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खेतिहर किसानों के मसीहा ब्रहमेश्वर मुखिया की गोली मारकर ह्त्या.

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बुधवार, 30 मई 2012

जोहरा सहगल और रमेश सिप्पी को IIFA अवॉर्ड


वयोवृद्ध अभिनेत्री जोहरा सहगल और फिल्म निर्माता रमेश सिप्पी को भारतीय सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान के लिए 13वें इंटरनेशल इंडियन फिल्म एकेड़मी (आईफा) में लाइफटाइम एचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। 

आइफा अवॉर्ड समारोह का आयोजन सात से नौ जून के बीच सिंगापुर में किया जाना है। 'शोले' व 'सीता और गीता' जैसी सुपरहिट फिल्में दे चुके सिप्पी ने एक बयान जारी कर कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहचान एक सम्मान है। मैं सचमुच सम्मानित महसूस कर रहा हूं कि मेरे काम को पहचान मिली। 

जोहरा जो 27 अप्रैल को 100 साल की हुईं हैं, ने नृत्य, अभिनय और थियेटर के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्हें 100 साल के भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए विशेष अवॉर्ड दिया जाएगा। विजक्राफ्ट इंटरनेशनल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सब्बास जोसेफ ने कहा कि इन महत्वपूर्ण व्यक्तियों को सम्मानित करने से अधिक सौभाग्य की बात हमारे लिए और कुछ नहीं है, जिन्होंने अपना जीवन भारतीय सिनेमा को समर्पित कर दिया और जुनून के साथ दुनियाभर के लोगों का मनोरंजन.

शनिवार, 26 मई 2012

शाहरुख के खिलाफ याचिका पर 21 को सुनवाई


आईपीएल क्रिकेट मैच के दौरान ध्रूमपान करने के आरोपी सिने अभिनेता शाहरुख खान के खिलाफ दायर याचिका पर अगली सुनवाई 21 जून को करेगी। शाहरुख खान के अधिवक्ता वी आर बाजवा ने अदालत में कहा कि शाहरुख खान ने सार्वजनिक स्थल पर ध्रूमपान कर गलती की है, इसके लिए जुर्माना भरने को तैयार हैं। उन्होंने अदालत में सुनवाई के दौरान शाहरुख खान की व्यक्तिगत उपस्थिति की हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र भी पेश किया। 

सिने अभिनेता शाहरुख खान के सार्वजनिक स्थल पर ध्रूमपान करने के खिलाफ इस्तगासा पेश करने वाले आनंद सिंह ने शाहरुख खान के वकील की ओर से लगाई गई व्यक्तिगत हाजिरी माफी के प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा कि शाहरुख खान की मौजूदगी अनिवार्य है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील को सुनने के बाद सुनवाई की अगली तिथि 21 जून मुर्करर की। इस दिन शाहरुख खान की व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी नहीं है। गौरतलब है कि अदालत ने गत 26 अप्रैल को आनंद सिंह की ओर से पेश किये इस्तगासे पर सुनवाई करने के बाद अगली सुनवाई आज 26 मई को तय की थी। आनंद सिंह ने आठ अप्रैल को जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रायल्स के बीच गये मैच के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक सिने अभिनेता शाहरुख खान पर खुले में सिगरेट पीने का मामला इस्तगासे के माध्यम से अदालत में पेश किया था। 

मंगलवार, 22 मई 2012

हॉलीवुड की फिल्म में अमिताभ बच्चन .


 अमिताभ बच्चन हॉलीवुड की एक फिल्म में संक्षिप्त भूमिका में दिखेंगे। फिल्म द ग्रेट गेट्सबाई में अमिताभ एक छोटी सी भूमिका कर रहे हैं। बतौर अमिताभ यह भूमिका इतनी छोटी है कि अगर दर्शकों का ध्यान थोड़ा सा इधर-उधर हुआ, तो वह दिखेंगे भी नहीं। यह फिल्म एफ. स्कॉट फिट्जगेराल्ड के उपन्यास द ग्रेट गेट्सबाई का 3डी रूपांतरण है।

अमिताभ का कहना है कि यह उनके लिए सौभाग्रय की बात है कि उन्रहें टोबी मैग्वरे के साथ काम करने का मौका मिला। टोबी मैग्वरे लियोनार्दो डी कैप्रियो और स्पाइडरमैन की भूमिका के लिए मशहूर हैं। अमिताभ के मुताबिक यह फिल्रम एक काफी बड़े बजट की है, जिसे बनाने में 12.5 करोड़ डॉलर लगेंगे। इसमें वह मेयर वूल्मशेल्फ की भूमिका निभा रहे हैं।

अमिताभ बच्चन इस छोटी सी भूमिका को लेकर भी उत्साहित हैं। रोल भले ही छोटा है, लेकिन उनकी भूमिका मजेदार होगी। अब तो यह फिल्म देखकर ही पता लगेगा। वैसे एक छोटा रोल अमिताभ कुछ सोच-समझकर ही करेंगे। जरूर ही कुछ खास है। 

शनिवार, 19 मई 2012

महिलाओं की सकारात्मक छवि पेश करे.

सिनेमा के पर्दे पर सशक्त भारतीय नारी का प्रतिनिधित्व करने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री शबाना आजमी का कहना है कि समाज की बेहतरी के लिए यह निर्देशकों की जिम्मेदारी है कि वह फिल्मों में महिलाओं को सही अर्थों में पेश करे।

उन्होंने कहा, '''आज के समय में जब लड़कियों को जन्म के समय पर सिर्फ इसलिये मार दिया जाता है कि वे लड़कियां हैं तो ऐसे समय में सिनेमा की यह जिम्मेदारी है कि महिलाओं की सकारात्मक छवि पेश करे। ताकि लोग लड़कियों को बोझ न समझें।''

शबाना ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि हर फिल्म में महिला सशक्तिकरण की बात कही जाए लेकिन अंतर्निहित संदेश को मनोरंजन के आवरण में पेश किया जाए। वैसे भी बॉलीवुड में महिलाओं की भूमिका में परिवर्तन देखा गया गया। विद्या बालन की 'डर्टी पिक्टर' एवं 'कहानी' इसकी गवाह हैं। 

शुक्रवार, 18 मई 2012

राज्यसभा में कॉपीराइट विधेयक पारित.


कॉपीराइट विधेयक राज्यसभा में पारित होने के बाद बॉलीवुड ने इसके लिए गीतकार जावेद अख्तर के प्रयासों की सराहना की है।

अख्तर कॉपीराइट कानून में बदलाव की मुहिम में जुटे थे। उनकी मांग थी कि संगीत से होने वाली कमाई का एक हिस्सा संगीत निर्देशक और लेखकों को भी मिले। कॉपीराइट अधिनियम में संशोधन का विधेयक गुरुवार को राज्यसभा में पारित हुआ और अब इसे लोकसभा में पेश किया जाएगा। 

जावेद की पत्नी शबाना आजमी सहित कैलाश खेर, सोनू निगम, रोहित राय आदि ने सरकार के इस कदम की सराहना की है। शबाना ने कहा कि गीतकारों और संगीत निर्देशकों को कमाई का 12 प्रतिशत दिलाने के लिए जावेद की मुहिम के दिशा में यह ऐतिहासिक कदम है।  

रविवार, 13 मई 2012

बिग बी ने किसानो को कर्ज चुकाने में मदद की.


अमिताभ ने महाराष्ट्र के वर्धा जिले के करीब 90 किसानों को उनका कर्ज चुकता करने के लिए चेक भेंट किया जिससे वह अपना कर्ज चुका सकें.  बिग बी के चेक 24 अन्य जरूरतमंद किसानों के घरों तक भी पहुंचाए जाएंगे. 

जिले के 20 से अधिक गांवों से जरूरतमंद किसानों का चयन वर्धा और मुम्बई के रोटरी क्लब ने किया है. ये चेक कुल 30 लाख रुपये के हैं जो बच्चन ने दानस्वरूप दिए हैं.

वर्धा के रोटरी क्लब के सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष महेश मकोलकर ने बताया, "जब बच्चन ने किसानों के लिए दान देने की इच्छा जताई तब हमने इन गांवों में जाकर पता लगाया कि किस किसान पर कितना कर्ज है. इसके बाद हमने उन्हें 300 से अधिक किसानों की सूची भेजी."  उन्होंने बताया कि सूची भेजे जाने के बाद बच्चन के प्रतिनिधियों ने इन गांवों का दौरा किया और जानकारी का सत्यापन किया. उन्होंने सूची में कटौती कर 114 किसानों के नाम रखे.

मकोलकर ने कहा, "यहां शनिवार को हुए एक समारोह में लगभग 90 किसानों को चेक सौंप दिए गए. हमने उन किसानों तक चेक भिजवाने की व्यवस्था की जो समारोह में आने में सक्षम नहीं थे." पूरे देश में विदर्भ ऐसा क्षेत्र है जहां सबसे ज्यादा किसानों ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या की है. वहीं सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद आत्महत्याओं का सिलसिला बदस्तूर जारी है. कहने का तात्पर्य यह है कि इतनी बड़ी आपदा के बावजूद भी अभी तक सरकार ने किसानों के हित में कोई सीधा कदम नहीं उठाया है.  ऐसे में बिग बी के इस कदम से जहां विदर्भ के उन किसानों को राहत मिलेगी वहीं सरकार को इससे बहुत कुछ सीख मिलेगी. 
   

बुधवार, 9 मई 2012

रहमान डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित.


 
ग्रैमी और ऑस्कर विजेता  ए आर रहमान को अमेरिका में मियामी विश्वविद्यालय के 173वें वाषिर्क समारोह के दौरान संगीत में डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया. यह समारोह ओहियो प्रांत के ऑक्सफोर्ड में येगर स्टेडियम में आयोजित किया गया था. रहमान को चौथी बार डॉक्टरेट की उपाधि मिली है. इससे पहले रहमान को यह सम्मान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अन्ना विश्वविद्यालय और ब्रिटेन के मिडिलसेक्स विश्वविद्यालय से यह सम्मान मिल चुका है. 

रहमान ने अपने संबोधन में कहा कि मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिनकी मेरी जिंदगी में अहम भूमिका रही है- मेरे पिता और मेरी मां ने मुझे अच्छे मूल्य दिए. फिल्मकार मणिरत्नम का भी मैं शुक्रिया अदा करूंगा जिन्होंने अपनी फिल्म ‘रोजा’ में मुझे ब्रेक देकर विश्व सिनेमा के लिए द्वार खोले. रहमान ने कई हिट फिल्मों जैसे ‘बॉम्बे’, ‘दिल से’, ‘ताल’, ‘लगान’, ‘जोधा अकबर’, ‘दिल्ली 6’ और ‘रॉकस्टार’ में संगीत दिया है. हाल ही में रहमान रोलिंग स्टोन लीजेंड माइक जैगर, जोस स्टोन, डैमियन मार्ले और डेव स्टीवर्ट के साथ उनके अंतरराष्ट्रीय बैंड सुपरहेवी के लिए काम कर चुके हैं.

रविवार, 6 मई 2012

रवि किशन ने भोजपुरी सिनेमा से किया किनारा

भोजपुरी फिल्मों से कैरियर की ऊंचाईयां छूने वाले सुपर स्टार रवि किशन अब भोजपुरिया परदे पर नजर नहीं आएंगे। करीब 165 फिल्में कर चुके अभिनेता के इस निर्णय से भोजपुरिया दर्शकों को करारा झटका लग सकता है। भोजपुरी सिनेमा से जुड़े लोगों का कहना है कि कम फिल्में मिलने की वजह से वे भोजपुरी सिनेमा छोड़ रहे हैं।

रवि किशन ने बुधवार को मुंबई में भोजपुरी सिनेमा छोड़ने का ऐलान कर दिया है। हिंदी फिल्मों में काम मिलने के बाद वे धीरे-धीरे भोजपुरी से विमुख होने लगे हैं। भोजपुरी में पहली फिल्म ‘सईयां हमार’ से कैरियर शुरू करने वाले रवि किशन ने एक के बाद एक दर्जनों सुपर हिट फिल्में दी हैं। भोजपुरी में करीब 165 और हिंदी में 50 फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता की भोजपुरी भाषियों में अलग पहचान है। जौनपुर के मूल निवासी रवि किशन भोजपुरी के हर नामचीन निर्माता-निर्देशक के साथ काम कर चुके हैं।

भोजपुरी में दिनेश लाल निरहुआ और मनोज तिवारी के साथ 'गंगा जमना सरस्वती' की शूटिंग कर रहे रवि किशन ने मोबाइल पर बताया कि भोजपुरी फिल्मों को राष्ट्रीय पुरस्कार न मिल पाने का उनको बेहद दुख है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी को छोड़ने का मतलब मां को छोड़ना है। लेकिन भोजपुरी को कमाई का जरिया बना चुके लोगों को अच्छा संदेश देने के लिए यह फैसला कर रहे हैं।

शनिवार, 5 मई 2012

दादा साहेब फाल्के अकादमी पुरस्कार.


अमिताभ बच्चन, अभिनय सम्राट दिलीप कुमार, उनकी पत्नी सायरा बानो, वरिष्ठ कलाकारों तनूजा और विनोद खन्ना तथा अन्य को मुम्बई में  दादा साहेब फाल्के अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. बृस्पतिवार की रात यहां हुए एक समारोह में बच्चन को फाल्के रत्न पुरस्कार मिला, जबकि सायरा बानो और दिलीप कुमार को सरस्वतीबाई फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया. वरिष्ठ कलाकारों तनूजा और विनोद खन्ना को महिला एवं पुरुष श्रेणी में ‘लेजेंडरी एक्टर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.

वहीदा रहमान को फाल्के आइकन सिने आर्टिस्ट अवॉर्ड से नवाजा गया. राम गोपाल गुप्ता को ‘फाल्के सीनियर मोस्ट प्रोड्यूसर’ और गुरुदास मान को ‘फाल्के वर्सेटाइल सिंगर’ पुरस्कार मिला, जबकि नीला देवी (शम्मी कपूर की पत्नी) को ‘फाल्के गोल्डन इरा’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. युवा कलाकारों में विद्या बालन को ‘फाल्के मेमोरेबल परफाम्रेस’ (द डर्टी पिक्चर), अजय देवगन को ‘आउटस्टैंडिंग फरफाम्रेस’ (सिंघम) के लिए अवॉर्ड मिला. परिणिति चोपड़ा और पाकिस्तानी गायक से अभिनेता बने अली जाफर को क्र मश: महिला एवं पुरुष वर्ग में ‘फाल्के न्यू टैलेंट’ के लिए पुरस्कार मिला. 

फरहान अख्तर को सर्वश्रेष्ठ व्यावसायिक फिल्म (जिंदगी ना मिलेगी दोबारा), प्रकाश राज को ‘फाल्के वर्सेटाइल सिने स्टार’ के लिए पुरस्कार से नवाजा गया. एकता कपूर को ‘फाल्के आइकन प्रोड्यूसर’ (फिल्म एवं टेलीविजन क्षेत्र) के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया. पुरस्कारों के अतिरिक्त बिग बी ने दादा साहेब फाल्के की मोम से बनी प्रतिमा का अनावरण किया जिन्होंने भारत की सबसे पहली फीचर फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ का 1913 में निर्माण और निर्देशन किया था. दादा साहेब फाल्के अकाडमी पुरस्कार भारतीय सिनेमा के जनक दादा साहेब फाल्के के नाम पर दिए जाते हैं. यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भिन्न है.

बृहस्पतिवार, 3 मई 2012

सौमित्र चटर्जी को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार.


गुरुवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारेह में बांग्ला अभिनेता सौमित्र चटर्जी को 2011 के लिए भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. 77 वर्षीय इस अभिनेता ने 1959 में सत्यजीत रे की फिल्म 'अपूर संसार' में पहली बार काम किया था. चटर्जी ने तपन सिन्हा, मृणाल  सेन, अजय कार और तरुण मजुमदार की फिल्मों समेत चार सौ से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया है.

