2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के संभवत सोमवार को दाखिल होने वाले दूसरे आरोप पत्र में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की पुत्री कनिमोझी और पत्नी दयालू अम्मल और कई अन्य के नाम हो सकते हैं, जिन्हें कुछ दूरसंचार कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटन से फायदा पहुंचा।
सीबीआई द्वारा सोमवार को दूसरा आरोप पत्र दाखिल किए जाने की संभावना है जिसमें वह कुछ निश्चित टेलीकॉम फर्मों को 2जी स्पेक्ट्रम के आबंटन से कथित तौर पर लाभान्वित होने वाले लोगों में कनिमोझी के नाम का जिक्र कर सकती है। आरोप पत्र में यह ब्यौरा दिया जा सकता है कि कैसे पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा, उसके सहयोगी सादिक बच्चा और डीबी रीयल्टी के पूर्व प्रबंध निदेशक शाहिद उस्मान बलवा द्वारा अवैध तरीके से 200 करोड़ रुपए कनिमोझी, दयालू अम्मल और शरद कुमार तक पहुंचाए गए।
सीबीआई ने इससे पहले न्यायालय को बताया था कि 2जी स्पेक्ट्रम से संबंधित 200 करोड़ रुपए बलवा की साझीदारी फर्म से कलईगनार टीवी के पास पहुंचा था जिसमें कनिमोझी के 20 प्रतिशत, दयालू अम्मल के 60 प्रतिशत और शरद कुमार के 20 प्रतिशत शेयर हैं। सीबीआई ने 2 अप्रैल को सौंपे पहले आरोप पत्र में कहा कि जांच से यह भी पता चला है कि डीबी रीयल्टी की एक साझीदारी फर्म डायनाक्सि रीयल्टी एवं डीबी समूह की अन्य कंपनियों ने दिसंबर, 2008 से अगस्त, 2009 के दौरान कुसेगांव फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स प्राइवेट लि. और सिनेयुग फिल्म्स प्राइवेट लि. के जरिए कलईगनार टीवी को 200 करोड़ रुपए का भुगतान किया।
दूसरे आरोप पत्र में बच्चों की भूमिका पर और प्रकाश डाले जाने की संभावना है जिसकी पिछले महीने रहस्यपूर्ण परिस्थितियों में मौत हो गई। सीबीआई अपने दूसरे आरोप पत्र में शाहिद बलवा के संबंधी आसिफ बलवा, कुसेगांव फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स के निदेशक राजीव अग्रवाल का भी नाम शामिल कर सकती है। पहले आरोप पत्र में पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, ए. राजा के पूर्व पीएस आर.के. चंदोलिया, युनिटेक के प्रबंध निदेशक संजय चन्द्रा, स्वान टेलीकाम के प्रवर्तक शाहिद बलवा और विनोद गोयनका, रिलायंस एडीएजी के गौतम दोषी सहित सुरेन्द्र पिपारा और हरि नायर के नाम शामिल हैं। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि अनुपूरक आरोप पत्र न्यायमूर्ति ओपी सैनी की विशेष अदालत में 25 अप्रैल से पहले दाखिल किया जाएगा और इस मामले में जांच 31 मई तक पूरी होगी।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें