शीतकालीन सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 22 नवंबर 2011

शीतकालीन सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक.

उत्तर प्रदेश के बंटवारे के मुद्दे पर सदन के दोनों सदनों में भारी हंगामा हुआ। भारी हंगामे को देखते हुए राज्यसभा को दिन भर के लिए और लोकसभा को 12 बजे तक लिए स्थगित कर दिया गया।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को स्थगन से पहले कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने हैं और आशा है कि विपक्ष सदन का बहिष्कार नहीं करेगा।  

मनमोहन सिंह ने सत्र शुरू होने से पूर्व संवाददाताओं से कहा, ''मैं आशा करता हूं कि सभी राजनीतिक दल इस बात को महसूस करेंगे कि हमारे पास कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण विधेयक हैं, जिन्हें हम इस सत्र में पेश करने जा रहे हैं और हमारे देश के स्थिर विकास और समृद्धि की मांग है कि उनमें से कई विधेयकों को संसद में कानून के रूप में परिवर्तित किया जाए।''

सिंह ने कहा, ''जहां तक सदन के बहिष्कार का सवाल है, मैं आशा करता हूं कि राजनीतिक दल ऐसे किसी भी कदम से बाज आएंगे। एक तरह से बहिष्कार का कोई कारण नहीं है।'' इस सत्र के दौरान लोकपाल जैसे विधेयकों पर चर्चा हो सकती है। शीतकालीन सत्र 21 दिसम्बर को समाप्त होगा।


कोई टिप्पणी नहीं: