महाराष्ट्र में गन्ने की कीमत को लेकर चल रहा आंदोलन खत्म हो गया है। राज्य सरकार ने गन्ने के अग्रिम भुगतान में पिछले साल के मुकाबले करीब 50 रुपये का इजाफा किया है।
किसानों और राज्य सरकार के बीच बनी सहमति के मुताबिक अब राज्य में गन्ना का भरपूर क्षेत्र कोल्हापुर, सांगली और सतारा की चीनी मिलें किसानों को एडवांस पेमेंट के तौर पर 2,050 रुपये प्रति टन का भुगतान करेंगी। जबकि गन्ने का कम विकसित क्षेत्र विदर्भ और मराठावाड़ा की चीनी मिलें किसानों को 1,800 रुपये प्रति टन का भुगतान करेंगी।
पुणे, अहमदनगर, नासिक और सोलापुर में चीनी मिलों को 1,850 रुपये प्रति टन का भुगतान करना होगा। हालांकि किसानों की ओर से एडवांस पेमेंट के तौर पर गन्ने की कीमत 2,350 रुपये प्रति टन की मांग की गई थी। वहीं सरकार के इस फैसले के बाद राज्य में काम करने वाली चीनी मिलों को 400 करोड़ रुपये अतिक्ति पूंजी की जरुरत होगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के मुताबिक कोल्हापुर, सतारा, सांगली के किसानों को 2,050 रुपये प्रति टन के हिसाब से पैसा मिलेगा। वहीं दूसरे सभी जोन में भी गन्ने के दाम में बढ़ोतरी की गई है। पिछले कई 5 दिनों से महाराष्ट्र में किसान गन्ने का दाम बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसके चलते महाराष्ट्र में कई चीनी मिलों ने गन्ने की पैराई रोक दी थी।

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