कौन है सत्य साईं का नया अवतार. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 25 अप्रैल 2011

कौन है सत्य साईं का नया अवतार.


सत्य साईंबाबा को भारत का प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु माना जाता था. उनके देहांत के बाद सवाल उठ रहा है कि इतने बड़े संगठन और इतनी सारी संपत्ति को सँभालने के लिए बाबा का वारिस कौन होगा? उनकी जगह कौन इस ट्रस्ट को चलाएगा? यह संपत्ति किसे मिलेगी? साईंबाबा की प्रेरणा से दुनिया के 125 से ज़्यादा देशों में कई संगठन शुरू किए गए और उनके भक्तों की संख्या चार करोड़ के आस पास आँकी गई है. कई देशों के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और कई बड़े अफ़सर, उद्योगपति, फ़िल्मी सितारे और खिलाड़ी उनके चेले हैं.

दुनिया भर में साईबाबा के चार करोड़ भक्त हैं.अनुमान के अनुसार सत्य साईंबाबा से जुड़े संगठनों की चल-अचल संपत्ति की कुल क़ीमत चालीस हज़ार करोड़ से लेकर डेढ़ लाख करोड़ रुपए तक हो सकती है.  

 सत्य साईं ने पुट्टपर्ति में एक अत्याधुनिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाया जिसके लिए दो लोगों ने पिछले साल ही पाँच सौ करोड़ रुपए दान दिए थे. बाबा के एक करीबी सहायक डॉ अनिल कुमार का कहना है की ट्रस्ट की व्यवस्था ऐसी है की किसी हेरा फेरी की कोई गुंजाईश नहीं है. जहाँ तक वारिस का सवाल है, बाबा ने विवाह नहीं क्या था और उन की अपनी कोई औलाद नहीं है. लेकिन विरासत को लेकर परिवार के कुछ सदस्यों और ट्रस्ट के बीच खींचतान हो सकती है. इन में विशेषकर उन के भतीजे रत्नाकर का नाम लिया जा रहा है.

साईंबाबा ने पहले ही ये भविष्यवाणी कर दी थी कि उन का वारिस प्रेमा साईं नाम का एक व्यक्ति होगा जो कर्नाटक के मांड्या जिले के गुन्पर्ति गाँव में पैदा होगा और वही उन का नया अवतार होगा. दुनिया भर में फैले संगठनों के जाल में सबसे ऊपर एक सत्य साईं केन्द्रीय ट्रस्ट है जिस के सदस्यों में भारत और विदेश के शक्तिशाली लोग शामिल हैं. इस ट्रस्ट के अध्यक्ष साईं बाबा खुद थे और सचिव पूर्व आईएएस अधिकारी के चक्रवर्ती हैं. उस के सदस्यों में चेन्नई के उद्योगपति और टीवीएस समूह के अध्यक्ष वी श्रीनिवास, पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त एस वी गिरी, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश पी एन भगवती आदि कई महत्वपूर्ण लोग हैं. बाबा ने अपने ट्रस्ट और संगठनों से अपने परिवार के सदस्यों को हमेशा दूर रखा. केन्द्रीय ट्रस्ट में उन के भतीजे रत्नाकर हैं जिन्हें उनके पिता जानकीरम की जगह पर पिछले साल ही ट्रस्ट में लाया गया था.

कोई टिप्पणी नहीं: