ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी नज़रबंद , पदक भी छिना !! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 6 अक्टूबर 2010

ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी नज़रबंद , पदक भी छिना !!

भारतीय पहलवान अनिल कुमार से पटखनी खाने के बाद अभद्र इशारा करने वाले ऑस्ट्रेलियाई पहलवान  हसन फकीरी से उनका रजत पदक छीन लिया गया है। राष्ट्रमंडल खेल समाप्त होने तक उन्हें एक कमरे में नजरबंद कर रखा जाएगा। यही नहीं ऑस्ट्रेलिया लौटने पर उन्हें बतौर सजा कुछ समय तक सामुदायिक सेवा भी करनी होगी।

क्रिकेट में अक्सर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी अपनी हरकतों की वजह से बदनाम रहे हैं। इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में कंगारू पहलवान हसन फकीरी उनकी राह पर चलते नजर आए। 

मंगलवार को भारतीय पहलवान अनिल कुमार से 96 किग्रा वर्ग के ग्रीको रोमन मुकाबले में हार के बाद फकीरी रजत पदक के दावेदार थे। लेकिन, अंपायर को भद्दा इशारा करने की वजह से उन्हें अयोग्य करार दिया गया और रजत पदक से वंजित होना पड़ा। फकीरी का बुरा व्यवहार यहीं नहीं थमा। हार के बाद उन्होंने कुमार से हाथ मिलाने से इंकार कर दिया। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने अंपायर को उंगली भी दिखाई थी। 

ऑस्ट्रेलियाई टीम के प्रमुख स्टीव मोनगट्टी के अनुसार ऑस्ट्रेलिया लौटने पर फकीरी को सजा के बतौर एक साप्ताहिक कोचिंग क्लीनिक में अपनी सेवाएं देनी होंगी। उन्होंने कहा कि हसन को तत्काल वापस भेजना हमारे अधिकार क्षेत्र में है लेकिन उसके भविष्य को देखते हुए ऐसा नहीं किया जा रहा है। लेकिन यह स्पष्ट है कि हसन ने अपने खराब व्यवहार से पूरे ऑस्ट्रेलिया को निराश किया है।

इस पर ऑस्ट्रेलियाई कोच कुल्डी बस्सी ने कहा, मैंने ऐसा कुछ नहीं देखा, लेकिन किसी ने इस घटना के बारे में मुझे बताया। उन्होंने कहा, 'आम तौर पर वह बेहतर इंसान है। वह बहुत ही अच्छा है।' 

प्रतियोगिता शुरू होने से पहले हार या जीत के बारे में वह हताश नहीं था। ऑस्ट्रेलियाई कोच ने कहा, भारतीय पहलवान (कुमार) ने उसे चौंकाया। मेरे मुताबिक, हार के बाद वह निराश था और उसने अपना संतुलन खो दिया। यह बहुत ही बुरा हुआ और देश के लिए भी दुखद था।

कोई टिप्पणी नहीं: