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बुधवार, 6 अक्टूबर 2010

आरएसएस और सिमी एक जैसी संस्था है. :- राहुल गांधी.

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच जुबानी जंग छिड़ी. राहुल ने आरएसएस की बराबरी प्रतिबंधित संगठन सिमी से कर दी, जिससे तिलमिला कर आरआरएस ने कहा कि कुछ भी बोलने से पहले राहुल देश को जानें.


भोपाल में एक प्रेस कांफ्रेस में राहुल गांधी ने आरएसएस को घोर कंट्टरपंथी बताते हुए कहा कि वह किसी भी तरह सिमी से अलग नहीं है. उनके मुताबिक दोनों ही संगठन कंट्टरपंथी सोच रखते हैं. जब राहुल से पूछा गया कि स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) एक प्रतिबंधित संगठन है जबकि आरआरएस पर कोई प्रतिबंध नहीं है, तो उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.

राहुल के बयान के बाद आरएसएस प्रवक्ता राम माधव ने कहा, "उन्हें इस तरह के बेमतलब बयान देने से पहले अपने ज्ञान को बढ़ाना चाहिए. उन्हें आरएसएस और एक प्रतिबंधित संगठन के बीच का अंतर जानना चाहिए. उन्हें कांग्रेस का भी इतिहास जानना चाहिए जिस पर पिछले छह दशकों के दौरान कंट्टरपंथ के आरोप लगते रहे हैं."

आरएसएस प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी को राजनीति में अभी लंबा सफर तय करना है. उन्हें भारत के बारे में अपने ज्ञान को बेहतर बनाना होगा. माधव के मुताबिक उन्हें इस तरह के बयान देने से पहले बहुत कुछ सीखना होगा.

राहुल गांधी बीजेपी शासित मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं. उनका कहना है कि कट्टरपंथी विचार रखने वाले लोगों के लिए युवा कांग्रेस में कोई जगह नहीं है. जब उनसे अयोध्या मिल्कियत विवाद पर हाई कोर्ट के फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसमें न तो बाबरी मस्जिद के विध्वंस को और न ही 6 दिसंबर 1992 की घटना के बाद पड़े पैमाने पर हुई हिंसा को माफ किया गया है.

जब राहुल से प्रधानमंत्री बनने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "ऐसा आप सोचते होंगे कि एक दिन मैं प्रधानमंत्री बनूंगा, लेकिन निश्चित तौर पर मैं ऐसा नहीं सोचता." राहुल से जब कहा कि गया कि प्रधानमंत्री बनना उनकी किस्मत में है तो उन्होंने कहा, "किस्मत पर मेरा विश्वास नहीं है. हमारे पास बहुत ही सक्षम प्रधानमंत्री हैं. वह मुझसे कहीं ज्यादा काबिल हैं. वह अपना काम कर रहे हैं. मेरा काम युवा कांग्रेस और एनएसयूआई है और वह मैं कर रहा हूं."


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