भारत ने शनिवार को कहा कि मुंबई हमले जैसी वारदात फिर से दोहराए जाने पर उसके लिए आत्मसंयम को जायज ठहराना मुश्किल रहेगा। रक्षा राज्य मंत्री एमएम पल्लम राजू यहां एशियाई सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि अगर उकसाने वाली कार्रवाई फिर दोहराई गई तो मेरा मानना है कि हमें अपने लोगों के सामने आत्मसंयम को जायज ठहराना मुश्किल रहेगा।
उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि इस तरह का हमला फिर से नहीं होगा। मुंबई हमले के समय भारत ने बड़ी परिपक्वता के साथ संयम का परिचय दिया था। राजू ने कहा कि हमले के संदर्भ में भारत ने पाकिस्तान के साथ व्यापक स्तर पर बातचीत की है। पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय उन सबूतों के बारे में जानता है जो डेविड हेडली से पूछताछ के जरिए सामने आए हैं।
इस सम्मेलन में चीन, अमेरिका, ब्रिटेन और कई अन्य देशों के रक्षा विशेषज्ञ मौजूद थे। राजू ने कहा कि हमने मुंबई हमले के आतंकवादियों को सजा दिलाने के लिए पाकिस्तान के साथ व्यापक स्तर पर संपर्क किया है और अब भी सरकारी स्तर पर इस्लामाबाद के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अब पाकिस्तान भी आतंकवाद के तंत्र की पीड़ा झेल रहा है।
अपने लिखित भाषण में राजू ने कहा कि आतंकवाद के विभिन्न स्वरूपों मसलन आत्मघाती हमलों एवं साइबर शत्रुता ने भारत के सामने नई चुनौतियां पेश की हैं और अब नई दिल्ली इनसे निपटने की क्षमता विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के जनसंहारक हथियारों के इस्तेमाल करने की आशंका पर भी चिंता जाहिर की। रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि ऐसे खतरों से निपटने के लिए खुफिया और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत है। राजू ने सम्मेलन में समुद्री लूट, अपहरण और मादक पदार्थों के जरिए उगाहे गए धन का इस्तेमाल आतंकवाद में होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सीमा विवाद और द्विपक्षीय मतभेदों को दूर करने के लिए संवाद का सहारा लिया जाना चाहिए।

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