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खेतिहर किसानों के मसीहा ब्रहमेश्वर मुखिया की गोली मारकर ह्त्या.

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सोमवार, 25 अप्रैल 2011

दोहे और उक्तियाँ !!


कायरता एक प्रकार की कमजोर दिली है ।यह एक प्रकार का भय है।

एक कायर व्यक्ति जन-क्रियाओं और किसी भी साहसिक कार्य के लिये

योग्य नहीं होता। वह अपनी जिन्दगी मे कभी भी सफल व्यक्ति नही बन

सकता। वह अपने बडों से कभी भी निडरता से बात नही कर सकता।

वह अपने ग्राहकों से भी निडरता से बात नहीं कर सकता। वह जनता के

विचारों से डरता है। इससे उसकी उन्नति रुकती है और सफलता मे बाधा

आती है। कायरता को साहस विकसित करके ही दूर किया जा सकता है।



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शनिवार, 23 अप्रैल 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

हमेशा अपने चेहरे पर मुसकराहट बनाये रखे भले ही हमें

ऐसा प्रयत्न पूर्वक् करना पडे़। हम इसे कैसे भी शुरु करें।

आप उस गुण को अपने अन्दर मान ले जो आप में नही है।

यदि कोई अच्छी आदत है जिसे आप विकसित करना चाहते हैं,

ऐसी क्रिया कीजिये जैसे वह गुण आपके अन्दर है। धीरे-धीरे

यह वास्तविकता हो जायेगी ।यहां तक कि यदि आपको

मुसकराना पसन्द नही है फिर भी किसी तरह से मुसकरायें

और आप स्वत: ही आनन्दित महसूस करेंगे।



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शुक्रवार, 22 अप्रैल 2011

दोहे और उक्तियाँ !!

निराशा एक महामारी और छूत की बीमारी के समान है। लोगों के पास

बहुत पैसा है पर वे सदा निराश रहते हैं। वे हमेशा विषाद्ग्रस्त और

चिडचिडे रहते हैं। वे सदैव वेदना से भरे हुए हैं। एक दुखी व्यक्ति चारों

ओर वेदना और निराशा ही फैलाता है। उसका मन किसी कार्य में

नही लगता। नैराश्य उसकी सारी शक्ति छीन लेता है। इसके विपरीत

प्रसन्नता के विषय मे सोचिये प्रसन्न व्यक्ति सदैव हंसता रहता है

और सभी को प्रसन्न बनाये रखता है।


(स्वामी शिवानन्द)