दो अगस्त को पुणे में हुए सीरियल ब्लास्ट की जांच से संकेत मिले हैं कि बम इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े साजिद और शहजाद ने रखे थे. पुणे पुलिस और राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी यानी एनआईए की टीम ने कई प्रत्यक्षदर्शियों से गहन पूछताछ के बाद इंडियन मुजाहिदीन के इन दो आंतकियों को चिन्हित किया है.
पुणे पुलिस ने दो अगस्त को हुए चार सीरियल ब्लास्ट के बाद संदिग्धों के स्केच जारी किए थे. हालांकि ये स्पष्ट नहीं थे. पर पुणे के एक इलाके में जहां साइकल पर बम रखा गया था, वहां के एक प्रत्यक्षदर्शी ने दो स्केच में से एक की पहचान कर ली. इसके बाद पुणे पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि चारों जगहों पर बम डॉक्टर शहजाद और मोहम्मद साजिद ने रखे थे.
शहजाद 2008 से ही फरार है और इसे इंडियन मुजाहिदीन का संस्थापक सदस्य माना जाता है. पुणे ब्लास्ट में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था. इसी से शक की सूई शुरू से इंडियन मुजाहिदीन की तरफ घूमने लगी. कारण ये था कि पहले भी जिन धमाकों में आईएम का हाथ पाया गया वहां भी आरडीएक्स का इस्तेमाल नहीं हुआ था. महाराष्ट्र पुलिस ने पुणे में हुए विस्फोटों के सिलसिले में दो संदिग्धों का स्केच तैयार किया था. हालांकि जांचकर्ताओं को पहले से ही संदेह था कि पहली अगस्त को हुए विस्फोटों को अंजाम देने में कम से कम तीन लोग शामिल थे.
पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया, ‘‘दो लोगों के स्केच तैयार हो गए हैं जिन पर शक है कि उन्होंने ही बम लगाए थे. स्केच को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा बल्कि जांच में शामिल पुलिसकर्मियों को सौंपा जाएगा.’’ उन्होंने कहा कि शुरूआती जांच से संकेत मिलता है कि विस्फोट को अंजाम देने में कम से कम तीन संदिग्ध शामिल थे. उल्लेखनीय है कि 1 अगस्त बुधवार को शाम 7.37 बजे से 8.15 बजे के बीच पुणो के भीड़भाड़ वाले इलाकों में कम तीव्रता वाले चार विस्फोट हुए थे. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ता तथा पुणे अपराध शाखा सिलसिलेवार विस्फोटों की जांच कर रहे हैं.
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