तमिलनाडु एक्सप्रेस में आग पटाखों की वजह से. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 11 अगस्त 2012

तमिलनाडु एक्सप्रेस में आग पटाखों की वजह से.


फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने गत 30 जुलाई को तमिलनाडु एक्सप्रेस में लगी आग की वजहों का खुलासा किया है.
फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने तमिलनाडु एक्सप्रेस में आग लगने की वजह पटाखों के सामान में चिंगारी और विस्फोट होना बताया है.हैदराबाद स्थित आध्र प्रदेश फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एपीएफएसएल) के विशेषज्ञों ने यह निष्कर्ष आग का शिकार हुई एस-11 बोगी से जुटाए नमूनों की जाच के आधार पर निकाला है. 

नमूनों में आतिशबाजी बनाने के काम आने वाले रसायनों के अंश मिले हैं. इनमें पोटेशियम क्लोराइड और मैग्नीशियम शामिल हैं. पोटेशियम क्लोराइड आतिशबाजी में बारूद का काम करता है. वहीं, मैग्नीशियम का इस्तेमाल चमकीली चिंगारिया निकालने के लिए किया जाता है. नमूनों में इन रसायनों के कुछ बिना जले अंश भी मिले हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि कोई यात्री बड़ी मात्रा में आतिशबाजी का सामान लेकर चल रहा होगा, जिसमें किसी की सिगरेट, बीड़ी या घर्षण से आग लगी होगी. आग लगने से पहले कुछ रेलकर्मियों को कोच से विस्फोट की आवाज सुनाई दी थी. यह तथ्य भी आतिशबाजी के सामान की ओर इशारा करता है. गौरतलब है कि दिल्ली से चेन्नई जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस में आग लगने से 47 यात्रियों की मौत हो गई थी. जानकारी के मुताबिक आग नेल्लौर स्टेशन के करीब सुबह पांच बजे लगी थी.

नेल्लोर के कलेक्टर श्रीधर ने बताया कि ट्रेन के डिब्बे एस 11 आग लगने से पूरी तरह जल कर नष्ट हो गया और इससे 26 यात्रियों को बचाया गया है. जैसे ही ट्रेन चेन्नई से करीब 150 किमी दूर स्थित नेल्लोर से गुजरी, कुछ लोगों ने उसके एक डिब्बे में आग देख कर रेलवे के अधिकारियों को सूचना दी. डिब्बे में 70 सीटें थीं. उन्होंने कहा कि शौचालय के समीप शॉर्ट सर्किट हुआ और ट्रेन 110 किमी प्रति घंटे की गति से जा रही थी. उसे दिल्ली से चेन्नई पहुंचना था, आग सुबह चार बज कर करीब तीस मिनट पर लगी और तब सभी यात्री सो रहे थे. वह तत्काल बाहर भी नहीं आ सके. श्रीधर ने बताया कि आग तेजी से फैली और इसलिए यात्री एक दरवाजे से नहीं निकल सके. दूसरे दरवाजे का उपयोग करना पड़ा. कुछ लोग बाहर आ गए और अन्य फंस गए. उन्होंने बताया कि शव इतनी बुरी तरह जल गए हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल है.

रेल मंत्री मुकुल राय ने तमिलनाडु एक्सप्रेस दुर्घटना में मरने वालों में प्रत्येक के परिजनों को पांच लाख रुपया अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी. रेल मंत्री ने दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को एक-एक लाख और मामूली रूप से घायल हुए लोगों को 25 हजार रुपये देने की घोषणा की.

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