आरुषि-हेमराज मर्डर केस में फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर बीके महापात्रा ने साबित किया कि आरुषि के तकिये पर मिले खून के नमूने से 'पुरुष' डीएनए जनरेट हुआ है। डॉ. महापात्रा ने कोर्ट को बताया कि आरुषि के कमरे की दीवार से मिले खून के निशान 'महिला' के थे, जबकि छत और सीढ़ियों से मिले खून के निशान 'पुरुष' के थे।
इससे पहले सीबीआई के विशेष जज एस. लाल की अदालत में सीज नमूनों के 13 पैकेट खोले गए। पूरी कार्यवाही के दौरान सीबीआई के वकील आरके सैनी और बीके सिंह कोर्ट में उपस्थित रहे। मामले के आरोपी नूपुर तलवार और राजेश तलवार को सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया।
आरके सैनी के अनुसार कोर्ट की कार्यवाही में आर्टिकल नंबर 8 से 20 तक के पैकेट खोले गए। इनमें हेमराज के कपड़ों के अलावा, आरुषि का तकिया, छत, सीढ़ियों और आरुषि के कमरे की दीवार से मिले खून के नमूने सीज थे। इस मामले में आज भी सुनवाई होगी।

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