पाकिस्तान को सौंपी गई मोस्ट वांटेड की सूची में हुई गलती के बाद अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक और बड़ी चूक सामने आई है. पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में हथियार गिराने के मुख्य आरोपी किम डेवी के प्रत्यर्पण के लिए सीबीआई की एक टीम 16 मई को कोपेनहेगन पहुंची है, जहां की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है.
बताया जा रहा है कि सीबीआई के पास डेवी की गिरफ्तारी के लिए जो वारंट है उसकी समय सीमा समाप्त हो चुकी है. वारंट की अवधि तीन जनवरी को खत्म हो चुकी है. इसके चलते प्रत्यर्पण की कोशिश को धक्का लग सकता है.
डेवी के प्रत्यपर्ण के लिए सीबीआई की दो सदस्यीय टीम कोपेनहेगन भेजी गई है.
डेवी ने यह दावा किया था कि भारत की केन्द्र सरकार में मौजूद लोगों के इशारे पर ही पुरुलिया में हथियार गिराए गए थे. साथ ही इस काम में उनको ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई और भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ का सहयोग प्राप्त था. पाकिस्तान को सौंपी गई 50 मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में भी ऐसी ही चूक का मामला सामने आया था और गृहमंत्री पी चिदम्बरम ने सूची में वजहुल कमर खान के नाम पर हुई गलती स्वीकार कर ली थी.

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