कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बाबा रामदेव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक संन्यासी से ज्यादा व्यापारी हैं। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि योग सिखाने के लिए भी वह आगे की पंक्तियों में बैठने वालों से 50,000 रुपए, उससे पिछली सीटों पर बैठने वालों से 30,000 रुपए और अंतिम सीट पर बैठने वालों से एक हजार रुपए लेते हैं। यह क्या है।
बाबा रामदेव ने चार जून से दिल्ली में काले धन के मुद्दे पर अनशन की चेतावनी दी है और सरकार उन्हें अनशन नहीं करने के लिए मनाने की कोशिश में लगी हुई है। इसी संदर्भ में कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पार्टी रामदेव से डरी नहीं है और उनके साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस डरी होती तो रामदेव सलाखों के पीछे होते। कोई डर की बात नहीं है इसलिए वह खुले में बाहर हैं और उनके साथ बातचीत हो रही है। पार्टी ने बुधवार को दिल्ली में हवाईअड्डे पर रामदेव की अगवानी के लिए चार मंत्रियों को भेजे जाने के सरकार के कदम को अनावश्यक बताया है।
कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि रामदेव से बातचीत करना अच्छी बात है, लेकिन उनकी अगवानी के लिए मंत्रियों को हवाईअड्डे पर भेजने की जरूरत नहीं थी। दिग्विजय सिंह ने बुधवार को कहा था कि हम भी भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर चिंतित हैं, लेकिन भूख हड़ताल से भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा और कालेधन को वापस लाने में मदद नहीं मिलेगी। उन्हें प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों के अनुरोध को मान लेना चाहिए।

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