रामलीला ग्राउंड में करप्शन और ब्लैक मनी के मुद्दे पर अनशन पर बैठे बाबा रामदेव के आंदोलन को दिल्ली पुलिस ने शनिवार देर रात डंडे के जोर पर खत्म करवा दिया। करीब दो घंटे तक पुलिस और बाबा के समर्थकों में जबर्दस्त झड़प हुई। आखिर में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर समर्थकों को तितर-बितर किया और बाबा रामदेव को अपने साथ ले गई।
दिल्ली पुलिस रामदेव की गिरफ्तारी से इनकार करती रही। पुलिस के मुताबिक बाबा को योगा कैंप की इजाजत दी गई थी, जबकि वह वहां अनशन कर रहे थे। इसकी के चलते बाबा को रामलीला ग्राउंड से बाहर निकाला गया। शनिवार देर रात करीब 1 बजे दिल्ली पुलिस के करीब 5000 जवानों और अफसरों ने अचानक रामदेव के योग कैंप की इजाजत रद्द कर पूरे रामलीला ग्राउंड को घेर लिया। पुलिस ने पूरे इलाके में धारा 144 लगा दी। पुलिसकर्मियों के जमावड़े को देखकर कैंप में अफरातफरी फैल गई। भारी पुलिस बल समर्थकों को धकेलते हुए धीरे-धीरे रामदेव की तरफ बढ़ने लगी। पुलिस ने कैंप का माइक सिस्टम उखाड़कर फेंक दिया।
पुलिस को अपनी तरफ बढ़ता देख बाबा मंच से समर्थकों के बीच में कूद गए। समर्थकों ने पुलिस को रोकते हुए बाबा के चारों तरफ घेरा बना लिया। कुछ देर बाद समर्थकों ने बाबा रामदेव को कंधे पर उठा लिया। उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस उन्हें मंच के पीछे से उठाकर ले जाना चाहती थी। पुलिस ने पुरुष समर्थकों को पीछे खदेड़ा, तो महिलाओं ने उन्हें अपने घेरे में ले लिया। इसके बाद बाबा पुलिस को छकाते हुए फिर मंच तक पहुंच गए। वहां समर्थकों ने बाबा को अपने भारी सुरक्षा घेरे में ले लिया। इसके बाद बाबा रामदेव को मंच के पीछे ले जाया गया। इस पूरी भगदड़ में बाबा के पीए अजय आर्या की टांग टूट गई।
तभी बाबा की तरफ बढ़ती पुलिस पर समर्थकों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। पूरे रामलीला ग्राउंड और मंच को खाली करा दिया। इस दौरान मंच पर एक आंसू गैस का गोला गिरने से आग लग गई, जिस पर बाद में काबू पा लिया गया। समर्थकों के तितर-बितर होने पर पुलिस ने बाबा रामदेव को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ने कहा कि बाबा के सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। सुबह बाबा को दिल्ली की सीमा से बाहर छोड़ दिया गया।
समर्थकों से घिरे बाबा ने इस कार्रवाई के बीच एक टीवी चैनल से कहा, ‘ पुलिस ने हम पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया। बहनों को घसीटा गया...यह आजाद भारत का सबसे बड़ा जुल्म है... ऐसा अंग्रेजों ने भी नहीं किया... निहत्थे लोगों के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग किया...यह कैसा लोकतंत्र है ?... हमने कोई अधर्म और पाप नहीं किया है... मैं पीएम से अनुरोध करता हूं कि वॉरंट निकालकर उन्हें दिन में गिरफ्तार करें। रात में ऐसे चोरों की तरह गिरफ्तार करने की हिम्मत न करें।
इससे पहले सरकार ने शनिवार रात बाबा रामदेव को दूसरी चिट्ठी भेजी। इसमें ब्लैक मनी पर कानून बनाने तथा उसे राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करने का लिखित आश्वासन था। इसके लिए एक समिति गठित की जाएगी। उधर , बाबा रामदेव ने कपिल सिब्बल के बयान के बाद सरकार पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है। बाबा ने कहा कि वह अपना आंदोलन और तेज करेंगे और पीएम के सिवा अब किसी से बात नहीं की जाएगी।

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