चटर्जी की प्रमुख फिल्मों  में अपूर संसार, देवी, खुदितो पाषाण, दीन कन्या, अभिजान, चारुलता, कापुरुष, आकाश कुसुम, अरनयर दिनरात्रि, आशानि संकेत, सोनार केला, जोय बाबा फेलुनाथ, हीरक राजार देशे, गणशत्रु, शाखा प्रोशाखा, पदाक्षेप और अंगशुमानेर शोबी हैं.

फीचर फिल्म श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार संयुक्त रूप से निर्माता अभिजीत घोलप व निर्देशक उमेश विनायक कुलकर्णी की मराठी फिल्म 'देउल' और निर्माता टीएच अल्ताफ हुसैन व निर्देशक सुवीरम की 'ब्यारी' (ब्यारी भाषा) को दिया जाएगा. इस पुरस्कार में स्वर्ण कमल और 2,50,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है.

गैर फीचर फिल्म श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार निर्माता व निर्देशक प्रमोद पुर्सवाने की 'एंड वी प्ले ऑन' (हिंदी व अंग्रेजी) है. इस पुरस्कार में स्वर्ण कमल और 1,50,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है. सिनेमा श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ लेखन के लिए हार्पर कॉलिंस इंडिया द्वारा प्रकाशित और अनिरुद्ध भट्टाचार्य व बालाजी वित्तल की लिखी गई पुस्तक 'आरडी बर्मन-द मैन, द म्यूजिक' को मिलेगा. असम के मनोज बरपुजारी को सर्वश्रेष्ठ फिल्म समालोचक के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा.

फीचर फिल्म श्रेणी में पांच फिल्मों ने तीन-तीन पुरस्कार जीते हैं. द डर्टी पिक्चर (हिन्दी), बाल गंधर्व (मराठी), अन्हे घौड़े दा दान (पंजाबी), देउल (मराठी) और रंजना आमी आर आश्बो ना (बांग्ला). छह फिल्मों ने दो-दो पुरस्कार जीते हैं. चिल्लर पार्टी (हिन्दी), अझग्रसामयीन कुथिराई(तमिल), आरण्यकंदम (तमिल), फिजीगी मानी (मणिपुरी), जिंदगी ना मिलेगी दोबारा (हिन्दी) और गेम (हिन्दी).

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार देउल (मराठी) के लिए गिरीश कुलकर्णी और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार द डर्टी पिक्चर (हिन्दी) के लिए विद्या बालन को दिया जाएगा. इसके अलावा फिल्म राजा हरिश्चंद्र के पहली बार प्रदर्शन के 100वें वर्ष की शुरुआत होगी. इसके साथ ही 59वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह भारतीय सिनेमा का शताब्दी वर्ष समारोह की शुरुआत करेगा. गौरतलब है कि पूर्व में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार राष्ट्रपति की ओर से प्रदान किए जाते रहा हैं, लेकिन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल विदेश दौरे पर हैं. इस मौके पर सूचना व प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगी.

सोमवार, 30 अप्रैल 2012

अचला सचदेव का पुणे के अस्पताल में निधन.


मशहूर अभिनेत्री अचला सचदेव का आज पुणे के एक अस्पताल  में निधन हो गया। उनको पिछले साल सितंबर में हॉस्पिटल में भर्ती करवाय़ा गया था जब वह अपने घर में गिरी थीं और उनके पैर टूट गए थे। उसके बाद एमआरआई स्कैन से पता चला था कि उनके हार्ट और ब्रेन में ब्लड जम गया था। बॉलीवुड में गुमनामी के अंधेरे में जीते-जीते अचला ने आज अपनी अंतिम सांसें ली। 

अचला सचदेव  काफी दिनों से बीमार चल रही थीं पर बॉलीवुड से कोई उनको देखने नहीं गया। उनके पारिवारिक दोस्त राजीव नंदा अकेले उनकी देखभाल किया करते थे। अचला सचदेव  ने फिल्म वक्त, चांदनी और दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे सहित अन्य यादगार फिल्मों में काम किया है।  

शुक्रवार, 27 अप्रैल 2012

मशहूर कलाकार जोहरा सहगल १०० वर्ष की हुईं.


मशहूर कलाकार जोहरा सहगल 100 साल की हो गई हैं. ज़ोहरा सहगल का जन्म 27 अप्रैल, 1912 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुआ था. भारतीय सिनेमा की लाडली कहलाने वाली जोहरा के जीवन की यादें भी उतनी ही रंगीन हैं, जितना की भारतीय सिनेमा. फिल्म उद्योग के अनुभवी लोगों का भी यही कहना है कि जोहरा का जीवन, ज्ञान और आकर्षण के प्रति उत्साह लगातार नई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा, इसका कोई मुकाबला नहीं है.  ज़ोहरा हम दिल दे चुके सनम, दिल से और चीनी कम जैसी कई फिल्मी में आईं। वह अंतिम बार संजय लीला भंसाली की सांवरिया में नजर आई थीं।

वर्ष 2008 में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनपीएफ)-लाडली मीडिया अवार्डस ने उन्हें 'सदी की लाडली' के रूप में नामित किया था. अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाली जोहरा फिलहाल दिल्ली में अपनी बेटी और मशहूर ओडिशी नर्तकी किरण सहगल के साथ रहती हैं. 1994 में उन्हें कैंसर होने का पता चला, लेकिन उन्होंने इस जानलेवा बीमारी का बहादूरी से सामना किया.

