
पटना विश्वविद्यालय के बर्खास्त प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ आमरण अनशन कर रहे हैं। पटना के कारगिल चौक पर मंगलवार को लगातार दूसरे दिन उनका अनशन जारी रहा। वह सोमवार से अनशन पर हैं। अनशन के दूसरे दिन किसान संघर्ष समिति एवं अखिल भारतीय नौकर दाई संघ की बिहार इकाई ने मटुकनाथ का समर्थन किया। कई अन्य प्रतिष्ठित लोगों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर उनका उत्साह बढ़ाया। मटुकनाथ ने अपनी बर्खास्तगी को गैर-कानूनी बताया और कहा कि जब तक उनकी सेवा बहाल नहीं की जाती, उनका अनशन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि उनकी अपील पर राजभवन में सुनवाई नहीं हो रही। करीब ढाई वर्ष पूर्व की गई अपील पर अब तक सुनवाई नहीं हुई है। उनके साथ उनकी प्रेमिका जूली भी अनशन पर हैं। मटुकनाथ को पटना विश्वविद्यालय ने 15 जुलाई, 2006 को निलम्बित कर दिया था। वह पटना के बी. एन. कॉलेज में हिन्दी विभाग में रीडर के पद पर कार्यरत थे। बाद में 20 जुलाई, 2009 को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उन पर अपनी कक्षा में बाहर के लोगों को बैठाने तथा अमर्यादित आचरण करने का आरोप लगाया गया था। जूली के साथ प्रेम सम्बंध सार्वजनिक होने पर उन्होंने बाहर के छात्रों को कॉलेज में बिठाकर प्रेम का पाठ पढ़ाया था।
2 टिप्पणियां:
ये तो अन्याय है मटूकनाथ के साथ...
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