सरकार और बाबा राम देव के बीच सुलह. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 3 जून 2011

सरकार और बाबा राम देव के बीच सुलह.


बाबा रामदेव और केंद्र सरकार के बीच कई दौर की बातचीत के बाद आखिरकार सुलह हो गई है, और अब योगगुरु अनशन की जगह सिर्फ एक दिन का सांकेतिक उपवास रखेंगे। खबर है कि केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय और कपिल सिब्बल के साथ राजधानी नई स्थित दिल्ली होटल क्लैरिजेज में चली लंबी बैठक के बाद बाबा रामदेव सुलह के लिए राजी हुए, हालांकि इस समझौते की औपचारिक घोषणा किया जाना बाकी है। 

शुक्रवार को ही योगगुरु बाबा रामदेव ने रामलीला मैदान में एकत्र हुए अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा था कि वह शनिवार से सत्याग्रह शुरू करेंगे। उन्होंने कहा था कि हम तीन दिन या 30 दिन भूखे रहें, कोई समस्या नहीं, क्योंकि हमें 84 करोड़ लोगों के भोजन के बारे में सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि कुछ लोगों ने लोकतंत्र को अगवा कर लिया है और इसे भ्रष्टतंत्र बना दिया है।

रामदेव ने कहा कि यह कोई सांप्रदायिक या राजनीतिक आंदोलन नहीं है और हम योग के मूल सिद्धांत का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं। उनके मुताबिक वह भारतीयों के विदेशों में जमा 400 लाख करोड़ रुपये के काले धन को वापस लाकर देश की गरीबी और भुखमरी दूर करना चाहते हैं। बाबा ने कहा, कई विकसित देश अपनी अर्थव्यवस्था पर हजारों करोड़ रुपये का जो कर्ज दिखाते हैं, वह कर्ज कुछ और नहीं, भारतीयों द्वारा उन देशों में जमा कराया गया काला धन है। उन्होंने कहा कि एक ओर भारतीयों के लाखों करोड़ रुपये विदेशों में काले धन के रूप में जमा है और दूसरी ओर देश की 85 प्रतिशत आबादी गरीबी और अभाव में जी रही है। उन्होंने कहा था कि हमारा आंदोलन पूरी तरह से संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से संचालित होगा और हम किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि हमारी लड़ाई व्यवस्था बदलने के लिए है। भ्रष्टाचारियों को मृत्युदण्ड देकर इस देश से भ्रष्टाचार खत्म किया जाना चाहिए और भारत के प्राचीन गौरव को फिर से स्थापित किया जाना चाहिए।

बाबा रामदेव ने कहा था, मुझसे कुछ लोग पूछते हैं कि आप तो योगी हैं, आपको भ्रष्टाचार से क्या सरोकार। आप अपनी सीमा का उल्लंघन कर रहे हैं। मैं उन लोगों को बताना चाहता हूं कि यह मेरी सीमा का उल्लंघन नहीं, बल्कि योग का विस्तार है। चोरी नहीं करना योग है, सच बोलना योग है, अच्छा आचरण योग है।  बाबा के करीबी आचार्य बालकृष्णन ने साफ तौर पर कहा था कि अगर सरकार सभी मांगें मान भी ले, तो भी बाबा रामदेव तीन दिन का सत्याग्रह करेंगे।

शुक्रवार सुबह दिल्ली के रामलीला मैदान में बाबा रामदेव के योग शिविर में हजारों लोग शामिल हुए, जिसमें हर उम्र के लोग थे। इस शिविर में बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर शिरकत की। रामदेव गुरुवार देर रात रामलीला मैदान पहुंचे थे, और उनके साथ कुछ करीबी लोग थे। बाबा रामदेव ने मंच पर तैयारियों का जायजा लिया। रात में वह मंच पर ही सोए।

3 टिप्‍पणियां:

RAJENDRA ने कहा…

kya jaldi thee apko esi tippni kee

डा० अमर कुमार ने कहा…

बाबा के मुखमँडल पर न तप का तेज है, न ही विद्वता की चमक...कोई आश्चर्य नहीं कि ऎसा ही हुआ हो !
अच्छा यह होता कि पारदर्शिता का दम भरने वाले बाबा, इस बातचीत को इतने सँदेहास्पद रूप से गुपचुप न करते ।

रवि कुमार ने कहा…

ऐसा ही कुछ होना ही था...
चलिए भ्रष्टाचार खत्म हुआ...आमीन...