युवा अवस्था में जोहरा नृत्य को लेकर खासी उत्साही थी. सिनेमा के साथ भी उनका रिश्ता 1935 में नृत्य के कारण उदय शंकर के सम्पर्क में आने के बाद जुड़ा और उन्होंने उनके साथ कई वर्षो तक काम किया. उदय शंकर के डांस ट्रूप के साथ उन्होंने जापान, मिस्र, यूरोप और अमेरिका सहित कई देशों में अपनी प्रस्तुतियां दीं. बाद में वह कई वर्षों तक ब्रिटेन में रहीं और अंग्रेजी फिल्मों में भी काम किया. बाद में वह अलमोरा में नृत्य की अध्यापक बनकर चली गई, जहां उनकी मुलाकात पेंटर और नर्तक कमलेश्वर सहगल से हुई. दोनों ने शादी कर ली.

जोहरा को विशेष रूप से 'भाजी ऑन द बीच' (1992), 'हम दिल दे चुके सनम' (1999), 'बेंड इट लाइक बेकहम' (2002), 'दिल से..'(1998) और 'चीनी कम' (2007) जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए जाना जाता है. इसके अलावा वह पहली ऐसी भारतीय हैं, जिसने सबसे पहले अंतर्राष्ट्रीय मंच का अनुभव किया. उन्होंने 1960 के दशक के मध्य में रूडयार्ड किपलिंग की 'द रेस्कयू ऑफ प्लूफ्लेस' में काम किया. 1990 के दशक में लंदन से भारत लौटने से पहले जोहरा ने 'द ज्वेल इन द क्राउन', 'माय ब्यूटीफुल लाउंडेरेटे', 'तंदूरी नाइट्स' और 'नेवर से डाइ' जैसे टेलीविजन कार्यक्रमों में भी काम किया.

जोहरा पुरस्कारों के मामले में भी अभिनेत्री किसी से पीछे नहीं हैं. उन्हें 1998 में पद्मश्री, 2001 में कालीदास सम्मान, 2004 में संगीत नाटक अकादमी और 2010 में पद्म विभूषण से नवाजा गया. जोहरा सहगल की बहन उजरा बंटवारे के बाद पाकिस्तान चली गई थीं. इसके बाद 40 सालों तक दोनों बहनें नहीं मिल पाईं. आखिरकार 1980 के दशक में दोनों बहनों की मुलाकात दिल्ली में हुई. ली मेरिडियन होटल की संचालक हरजीत कौर चरनजीत सिंह ने ‘एक थी नानी’नामक एक नाटक में इन दोनों बहनों को एक मंच पर लाने के लिए अथक प्रयास किया था.

शुक्रवार, 6 अप्रैल 2012

अमिताभ को UNESCO सम्मानित करेगा.


महानायक अमिताभ बच्चन पोलियो के खिलाफ अभियान में यूनिसेफ के ब्रांड एम्बेस्डर हैं। उन्हें पोलियो उन्मूलन संबंधी उनके कार्यों के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। 

अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा, ''मैंने यूनिसेफ का दूत होने के नाते पोलियो के खिलाफ लड़ाई के लिए जो काम किया, उसके लिए यह संगठन मुझे सम्मानित करेगा। आप जानते हैं कि पोलियो उन्मूलन के क्षेत्र में हमने अपेक्षाकृत उत्साहजनक उपलब्धियां हासिल की हैं।''

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने फरवरी में पोलियो क्षेत्र वाले देशों की सूची से भारत का नाम हटा दिया था। अमिताभ को खुशी है कि पिछले साल देश में पोलियो का एक भी मामला नहीं मिला। उन्होंने कहा, ''पोलियो उन्मूलन अभियान शुरू होने के बाद से पहली बार ऐसा हुआ है कि पूरे एक साल तक देश में इस बीमारी का कोई मामला सामने नहीं आया। बरसों तक इस बीमारी की चपेट में रहे हमारे देश के लिए यह अद्भुत उपलब्धि है।''

स्वास्थ्य मंत्रालय व यूनिसेफ के सहयोग से सामाजिक एवं ग्रामीण शोध संस्थान ने एक अध्ययन किया था। इसके मुताबिक निचले सामाजिक-आर्थिक तबके के पांच साल उम्र के बच्चों के 73.6 प्रतिशत अभिभावकों को अमिताभ वाला पोलियो टीवी विज्ञापन याद है।

मंगलवार, 3 अप्रैल 2012

कोलकाता को संजोये "कहानी" (समीक्षा)


