सूत्रों के अनुसार अन्ना के सहयोगियों ने 2014 से पहले दिल्ली विधानसभा का चुनाव लड़ने का फैसला किया। मतलब साफ है कि अब अन्ना के सहयोगी चुनाव लड़ेंगे। 2014 में लोकसभा चुनाव भी होना है लेकिन उससे पहले दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव में ही अन्ना के सहयोगी अपनी ताकत को आजमाएंगे। मालूम हो कि दिल्ली में अन्ना का आंदोलन हिट रहा था इसीलिए अन्ना के साथियों को उम्मीद है कि उनकी मुहिम का असर दिल्ली चुनाव में दिखेगा।
सूत्रों के अनुसार अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अगर अन्ना कहें तो राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला तुरंत वापस ले लेंगे। उन्होंने लिखा है कि राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला सबसे पहले अन्ना ने ही दिया था। अरविंद ने ये भी लिखा है कि अन्ना के कहने के बाद ही राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला लिया गया था।
गौरतलब है कि जंतर मंतर के आंदोलन के आखिरी दिन ये तय किया था गया था कि अन्ना के सहयोगी अब राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। लेकिन बाद में यह खबरें आई कि अन्ना राजनीतिक विकल्प तैयार करने के इस फैसले पर सहमत नहीं थे लेकिन दबाव के आगे उन्हें झुकना पड़ा। दरअसल, अरविंद यह दिखाना चाहते हैं कि राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला अन्ना का ही था। ऐसा करके वो टीम अन्ना के खिलाफ उठ रही आवाज को जवाब देना चाहते हैं।
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