राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में लम्बे समय से फेरबदल की अटकलों के बीच मंगलवार को कैबिनेट और राज्य मंत्रियों ने मुख्यमंत्री में विश्वास व्यक्त करते हुए अपने इस्तीफे सौंप दिये। मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने ये इस्तीफे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में सौंपे।
संसदीय कार्य मंत्री शान्ति धारीवाल ने मंत्रिपरिषद की करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक के बाद संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री गहलोत जल्द अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे।
गहलोत मंत्रिमंडल में मौजूदा समय ग्यारह कैबिनेट, तीन राज्य मंत्री-स्वतंत्र प्रभार और दस राज्य मंत्री हैं। गहलोत मंत्रिमंडल के सदस्य अमीन खान को राष्ट्रपति पर कथित टिप्पणी के कारण अपने पद से इस्तीफा देना पडा था, जबकि कैबिनेट मंत्री महिपाल मदेरणा को लापता नर्स भंवरी देवी प्रकरण में आरोपी होने और केन्द्रीय जांच ब्यूरो की जांच का सामना करने के कारण मंत्री पद खोना पड़ा। मुख्यमंत्री ने महिपाल मदेरणा को मंत्री पद से इस्तीफा देने की सलाह दी थी और उनके इस्तीफा नहीं देने पर बर्खास्त कर दिया था। खान, पर्यावरण और वन राज्य मंत्री राम लाल जाट ने निजी चरित्र पर समाचार प्रकाशित होने के बाद शनिवार को अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सौंप दिया। मुख्यमंत्री ने जाट का इस्तीफा मंजूर नहीं किया था।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें