अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के किशनगंज कैम्पस को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से बढ़ रही अनदेखी को लेकर ह्युमन चैन के सदस्य कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के सरकारी निवास पर शुक्रवार सुबह को पहुंचे! दिल्ली स्तीथ गैरसरकारी संगठन ह्युमन चैन के अध्यक्ष मोहम्मद असलम की अगुवाई में पहुंची शिष्टमंडल ने सीमांचल वासियों के दिमाग में चल रहे असमंजस का सही उत्तर पाने हेतु सलमान खुर्शीद से खुल कर बात चीत की! सलमान खुर्शीद जो की अल्पसंख्यक मामलों के भी मंत्री हैं शिष्टमंडल में शामिल सदस्यों नवेद शम्सी, सलाम अनवर, ज़हूर आलम, नसीम हैदर, गौहर महमूद, नजीब सागर, दिलशाद, सुभानी, हसनैन, शफीक और परवेज़ मोहम्मद की बातों को ध्यानपूर्वक सुना! उन्होंने कहा की एएमयू किशनगंज कैम्पस से जुड़े कई कानूनी दाव पेंच हैं, जब तक उनका निबटारा नहीं होता है कुछ भी कहना मुश्किल है! मंत्री महोदय को अध्यक्ष मोहम्मद असलम ने कहा की सुप्रीम कोर्ट ने एएमयू किशनगंज कैम्पस के निर्माण कार्य पर रोक लगाने सम्बंधित कोई आदेश नहीं जारी किया है, फिर केंद्र सरकार मामले को लेकर क्यूँ आना कानी कर रही है!? वहीँ ह्युमन चैन के कोर बॉडी के secretary tatha Bihar pradesh congress committee ke minority cell ke parwaqta मिन्नत रहमानी ने सलमान खुर्शीद को याद दिलाया की अगर एएमयू कैम्पस को लेके कोई कानूनी अर्चन है तो फिर मल्लापुरम (केरल) और मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) में सत्र कैसे दो साल पहले शुरू हो गया? भारत का कानून सबके लिए बराबर है, इसलिए केंद्र सरकार इस दलील के साथ सीमांचल की अनदेखी नहीं कर सकती, यह सवाल संगठन के पर्वक्ताओं मोहम्मद मुदस्सिर आलम, तौकीर आलम (जामिया) और मंसूर आलम ने उठाया! सलमान खुर्शीद ने शिष्टमंडल के दलीलों को गंभीरता से लिया और कहा की वोह शीघ्र ही मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल से ह्युमन चैन के सदस्यों को मिलवायेंगे ताकि मुद्दे का कोई ठोस हल निकल सके!
शनिवार, 11 अगस्त 2012
एएमयू में विलम्ब क्यों? कानून मंत्री से भेंट !!
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