मध्य प्रदेश में आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार की हत्या के बाद राजनीति शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार पर खनन माफियाओं के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि मध्य प्रदेश के कई इलाकों में माइनिंग माफिया, नेताओं और अफसरों की शह पर दिनों-दिन ताकतवर हो रहा है। नरेंद्र 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी थे और बामौर में एसडीपीओ तैनात थे। पिछले साल दिसंबर में ही उनका तबादला बामौर किया गया था। इससे पहले वह उज्जैन में एएसपी थे। नरेंद्र कुमार की पत्नी आईएएस अफसर हैं। नरेंद्र कुमार को अवैध माइनिंग के बारे में सूचना मिली, तब वह स्वयं मौके पर पहुंचे और अवैध कारोबार कर रहे ट्रैक्टर को रोकने को कहा। ट्रैक्टर चालक ने रुकने के बजाय नरेंद्र कुमार पर ही ट्रैक्टर चढ़ा दिया। इम मामले ड्राइवर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है।
नरेंद्र कुमार का शव यूपी के अलीगढ़ पहुंचा, तो श्रद्धांजलि देने के लिए सैकड़ों की भीड़ उमड़ पड़ी। नरेंद्र कुमार के पिता अलीगढ़ में तैनात है और यहां उनके कई रिश्तेतार भी रहते हैं। यही वजह है कि शव को मथुरा से पहेल अलीगढ़ लाया गया। आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार मूल रूप से यूपी के लालपुर के रहने वाले थे और उनकी हत्या की खबर आने के बाद से उनके पैतृक गांव में मातम छाया हुआ है। नरेंद्र की दादी प्रेमा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। नरेंद्र कुमार का अंतिम संस्कार आज उनके गांव लालपुर में किया जाएगा। इससे पहले उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए मध्य प्रदेश के गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता और डीजीपी नंदन दुबे भी ग्वालियर पहुंचे। डीजीपी दुबे ने ग्वालियर में कहा कि नरेंद्र कुमार खनन माफिया के खिलाफ पिछले काफी वक्त से कड़ी कार्रवाई कर रहे थे।
नरेंद्र के पिता केशव सिंह ने यह कहकर पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं कि उनके बेटे की हत्या सोची समझी साजिश के तहत की गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनके बेटे को मुरैना की पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा था, नहीं तो उनके बेटे की जान नहीं जाती। आईपीएस नरेंद्र कुमार की हत्या के मामले पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि नरेंद्र कुमार की हत्या प्री प्लान्ड नहीं थी। गुप्ता के मुताबिक ट्रैक्टर के ड्राइवर का नाम मनोज केशव सिंह है और हत्या में इस्तेमाल किया गया ट्रैक्टर उसी का था।

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