बाबा के तीन दिवसीय अनशन का दूसरा दिन. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 10 अगस्त 2012

बाबा के तीन दिवसीय अनशन का दूसरा दिन.


रामलीला मैदान में अनशन के दूसरे दिन योग गुरु बाबा रामदेव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, कि यदि भ्रष्टाचार का ओलंपिक होता, तो निश्चित रूप से भारत को ही गोल्ड मेडल मिलता। हमने ईमानदारी की मांग की है। मुझे नहीं पता कि सरकार को इसमें समस्या क्या है? योग गुरु बाबा रामदेव के अनशन का आज दूसरा दिन है। कल बाबा रामदेव ने अपने समर्थकों के साथ दिल्ली के रामलीला मैदान में तीन दिवसीय अनशन शुरू किया था। 

रामदेव ने मजबूत लोकपाल कानून बनाने एवं विदेशी बैंकों में जमा काले धन को वापस लाने के लिए सरकार को अंतिम चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इन मांगों के साथ अन्य मांगों पर की जाने वाली कार्रवाई का संकेत देने में विफल रही, तो वह शनिवार को अपनी भावी रणनीति की घोषणा करेंगे।
योगगुरु के मंच पर अन्ना हजारे और उनके सहयोगियों में से कोई भी व्यक्ति नजर नहीं आए। हालांकि रामदेव ने गत माह टीम अन्ना के अनशन स्थल पर पहुंच कर अपना समर्थन जताया था।

रामदेव ने कहा कि अगर कालेधन को वापस लाने की उनकी मांगों को मान लिया जाता है, तो देश से महंगाई की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी और पेट्रोल की कीमत 35 रुपये तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए आपको एक साहसी और ईमानदार प्रधानमंत्री की जरूरत है। हालांकि उन्होंने यह साफ किया कि उनकी किसी राजनीतिक पद की कोई मंशा नहीं है और वह प्रधानमंत्री बनना नहीं चाहते। रामदेव ने कहा कि वह किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत दिल्ली नहीं आए हैं और न ही उनका इरादा सत्ता में बैठे लोगों को हटाने या उनकी जगह किसी और को बिठाने का है।

रामलीला मैदान पर हजारों की भीड़ को सम्बोधित करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि हम सरकार के सभी अनुचित कार्यों को अगले तीन दिन में नाकाम करेंगे, लेकिन यदि हमारी मांगें नहीं मानी जाती हैं तो क्रांति होगी। यदि हमारी मांगें नहीं मानी जाती हैं तो हम अपने अगले चरण की रणनीति के बारे में निर्णय लेंगे। देश के सभी सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से भ्रष्टाचार के खिलाफ सामूहिक प्रयास करने की अपील करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि देश में सभी संगठनों से मेरा अनुरोध है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई अकेले न छेड़ें। यह सामूहिक प्रयास होना चाहिए।

योग गुरु ने कहा कि सरकार को प्रभावी लोकपाल विधेयक की मांग स्वीकार करनी ही होगी। उन्होंने कहा कि लोकपाल विधेयक सरकारी संस्करण वाला नहीं चाहिए, जो बहुत कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि हम अपने आंदोलन के पहले चरण में तीन दिन का सांकेतिक अनशन करेंगे। यदि सरकार हमारी मांगों पर गौर नहीं करती तो हम अपनी अगली रणनीति के बारे में 12 अगस्त को घोषणा करेंगे। हम तब तक अनशन खत्म नहीं करेंगे, जब तक कि हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

रामदेव ने कहा कि मेरे दरवाजे सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए खुले हैं। मेरे दरवाजे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के लिए भी खुले हैं। हम किसी को सत्ता से बेदखल करने के लिए नहीं हैं। रामलीला मैदान में बाबा रामदेव के हजारों समर्थक तिरंगा लिए मौजूद थे। उन्होंने लोगों से देशभर में शांति यात्राएं और कैंडल मार्च निकालने की अपील की। रामलीला मैदान पहुंचने से पहले उन्होंने राजघाट पर महात्मा गांधी व शहीद पार्क में भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी। दिल्ली पुलिस ने बाबा रामदेव के आंदोलन के आयोजकों को 30 अगस्त तक के लिए रामलीला मैदान में जगह दी है। यहां हर दिन केवल 30,000 लोगों के जुटने की अनुमति दी गई है।

बाबा रामदेव ने एक साल पहले भी इसी मैदान में ऐसा ही एक आंदोलन किया था। योग गुरु तथा उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने मध्य रात्रि को कार्रवाई कर उन्हें मदान से हटा दिया था। पुलिस की कार्रवाई में एक महिला गम्भीर रूप से घायल हो गई थी, जिसकी बाद में मौत हो गई। छह दिन पहले, तीन अगस्त को अन्ना हजारे व उनकी टीम के सदस्यों ने जनलोकपाल विधेयक की मांग को लेकर किया जा रहा अपना अनशन समाप्त कर दिया था। उन्होंने लोगों को राजनीतिक विकल्प देने की बात कही है। अनशन समाप्त होने के बाद छह अगस्त को टीम अन्ना भी भंग कर दी गई। 

कोई टिप्पणी नहीं: