बिल गेट्स ने बिहार में बच्चों के तीव्र टीकाकरण अभियान को लेकर जिनेवा में विश्व स्वास्थ्य महासभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूरि-भूरि प्रशंसा की। गेट्स ने जिनेवा में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सामाजिक प्रदर्शन पर अंतर-राजीय प्रतिस्पर्धा से स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने 64वें विश्व स्वास्थ्य महासभा में अपने संबोधन में कहा कि मैं मुख्यमंत्री (नीतीश कुमार) की लोकप्रियता से अभिभूत हूं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और (नाइजीरिया के पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के प्रमुख) मुहम्मद पाटे ने दिखा दिया है कि श्रेष्ठ नेता किसी भी खराब स्थिति से पार पा सकते हैं।
गेट्स ने कहा कि लोग दूरदर्शी नेता के लिए लालायित हैं जो भविष्य का न केवल वादा करे बल्कि उस वादे को पूरा भी करे। माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक ने कहा कि बाल मृत्युदर घटाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रियों से तीव्र टीका कार्यक्रम के प्रयास तेज करने की अपील की।
आने वाले वर्ष के प्राथमिकता तय किए जाने पर बल देते हुए गेट्स ने कहा, अब हम अपने आपको इस बात के लिए एक बार समर्पित कर दें कि कोई भी जिला 80 फीसदी टीकाकरण कवरेज से नीचे नहीं रहेगा।
गेटस ने कहा कि देशों को इसे टीकाकरण का दशक बनाना चाहिए और दानकर्ताओं को टीकाकरण एवं प्रतिरक्षण के लिए उदारता पूर्वक दान करना चाहिए। उन्होंने दुनिया कर टीका कंपनियों को सस्ते मेंनिंगजाइटिस टीके बनाने वाली भारतीय कंपनी द सेरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का अनुसरण करना चाहिए।
उन्होंने संगठन के 193 सदस्य देशों से टीकों को अपने स्वास्थ्य तंत्र मुख्य बिंदु बनाने का आह्वान किया ताकि सभी बच्चों तक मौजूदा टीकों की पहुंच कायम हो और जब नए टीके आएं तब उन्हें वे भी उपलब्ध हों।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की महानिदेशक मारगरेट चान 30 करोड़ डॉलर की अप्रत्याशित धन की जरूरत महसूस कर रहे डब्ल्यूएचओ अब निजी एवं परमार्थ संगठनों से धन की आस है। अमेरिका के बाद गेट्स फाउंडेशन विश्व स्वास्थ्य संगठन के लिए दूसरा सबसे बड़ा दानकर्ता है।

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