2जी घोटाले में विशेष अदालत ने टाटा ग्रुप के चैयरमेन रतन टाटा, रिलायंस एडीएजी के मालिक अनिल अंबानी व कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया को आरोपी बनाने की मांग खारिज कर दी है। इससे पहले सीबीआई ने बहस के दौरान कोर्ट को बताया था कि टाटा ग्रुप को 2जी स्पेक्ट्रम आबंटन में नियमों की अनदेखी नहीं की गई है। इस मामले में विशेष अदालत ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि को भी थोड़ी राहत देते हुए उनकी पत्नी दयालु अम्मल को भी आरोपी बनाने से इंकार कर दिया। सीबीआई पहले ही अम्मल को क्लीचिट देते हुए उन्हें मामले में गवाह बना चुकी है।
पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश ओ.पी. सैनी ने उद्योगपति टाटा, अंबानी व अन्य को आरोपी बनाने के लिए दाखिल शिकायत को आधारहीन बताते हुए दोनों शिकायतकर्ताओं पर दस-दस हजार रुपये जुर्माना किया है। कोर्ट ने कहा कि याचिका न सिर्फ तथ्यों से परे हैं बल्कि कानून के खिलाफ भी है और ऐसे लोगों को अदालत का वक्त जाया करने के एवज में भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए। हालांकि कोर्ट ने दिल्ली निवासी एम. फुरकान व गाजियाबाद में कबाड़ का व्यवसाय करने वाले धर्मेद्र पांडेय पर दया बरतते हुए महज दस- दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने उन्हें तीन दिन के भीतर जुर्माने की रकम जमा कराने को कहा है।

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