सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय के खिलाफ जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दाखिल कर सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका अरुंधति रॉय के खबरों में आये उस बयान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गयी है जिसमें उन्होंने जम्मू कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार की वकालत की है.
जम्मू और दिल्ली में कश्मीरी पंडितों के संगठन ‘रूट्स’ के सदस्यों वीर सराफ, अजय भट और विजय कशकरी ने जनहित याचिका दाखिल की है. पीआईएल में रॉय का पासपोर्ट जब्त करने और गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय तथा राज्य सरकार को जम्मू कश्मीर के बारे में उन्हें ऐसे बयान देने से रोकने का निर्देश देने की मांग की गयी है.
अरुंधति रॉय ने 12 नवंबर को न्यूयॉर्क में कश्मीर पर परिचर्चा में कहा था, ‘‘मैं स्पष्ट तरीके से कहना चाहती हूं कि मुझे नहीं लगता कि खुद को लोकतंत्र कहने वाले किसी देश को लोगों को एक सैन्यवादी तरीके में बने रहने के लिए बाध्य करने का हक है.’’ उन्होंने कहा था, ‘‘मेरा मानना है कि कश्मीर के लोगों को आत्मनिर्णय का अधिकार है, उनके पास यह चुनने का हक है कि वे क्या और कैसे चाहते हैं.’’जनहित याचिका के साथ खबर की प्रति भी लगाई गयी है.

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