अन्ना की प्रतिमा लोनावाला संग्रहालय में. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 22 नवंबर 2011

अन्ना की प्रतिमा लोनावाला संग्रहालय में.


मुंबई से 110 किलोमीटर दूर लोनावला के बाहरी हिस्से में स्थित वारसोली गांव में गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की मोम की प्रतिमा का अनावरण किया गया है। इस प्रतिमा का अनावरण गत शनिवार को किया गया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की आवाज बने इस गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाई गई इस प्रतिमा के लिए खुद हजारे ने अपनी गांधी टोपी, अपने कपड़े, चश्मा दान किया है। ये चीजें उन्होंने रामलीला मैदान में अपने अनशन के दौरान पहनी थीं।

यह प्रतिमा सेलिब्रिटी वैक्स म्यूजियम में लगाई गई है। इसका अनावरण संयोग से हजारे की मां लक्ष्मीबाई की पुण्यतिथि के दिन 19 नवंबर को किया गया। प्रतिमा को तैयार करने वाले कलाकार सुनील कंडालूर ने बताया कि अनावरण से पहले इसे हजारे को दिखाने के लिए पड़ोसी अहमदनगर जिले में स्थित उनके गांव रालेगण सिद्धि ले जाया गया। उन्होंने मुस्कराते हुए प्रतिमा को देखा और जिज्ञासा वश कई बार उसे स्पर्श किया। कंडालूर ने कहा कि अन्ना ने अपनी गांधी टोपी और अपने कपड़े प्रतिमा के लिए दान में दिए। अन्ना ने यह टोपी दिल्ली में जनलोकपाल कानून की मांग को लेकर अपने अनशन के दौरान पहन रखी थी। इस टोपी का काफी बड़ा विरासत मूल्य है और संग्रहालय के लिए यह बहुमूल्य संपत्ति होगी।

कोई टिप्पणी नहीं: