संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह असम हिंसा का मामला मानूसन सत्र के पहले ही दिन दोनों सदनों में जोरशोर से उठाएगी। चिदंबरम सहित महंगाई, आर्थिक संकट और सूखा पर सरकार को घेरने में विपक्ष कोई कोर-कसर नहीं उठा रखेगा। बीजेपी अहम हिंसा पर स्थगन प्रस्ताव रखेगी।
रविवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से उनके आवास पर मिलने के बाद नए वित्त मंत्री मंगलवार को राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली से मुलाकात की। समझा जाता है कि जेटली के संसद भवन स्थित कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान चिदंबरम ने खुद को लेकर भाजपा नेताओं का मन टटोलने की कोशिश की। मानसून सत्र शुरू होने से पहले उनके लोकसभा में नेता विरोधी दल सुषमा स्वराज से मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा समेत पूरे विपक्ष ने दोनों सदनों में चिदंबरम का बहिष्कार किया था।
लोकसभा में आडवाणी कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश कर इस विषय पर चर्चा की मांग करेंगे। राज्यसभा में भाजपा दल के उपनेता रविशंकर प्रसाद व बलबीर पुंज प्रश्न प्रहर स्थगित कर असम पर चर्चा की मांग करेंगे। अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो हंगामा मचना तय है।
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