"कहानी " फिल्म कई कारणों से लोगो के जहन में कई दिनों तक रहेगी. कुछ इसे विद्या बालन की एक्टिंग के कारण याद रखेगे, कुछ सुजोय घोष के निर्देशन के कारण , कुछ कोलकाता को नए सिरे से दर्शको के सामने पेश किये जाने के कारण याद करेगे . बहुत वर्षो के बाद कोलकाता को केंद्र में रख कर कोई फिल्म पूरी तरह से फिल्माई गई है. इस फिल्म के शुरुआत में कहानी जितनी सरल दिखती है दर्शको को , आगे बहते -बहते कहानी एक थ्रिलर बन जाती है. हर लम्हा कहानी का एक नया सिरा दर्शको के सामने खोलता है. कैसे एक साधारण सी लगने वाली एक कंप्यूटर इंजिनीयर गर्भवती स्त्री अंत में अपने पति की मौत का बदला लेनेवाली एक आर्मी ऑफिसर की विधवा निकलती है .यह दर्शको को अंत में चौका देता है .सिस्टम द्वारा इस्तेमाल होते होते सिस्टम को ही इस्तेमाल कर जानेवाली एक साधारण सी औरत की ये असाधारण कहानी है. विद्या बालन की दमदार एक्टिंग के कारण इस फिल्म को चलने में काफी मदद मिलेगी. पूरी फिल्म विद्या अपने कंधे पे ले कर चलती है. इस फिल्म में बंगाल के कलाकारों को दर्शको के सामने अपना हुनर दिखने का काफी मौका मिला. 

कोलकाता पुलिस अधिकारी की भूमिका में राना ( परमब्रता चटर्जी ) और बोब (सास्वत चटर्जी ) एक कांट्रेक्ट किलर की भूमिका में दर्शको के दिल में अपनी जगह बनाने में कामयाब हो गए है. एक बंगाली पुलिस बाबु की भूमिका को परमब्रता चटर्जी ने जिस सहजता के साथ निभाया है वह काबिले तारीफ है. बोब ने भी एक कांट्रेक्ट किलर की भूमिका को बिना किसी लाउडनेस के निभाया है उससे उसकी एक्टिंग क्षमता का परिचय तो मिलता ही है. साथ ही साथ दर्शको को एक नए तरह का किलर देखने को मिलता है जो आम हिंदी सिनेमा के क्रिमिनल से बहुत अलग है.निर्देशक सुजय घोष ने फिल्म के साथ काफी एक्सपेरिमेंट किया है जैसे बेकग्राउंड में बागला गानों का रेडियो में बजना , शूटिग नए कोलकाता की जगह पुराने कोलकाता में करना , दुर्गा पूजा को बेकग्राउंड में रख कर कहानी को आगे बढ़ाना सब कुछ एक शहर के मिजाज़ को ध्यान में रख कर किया गया है. ट्राम ,टैक्सी , रिक्शे का इस्तेमाल करना . विद्या बालन का राना को पाव मरना और राना का उसे नमस्कार करना ये कोलकाता की सभ्यता का एक महत्वापूर्ण अंग है जो अब ख़तम होता जा रहा है. 

कुछ लोगो को विद्या और राना के बीच में पनपे हुए प्रेम को समझना अटपटा लगा हो. पर प्यार एक भावनात्मक निर्णय है और शादी एक प्रक्टिकल. हम किसी को उसके साहस , बुद्धिमानी और कोम्मित्त्मेंट के कारण भी प्यार कर सकते है. जरूरी नहीं है की प्यार किसी khoobsurat लड़की के साथ ही किया जाये जो अपनी बाली उम्र में हो. यह भी जरूरी नहीं है कि जिसे आप प्यार कर उसे बाहों में लेकर झूमे और पेड़ के आगे- पीछे चक्कर काटे . प्यार का मतलब चुप- चाप एक दूसरे की मदद करना भी हो सकता है बिना किसी शारीरिक प्रतिबधता के . इस फिल्म के बाद शायद इस विषय पर एक बहस छिड सकती है कि "आत्मिक प्रेम" जो आज के समाज बे एक outdated विषय बन गया है वो शायद इस फिल्म के बाद फिर से जीवित हो जाये. राना और विद्या का प्रेम भी कुछ इस तरफ दौड़ता नज़र आ ta है इस फिल्म में , तभी तो विद्या जब भाष्करण के खिलाफ सबूत छोड़ कर जाती है राना के नाम तब खान उसके इस कार्य को समझने में असफल रहता है. इंटेलीजेन्स अफसर ए खान की भूमिका में नवाज़ुद्दीन छा गए . एक काम से काम रखनेवाले इंटेलीजेन्स अफसर की भूमिका में खान जो एक गर्भवती औरत को भी अपना मकसद पूरा करने के लिए इस्तेमाल करने में जरा सा भी नहीं चूकता है और राना को सलाह देता है कि "प्यार अच्छी चीज है पर इसका इस्तेमाल सही जगह किया जाना चाहिए" नवाज़ुद्दीन हर जगह अपने कद से उचा दिखे . 

गाना लोगो को पसंद आ रहा है चाहे वो "आमी सोत्ती बोल्ची " या " एकला चोलो रे " अभिताभ बच्चन की आवाज़ में लोगो को काफी पसंद आ रहा है. बिना किसी आइटम नंबर के या बिदेशी लोकेशन के यह फिल्म दर्शको को अपनी ओर खीच रहा है. कोलकाता की संस्कृति ,गालिओ और उसके मिजाज़ को समझने में यह फिल्म दर्शको को बहुत मदद करेगा . डर्टी पिक्चर, इश्किया और पा की सफलता के बाद यह फिल्म विद्या बालन को अग्रिम पंक्ति की हेरोइन में लाकर खड़ा कर के रख देगा . खाटी देशी लुक के साथ विद्या जो अपील रखती है उससे लगता है वो आज की माडर्न विदेशी लुक रखनेवाली हेरोइने को वो लबे समय के लिए टक्कर देगी आनेवाले दिनों में . "अल्लादीन "," होम डेलिवेरी" और झंकार बीट जैसी फिल्मो के बाद "कहानी" फिल्म की सफलता के बाद सुजय घोष को लम्बे समय तक के लिए याद किया जाये गा. विशाल -शेखर का संगीत जानदार है . कोलकाता के लिए भी लोग इसे वर्षो याद रखेगे . 



