कर्नाटक के लोकायुक्त एन. संतोष हेगड़े लोकपाल विधेयक तैयार करने वाली समिति के सदस्य बने रहेंगे। उन्होंने समिति से इस्तीफा नहीं देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने भी उनसे मिलकर इतना बड़ा फैसला लेने से मना किया और समिति में बने रहने को कहा। हेगड़े ने समिति में बने रहने के बारे में आज शनिवार को फैसला लेने की घोषणा की थी।
कांग्रेस नेताओं ने हेगड़े पर कर्नाटक में भ्रष्टाचार रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया था, जिस कारण उन्होंने लोकपाल विधेयक तैयार करने वाली समिति से हटने की इच्छा जाहिर की थी। हेगड़े के फैसले से समिति में सामाजिक संगठनों के दो और सदस्यों वरिष्ठ वकील शांति भूषण और उनके बेटे प्रशांत भूषण के भविष्य पर असर पड़ने की संभावना है। 10 सदस्यीय समिति में सामाजिक संगठनों के पांच और पांच केंद्रीय मंत्री हैं। समिति में सामाजिक संगठनों से दो और सदस्य अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल हैं

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