इंटरनेट कंपनी गूगल ने अपनी सेवाओं का उपयोग करने वालों को आगाह किया है कि पहली अगस्त से पुराने इंटरनेट ब्राउज़रों को गूगल सपोर्ट नहीं करेगी.
इसका मतलब यह हुआ कि इंटरनेट एक्सप्लोरर 7, सफ़ारी 3 या फ़ायरफ़ॉक्स 3.5 ब्राउज़रों की सहायता से इंटरनेट का उपयोग करने वालों को गूगल की जीमेल, गूगल कैलेंडर, गूगल टॉक या गूगल डॉक्स जैसी सेवाएँ आधी-अधूरी उपलब्ध होंगी.
भविष्य में विकसित की जाने वाली गूगल की सेवाएँ भी पुराने ब्राउज़र पर उपलब्ध नहीं होंगी. माना जाता है कि गूगल ने पुरानी पीढ़ी के वेब ब्राउज़रों की सुरक्षा खामियों से बचने के लिए ये फ़ैसला किया है.
स्टैटकाउंटर नामक वेब विश्लेषण कंपनी की मानें तो इंटरनेट से जुड़े 17 प्रतिशत लोग गूगल के फ़ैसले से प्रभावित होंगे. गूगल की पूरी सेवाएँ प्राप्त करने के लिए उन्हें अपने इंटरनेट ब्राउज़र को अद्यतन बनाना होगा.
गूगल ने अपने बयान में कहा है कि उसके वेब इंजीनियर नई पीढ़ी के ब्राउज़रों की सुविधाओं का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं इसलिए पहली अगस्त से कथित आधुनिक ब्राउज़रों को ही सपोर्ट किया जाएगा. यानि क्रोम, फ़ायरफ़ॉक्स, इंटरनेट एक्सप्लोरर और सफ़ारी की मात्र दो पीढ़ियों को ही गूगल की योजनाओं में आत्मसात किया जा सकेगा.
गूगल की इस घोषणा का ब्राउज़र अपग्रेड के कार्यक्रमों पर कितना प्रभाव पड़ेगा यह देखने वाली बात होगी.
फ़ायरफ़ॉक्स बनाने वाली कंपनी मोज़िला का कहना है कि अब भी 10 लाख लोग फ़ायरफ़ॉक्स 3.5 का उपयोग कर रहे हैं, जबकि माइक्रोसॉफ़्ट का कहना है कि अब भी ब्राउज़र बाज़ार में 11 प्रतिशत हिस्सेदारी इंटरनेट एक्सप्लोरर 6 की है जबकि कंपनी एक्सप्लोरर 9 को बाज़ार में उतार चुकी है

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