झारखंड संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद की मेडिकल का परचा लीक होने की सूचना है। सूचना के फैलते ही रांची पुलिस तेजी से हरकत में आई। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डीएसपी शम्स तबरेज के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने रिम्स और शहर के होटलों में सुबह से ही तलाशी अभियान चलाया।
पुलिस को सूचना मिली है कि रिम्स के दो डॉक्टर अभिषेक प्रथम वर्ष एवं एसके गुप्ता द्वितीय वर्ष की मामले में संलिप्तता है। इस आधार पर पुलिस ने रिम्स अधीक्षक से मिल कर दोनों डॉक्टरों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान दोनों डॉक्टरों की पहचान के लिए पुलिस रिम्स के गार्ड को लेकर हॉस्टल तक गई, लेकिन गार्ड भाग निकला।सूचना के मुताबिक पुलिस ने मामले में आधे दजर्न लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। इनमें से दो से अब भी पूछताछ चल रही है। परंतु पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही। पहले भी मेडिकल के प्रश्न पत्र लीक होते रहे हैं। तत्कालीन सिटी एसपी आशीष बत्र ने जांच में पाया था कि 25 लाख रुपये में मेडिकल पीजी के प्रश्नपत्र धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। इसका रैकेट देश स्तर पर सक्रिय है।
बिहार के नालंदा का रहनेवाला रंजीत डॉन प्रश्नपत्र लीक करने का मास्टर माइंड है। हर शहर में इसके एजेंट हैं। प्रत्येक शहर से चार या पांच उम्मीदवार को अपना शिकार बनाता है। हर उम्मीदवार से 20-25 लाख रुपये में सौदा तय होता है। परीक्षा से तीन से चार दिन पहले संबंधित उम्मीदवार को एजेंट अपने पास रखता है।
24 घंटे उस पर निगरानी रहती है। परीक्षा से एक दिन पहले उम्मीदवारों को एक्सपर्ट द्वारा सॉल्व किया गया प्रश्नपत्र दिया जाता है। पूरी तैयारी के बाद उम्मीदवार को संबंधित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया जाता है, ताकि उम्मीदवार चाहकर भी गोपनीयता भंग नहीं कर सके।

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