कहावे सोय॥


- कबीर -
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शुक्रवार, 6 मई 2011

दोहे और उक्तियाँ !!


तुलसी या संसार में, सबसे मिलिए धाय।

ना जाने किस भेस में, नारायण मिल जाय॥


(गोस्वामी तुलसी दास)

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बृहस्पतिवार, 5 मई 2011

दोहे और उक्तियाँ !!


रहिमन रिस को छौडि के, करौ गरीबी भेस।

मीठो बोलो नै चलो, सबै तुम्हारो देस॥



- रहीम -


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सोमवार, 2 मई 2011

दोहे और उक्तियाँ !!


माया तो ठगनी बनी ठगत फिरे सब देश।

जा ठग ने ठगनी ठगी तो ठग को आदेश॥



- कबीर -

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शनिवार, 30 अप्रैल 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

तिनका कबहुं न निन्दिए, जो पायन तर होय।

कबहुंक उडि आंखन परै, पीर घनेरी होय॥



- कबीर -

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शुक्रवार, 29 अप्रैल 2011

दोहे और उक्तियाँ !!


मोर मोर सब कह कहहि, तू तो कह निज नाम।

कै चुप साधहि सुन समुझ हैं तुलसी जपु राम॥



- कबीर -

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बृहस्पतिवार, 28 अप्रैल 2011

दोहे और उक्तियाँ !!


कबीरा गर्व न कीजिए, काल गहे कर केस।

न जानौं कित मारिहै, क्या घर क्या परदेस॥




- कबीर -

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बुधवार, 27 अप्रैल 2011

दोहे और उक्तियाँ !!


जो जल बाढ़ें नाव में, घर में बाढ़ै दाम।

दोऊ हाथ उलीचिए, यह सज्जन को काम॥



- कबीर -

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मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

दोहे और उक्तियाँ !!


माया छाया एक सी बिरला जाने कोय।

भगतां के पाछे लगे सन्मुख भागे सोय॥



- कबीर -

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शुक्रवार, 15 अप्रैल 2011

दोहे और उक्तियाँ !!


तुलसी मीठे वचन ते, सुख उपजत चहुं ओर।

वशीकरन यह मन्त्र है, तज दे वचन कठोर॥




(गोस्वामी तुलसी दास)