
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के लिए प्रचार में सक्रिय योगदान दे चुकीं जानी मानी लेखिका और मानवाधिकार कार्यकर्ता महाश्वेता देवी ने सोमवार को राज्य सरकार को फासीवादी करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार लोगों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
महाश्वेता देवी ने कोलकाता में 23 और 24 नवंबर को भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन करने की सरकार द्वारा अनुमति नहीं देने का जिक्र करते हुए संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लोगों को विरोध करने के उनके कानूनी अधिकार से मना किया जा रहा है और यह फासीवादी रवैया है। सरकार को अलोकतांत्रिक आदेश को वापस लेना होगा। लोकतांत्रिक अधिकार संरक्षण संघ (एपीडीआर) और 21 अन्य मानवाधिकार संगठनों ने संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया था। मैग्सैसे पुरस्कार विजेता लेखिका ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पिछले 64 साल में जो नहीं हुआ वह आज हो गया। लोगों को उनके विरोध करने के प्राकृतिक अधिकार से रोका गया।
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