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दवा कंपनियों द्वारा दिए गए उपहार और सैर के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाएँ अब आयकर दायरे में आ गए हैं. डॉक्टरों को अब प्रायोजित सैर की सुविधा एवम उपहार लेने पर आयकर देना होगा.
व्यावसायिक व्यवहार नियम आचार संहिता में संशोधन के बाद मेडिकल प्रैक्टिशनर और उनसे जुड़ी संस्थाओं पर कंपनियों से उपहार, यात्रा सुविधा मेजबानी, नकदी या अन्य सहयोग आदि पर रोक लगा दी गई है. अब रिसर्च या सेमीनार के नाम पर डॉक्टरों को विदेश यात्रा , उपहार आदि पर कंपनियों को तो आयकर भरना ही पड़ेगा डॉक्टर भी उससे नहीं बच पायेंगे यह लाभ उनके आमदनी में जुड़ेगा और उम्हें पूरा पूरा आयकर भरना पड़ेगा.
आयकर अधिकारियों को कहा गया है कि ऐसे डॉक्टरों के रिटर्न की भली भाँति जांच करें ताकि ऐसे लाभ डॉक्टरों की आमदनी में शामिल किया जा सके.
आयकर अधिकारियों को कहा गया है कि ऐसे डॉक्टरों के रिटर्न की भली भाँति जांच करें ताकि ऐसे लाभ डॉक्टरों की आमदनी में शामिल किया जा सके.
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