---माधवी श्री---

शुक्रवार, 30 मार्च 2012

रवि किशन के साथ अंग्रेजन हिरोईन.



ब्रिटेन की मॉडल हेजेल आगामी फिल्म 'जीना है तो ठोक डाल' में भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार रवि किशन के साथ दिखेंगी। हेजेल ने इस फिल्म में रवि किशन को रिझाने के लिए साड़ी भी पहनी है। इससे पहले हेजेल 'एमपी-3-मेरा पहला पहला प्यार', 'यू, मी और हम' और 'डोनो या..न जाने क्यों' में काम कर चुकी हैं।


हेजेल ने माधुरी दीक्षित के नक्शे-कदम पर चलते हुए इस फिल्म में साड़ी में एक उत्तेजक नृत्य भी किया है। यह नृत्य माधुरी की फिल्म 'बेटा' के गीत 'धक-धक करने लगा' से प्रेरित लगता है। 'जीना है तो ठोक डाल' अपराध जगत पर आधारित फिल्म है। इसका निर्देशन मनीष वात्सल्य ने किया है। उसमें अपराध के अलावा बदलते बिहार की छवि है।


बृहस्पतिवार, 22 मार्च 2012

सौमित्र चटर्जी को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार.

भारतीय सिनेमा में अहम योगदान के लिए बंगाली अभिनेता सौमित्र चटर्जी को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। सौमित्र चटर्जी ने मशहूर निर्देशक सत्यजीत रे की कई फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाई है। 

दादा साहेब फाल्के अवार्ड ज्यूरी ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए 77 वर्षीय चटर्जी के नाम पर मुहर लगा दी है। जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। पहले इस सालाना अवार्ड के लिए बॉलीवुड के चरित्र अभिनेता प्राण के नाम की भी चर्चा थी। 

चटर्जी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1959 में सत्यजीत रे की फिल्म अपूर संसार से की थी। उन्होंने रे की 14 फिल्मों में काम किया। इनमें देवी, चारुलता और घरे बाइरे शामिल हैं। सोनार केल्ला और जय बाबा फेलूनाथ जैसी फिल्मों में वह जासूस प्रदोष मित्रा की भूमिका में नजर आए। ये सभी फिल्में उनके शानदार अभिनय के लिए जानी जाती हैं। रे के अलावा चटर्जी ने तपन सिन्हा [क्षुधितो] पाषाण और मृणाल सेन [महापृथ्वी], गौतम घोष और ऋतुपर्णो घोष जैसे प्रख्यात निर्देशकों के साथ भी काम किया। चटर्जी को 2004 में पद्म भूषण से नवाजा गया था। 

शुक्रवार, 16 मार्च 2012

तीन दशक बाद दरभंगा में ध्रुपद.


करीब तीन दशक के लंबे अंतराल के बाद बिहार में दरभंगावासियों को फिर से ध्रुपद संगीत की विभिन्न शैलियों को सुनने का शानदार मौका मिलेगा। 

स्पिक मैके के दरभंगा चैप्टर द्वारा कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार एवं पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, कोलकाता के सहयोग से कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के सिनेट हॉल में आगामी 20-21 मार्च को दो दिवसीय ध्रुपद समारोह का आयोजन किया गया है।

स्पिक मैके के दरभंगा चैप्टर के समन्वयक सुनील कुमार मिश्रा एवं विश्वविद्यालय के कार्यक्रम संयोजक डां0 रीता सिंह ने शुक्रवार को बताया कि छात्रों को भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं संस्कृति और सभ्यता से अवगत कराने के उद्देश्य से ध्रुपद समारोह का आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के दरबार हॉल में ध्रुपद की अलापचारी एवं पखावज की थाप गुंजने की तैयारी पूरे जोरों पर है।
मिश्रा ने कार्यक्रम की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि अंतर राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गुरूओं में पंडित अभय नारायण मल्लिक जहां गौरवानी शैली में पुत्र संजय कुमार मल्लिक के साथ अपनी अलापचारी प्रस्तुत करेंगे, वहीं दूसरी तरफ पंडित रामाशीष पाठक पखावज पर ताल मात्रा की सुमधुर मिश्रण घोलेंगे। पुणे से पधार रहे पंडित उदय भावलकर जी डागरवानी शैली की प्रस्तुति देंगे। 

डां. सिंह ने बताया कि इसके अलावा पंडित रामकुमार मल्लिक एवं पंडित प्रेम कुमार मल्लिक दरभंगा घराने की अलापचारियों से श्रोताओं को मुंत्रमुग्ध करेगे। तार वाद्य में सुरबहार की झंकार पं. पुष्पराज कोष्टी एवं विदेशी तारवाद्य चंलों पर ध्रुपद के अलापचारियों को सुनाने विदुषी नैन्सी कु लकर्णी भी इस मौके पर उपस्थित रहेगी। इस मौके पर स्पिक मैके के संस्थापक और पद्मश्री डां. किरण सेठ और राज्य के कला संस्कृति विभाग के निदेशक विनय कुमार उपस्थित रहेंगे।

बुधवार, 22 फरवरी 2012

सैफ के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज.


