पेट्रोल की कीमत घट सकती है. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 15 नवंबर 2011

पेट्रोल की कीमत घट सकती है.


तेल कंपनियों का कहना है कि अगर अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में कमी का दौर जारी रहा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए की मजबूती बनी रही तो भारत में भी पेट्रोल की कीमत घट सकती है। तेल कंपनियां आज पेट्रोल की कीमतों को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक करने जा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी और देश में सियासी व ऑटो सेक्टर के दबाव की वजह से उम्मीद जताई जा रही है कि पेट्रोल की कीमतों में 70 पैसे से दो रुपए प्रति लीटर तक की कमी की जा सकती है जो 17 नवंबर से लागू होगी। तेल कंपनियां मंगलवार को इस बाबत घोषणा कर सकती हैं। अगर ऐसा हुआ तो कीमत तय करने का अधिकार तेल कंपनियों के हाथों में जाने के बाद (जून, 2010) से यह पहला मौका होगा, जब तेल के दाम घटाए जाएंगे। जानकार इस फैसले को राजनीतिक मानते हैं। उनकी राय में सरकार को पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ाने से इसके वोट इफेक्ट का अंदाजा हो गया है। यहां तक कि सरकार का अपना संतुलन ही बिगड़ने लगा है। इसलिए सरकार अब रोलबैक की ओर बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह कहा था कि पेट्रोलियम पदार्थो पर सब्सिडी बढ़ाने का बजट पर बुरा असर पडेगा जिससे महंगाई बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि पेट्रोलियम पदार्थो पर पहले ही 1.30 लाख करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जा रही है जो बजट पर बड़ा बोझ है। ऐसे में पेट्रोल की कीमतों में कटौती की उम्मीदों पर पानी भी फिर सकता है। लेकिन राजनीतिक तौर पर संवेदनशील बन चुके इस मामले पर आज अंतिम फैसला जानने के लिए तेल कंपनियों की बैठक खत्म होने तक का इंतजार करना पड़ेगा।

कोई टिप्पणी नहीं: