सी डी के साथ छेड़छाड़ नहीं, इस्तीफे की मांग - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 21 अप्रैल 2011

सी डी के साथ छेड़छाड़ नहीं, इस्तीफे की मांग

शांति भूषण, सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह की कथित बातचीत वाली सीडी से छेड़छाड़ न होने संबंधी संकेत पुलिस से मिलने के बाद, सपा से निष्कासित नेता और समाज के प्रतिनिधियों के बीच आज भी आरोप प्रत्यारोप चले. राज्यसभा सदस्य अमर सिंह ने लोकपाल विधेयक पर गठित संयुक्त प्रारूप समिति से शांति भूषण और उनके पुत्र प्रशांत भूषण के इस्तीफ़े की मांग की तो दूसरी ओर समाज के सदस्यों ने फ़ॉरेन्सिक जांच रिपोर्ट को लेकर संदेह जाहिर किया है.

सिंह ने संवाददाताओं से कहा, कम से कम नैतिक आधार पर शांति भूषण और प्रशांत भूषण को प्रारूप समिति से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए और अन्ना हजारे को उनकी जगह कोई अधिक विश्वसनीय व्यक्ति को शामिल करना चाहिए. लोकपाल विधेयक की संयुक्त प्रारूप समिति के सह अध्यक्ष शांति भूषण, यादव और सिंह की कथित टेलीफ़ोन वार्ता से एक जज को प्रभावित करने के प्रयास जाहिर होते हैं.

मानवाधिकार कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने एक ही सीडी पर अलग-अलग फ़ॉरेन्सिक रिपोर्टों को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, यह आश्चर्य की बात है कि सीएफ़एसएल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सीडी से छेड़छाड़ नहीं हुई. अमेरिकी विशेषज्ञों ने छेड़छाड़ की पुष्टि की है. इसलिए सीएफ़एसएल की रिपोर्ट पर पूरी तरह विश्वास नहीं किया जा सकता.

अग्निवेश ने कहा, यह अन्ना हजारे के नेतृत्व में चलाए गए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के खिलाफ़ एक साजिश है. इस बात की जांच की जानी चाहिए कि वर्ष 2006 की यह सीडी अचानक कैसे सामने आ गई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि और प्रयोगशालाओं से इस सीडी की जांच कराई जानी चाहिए. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने सीडी की अपनी ओर से जांच कराने के लिए शांति भूषण की आलोचना की. उन्होंने कहा, शांति भूषण ने अपनी ओर से जांच कराई और कह रहे हैं कि मैं बेदाग हूं. यह एक नया तरीका है. मेरी राय में यह एक पहेली है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ़ लड़ने वाले ये पिता पुत्र, नोएडा में दो भूखंडों के आवंटन में कोई भ्रष्टाचार नहीं पाते.

लोकपाल विधेयक प्रारूप समिति के एक अन्य सदस्य अरविन्द केजरीवाल ने इस विवाद पर टिप्पणी करने से मना कर दिया. उन्होंने कहा, मुझे कुछ नहीं कहना है. प्रशांत भूषण से बात कीजिये. मैं यहां विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए हूं. मेरा उद्देश्य है कि देश को एक अच्छा भ्रष्टाचार-निरोधक कानून मिले. मैं अपनी पूरी उर्जा इसमें लगा रहा हूं और अपना ध्यान इससे हटाना नहीं चाहता.

1 टिप्पणी:

अनुनाद सिंह ने कहा…

भ्रष्टाचार ! भ्रष्टाचार ! भ्रष्टाचार !

याद कीजिये - सीवीसी ही भ्रष्ट थे ! उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने जबरन हटाया। यहाँ भी खिला-पिलाकर, डरा-धमकाकर रिपोर्ट तैयार करायी गयी है। सरकारी कर्मचारी, बेचारा सरकार का नौकर जो ठहरा!