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अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव (प्रतिनिधि सभा) के लिए हो रहे चुनाव में छह अमेरिकी-भारतीय शामिल हैं। इनमें से तीन उम्मीदवारों के जीतने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
50 राज्यों की 435 सीटों के लिए मंगलवार को मतदान होगा। इन चुनावों में जीत हासिल करने वाले उम्मीदवार 113वीं अमेरिकी संसद का हिस्सा बनेंगे। छह अमेरिकी भारतीय में से डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार डॉ. अमी बेरा कैलिफोर्निया के सातवें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक से चुनाव लड़ रहे हैं। वाशिंगटन पोस्ट ने उनकी सीट को लीन डेमोक्रेट की श्रेणी में रखा था यानी वह जीत के करीब हैं।
रिपब्लिकन उम्मीदवार डैन लनग्रेन के खिलाफ चुनाव लड़ रहे बेरा की जीत को लेकर सर्वे एजेंसी रोल कोल व रियल क्लियर पॉलिटिक्स ने भी यही संभावना जताई है। बेरा के समर्थन में पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने भी प्रचार किया है।
अमेरिकी कांग्रेस के लिए सिर्फ दो भारतीय अमेरिकी निर्वाचित हुए हैं। 1950 में प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचित होने वाले दलीप सिंह सौंद पहले भारतीय मूल के अमेरिकी थे जबकि लुसियाना के गर्वनर बॉबी जिंदल दूसरे। सबसे युवा रिपब्लिकन उम्मीदवार रिकी गिल कैलिफोर्निया के 7वें डिस्ट्रिक से चुनाव लड़ रहें हैं। 25 वर्षीय गिल लगातार तीन बार से चुनाव जीत रहे डेमोक्रेट उम्मीदवार जेरी मैकनरने के खिलाफ ताल ठोंक रहे हैं। रोल कोल और रियल क्लियर पॉलिटिक्स ने गिल की जीत की संभावना जताई है। इसके अलावा पेंसिलवेनिया के छठे कांग्रेशनल डिस्ट्रिक से दोबारा चुनाव लड़ रहे डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार डॉ. मनन त्रिवेदी के जीतने की न्यूयॉर्क टाइम्स समेत कई मीडिया संस्थानों ने संभावना व्यक्त की है। न्यूजर्सी के उप विधानसभा अध्यक्ष उपेंद्र चिवुकूला के जीतने की भी संभावना जताई जा रही है। जबकि डेमोक्रेट उम्मीदवार जैक उपल को छह भारतीय अमेरिकियों में सबसे कमजोर उम्मीदवार माना जा रहा है।
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