बॉलिवुड ऐक्टर सैफ अली खान  के खिलाफ मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में मारपीट का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने सैफ के खिलाफ धारा 325 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। उनके दो दोस्तों को सह - अभियुक्त बनाया गया है। आरोप है कि सैफ ने साउथ अफ्रीका के भारतीय मूल के बिजनसमैन इकबाल एम. शर्मा नाम के शख्स के साथ मारपीट की है और उसी की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। खबरों के अनुसार , यह घटना मंगलवार रात की है। आरोप है कि सैफ ने इकबाल की नाक पर घूंसा मारा। कोलाबा के ताज होटेल के वसाबी रेस्तरां में सैफ की झड़प हुई। 

मुंबई पुलिस ने भी पुष्टि की है कि सैफ और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एसीपी इकबाल शेख ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित की नाक की हड्डी टूट गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सैफ से पूछताछ की जाएगी और अगर जांच में उन्हें दोषी पाया जाता है तो उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस ने बताया कि जब टीम पूछताछ के लिए गई तो सैफ घर पर मौजूद नहीं थे। सैफ की ओर से अभी तक इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है और फिलहाल वह कहां है इसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। 

 इकबाल एम शर्मा ने  बताया , ' रेस्तरां में सैफ अपने दो दोस्त के साथ मौजूद थे। वहीं साथ वाली टेबल पर वह अपने परिवार के साथ बैठे थे। सैफ और उनके दोस्त जोर-जोर से बातें कर रहे थे। इस पर उन्होंने उन लोगों से धीरे बात करने को कहा। इस बात पर तैश खाते हुए सैफ ने कहा कि ' तुम जानते नहीं मैं कौन हूं। तुम एक इडियट हो औऱ अगर तुम्हें शांति चाहिए तो किसी लाइब्रेरी में जाकर बैठ जाओ। ' शर्मा ने बताया , इसके बाद कहासुनी से बात मारपीट तक पहुंच गई। सैफ ने शर्मा की पिटाई कर दी जिससे उनकी नाक टूट गई और उनके चेहरे पर गंभीर चोट आई। उन्होंने बताया कि उनके अलावा उनके ससुर के साथ भी मारपीट की गई और उन्हें भी काफी चोटें आई हैं। 

2008 में भी पटियाला में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान फोटोग्राफर के साथ मारपीट करने के आरोप में सैफ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सैफ के माफी मांगने के बाद इस मामले को खत्म कर दिया गया था। इससे पहले सैफ राजस् ‍ थान में काले हिरण शिकार में मामले में विवादों में रहे थे। गौरतलब है कि सैफ के होम प्रॉडक्शन की फिल्म एजेंट विनोद 23 मार्च को रिलीज़ हो रही है। फिल्म में सैफ करीना कपूर के साथ लीड रोल में हैं। 

शनिवार, 11 फरवरी 2012

भोजपुरी अभिनेत्री रूबी ने की ख़ुदकुशी.



भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री रूबी सिंह ने शुक्रवार को उपनगरीय क्षेत्र गोरेगांव में किराए के अपने फ्लैट में कथित रूप से आत्महत्या कर ली. पुलिस उपायुक्त एम पाटिल ने कहा कि पटना की रहने वाली 25 वर्षीय रूबी सिंह उस समय घर में अकेली थी और उसने फांसी लगा ली. घटना का पता तब लगा जब रूबी का एक मित्र उससे मिलने आया. बार-बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने जबरन दरवाजा खोल दिया.


इसके बाद उसे रूबी का शव दिखा जो सीलिंग फैन से लटक रहा था. उसने एक पत्र छोड़ा है जिसमें उसने कहा है कि उसकी आत्महत्या के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाए. पुलिस के अनुसार उसके अभिभावकों को सूचित कर दिया गया है. वे एक दो दिनों में मुंबई पहुंचेंगे.

शुक्रवार, 10 फरवरी 2012

बॉलीवुड फिल्म निर्माता ओपी दत्ता का निधन.


मशहूर बॉलीवुड पटकथा लेखक और फिल्म निर्माता ओपी दत्ता का उपनगरीय अंधेरी के कोकिलाबेन अस्पताल में निमोनिया के कारण निधन हो गया। 

डॉक्टर राम नारायण के मुताबिक कल रात लगभग नौ बज कर 30 मिनट पर उनका निधन हो गया। दत्ता को सात फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था कल उन्होंने निमोनिया के कारण दम तोड़ दिया।

फिल्म निर्माता ओपी दत्ता ने अपने कैरियर की शुरूआत एक निर्देशक के तौर पर वर्ष 1948 में ‘प्यार की जीत’, फिल्म से की थी। बाद में उन्होंने ‘सूरजमुखी’ (1950), ‘एक नजर’ (1951), मालकिन (1953), आंगन (1959) और अन्य फिल्मों का निर्देशन किया।

बाद में दत्ता अपने बेटे जेपी दत्ता की फिल्में जैसे ‘गुलामी’ (1985), ‘हथियार’ (1989), ‘बॉडर’ (1997), ‘रिफ्यूजी’   ‘एलओसी कारगिल’   के लिए पटकथा लिखी । उनकी अंतिम लिखी हुई फिल्म वर्ष 2006 में आयी ‘उमराव जान’ की रीमेक थी।