विधायक व विधान पार्षद से नियोजन प्रक्रिया की कमी की आवाज सदन में उठाने की अपील
बिहार राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा उतीर्ण अभ्यर्थी संगठन (टीईटी व एसटीईटी) के अध्यक्ष राजेश कुमार ने राज्य के तमाम विधायकों व विधान पार्षदों से मांग किया ह,ै कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया की विसंगतियों को दूर कर, पात्रता परीक्षा उतीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए, सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से विधानसभा के शीतकालीन सत्र में अपनी आवाज उठाकर बिहार के उन जवानो की आवाज बुलन्द करें जो बिहार का भविष्य गढने वाले है। वर्तमान नियोजन प्रक्रिया में कई खामियां है, जिन्हे दूर करने के लिए सरकार के मुख्यमंत्री,शिक्षामंत्री और शिक्षा सचिव से संगठन के अध्यक्ष राजेश कुमार ने वार्ता की है, ज्ञापन सौंपा है लेकिन सभी बेनतीजा समाप्त हो गये है। इसके कारण बिहार के भविष्य गढने वालों के भविष्य पर काले बादल छाये हुए है। कोई भी विधायक या विधान पार्षद इस मामले को सदन में उठायेगे तो यह बिहार के हित में एक सकारात्मक पहल होगी। वर्तमान नियोजन खामियों के कारण 85 फीसद आवेदन अनियोजित रह जाएंगे, जबकि 15 प्रतिशत की नियुक्ति बतौर शिक्षक होगी।
बन्ध्याकरण के दौरान मृतका के परिजनो ने मुआवजा के लिए किया बवाल
अनुमण्डल के गौनाहा प्रखण्ड मुख्यालय स्थित रेफरल अस्पताल में तीन वर्ष पूर्व बन्ध्याकरण के दौरान मृत महिला के परिजनो को मुआवजा नहीं मिलने को लेकर स्थानीय लोगो ने परिजनो के साथ बन्ध्याकरण शिविर का जमकर विरोध किया। उल्लेखनीय है कि गौनाहा मनीटोला निवासी राजकपूर चैधरी की पत्नी रीता देवी 32 वर्षीया की मौत सूर्या द्वारा गौनाहा सरकारी अस्पताल में आॅपरेशन के कुछ देर बाद हो गयी थी। वहाँ के लोगो द्वारा जमकर हंगामा किया। इस बाबत गौनाहा थाना में सूर्या क्लिनीक के डाॅक्टर, सरकारी अस्पताल के कर्मी और दो एएनएम समेत 5 लोगो के विरूद्ध मामला दर्ज कराया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ.अवधेश कुमार सिंह मृत महिला के मुआवजा सम्बन्धित कागजात जिला को भेज दी गयी है। परन्तु दुर्भाग्य की बात है कि तीन वर्ष बाद भी उक्त महिला के परिजनो को मुआवजे की राशि नही मिल सकी है। इसी बात को लेकर मृतका के पति राजकपूर चैधरी, ईश्वर चन्द्र राम, प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव, जैनुल मियां, अशोक चैधरी, हीरा चैधरी और सुरेन्द्र उरांव के नेतृत्व में गुरूवार को अस्पताल में आयोजित बन्ध्याकरण शिविर का जमकर विरोध किया गया। इस बावत सिविल सर्जन का कहना है कि चुकि मामला तीन वर्ष पुराना है इसलिए कम्पनी मुआवजा देने में आनाकानी कर रही है। बावजूद इसके मृतका के परिजनो को मुआवजा दिलाने की कोशिश जारी है। अनुमण्डल पदाधिकारी महमूद आलम के निर्देश पर बीडीओ महम्मद हस्जाम ने आवाम से एक माह का समय लेकर मुआवजा दिलाने की बात कही है । इसके बाद ग्रामीणों का हंगामा शांत हुआ। यदि एक माह में मुआवजा नही मिला तो लोगो का जबरदस्त आन्दोलन होगा, परिजनो ने स्वास्थ्य विभाग के सिर फोड़ा ठीकरा।
म्ुाख्य प्रबंधक अशोेक कुमार का योगदान
भारतीय स्टेट बैंक विगत 14 जून 2012 से प्रबंधक विहीन था, लेकिन काफी मशक्कत के बाद अन्ततोगत्वा अशोक कुमार ने सोमवार को मुख्य प्रबंधक का दायित्व संभाल लिया है। पूर्व मुख्य प्रबंधक बी पी सिंह के तबादले के बाद से यहाँ का काम प्रभार में कभी शीबचन्द्र और कभी श्रीकिशोर प्रसाद देखते रहे लेकिन वे लोग ग्राहकहित और बैंक हित में काम नहीं कर सके। यहाँ के ग्राहक उपेक्षित होते रहे और प्रबंधन पर बिचैलिये हावी रहे, जिसका ताजा उदाहरण शीबचन्द्र प्रबंधक बैकिंग विकास प्रभाग का तबादला है। युं कहें कि बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से निकले हम तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। बैंक के डिफाल्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी और बिचैलियों का दबदबा खाता खोलवाने से लेकर जमा और निकासी के साथ ऋण विभाग पर बना रहा । शहर के व्यवसायी कृष्ण कुमार केजरीवाल समेत न जाने कितने ग्राहक ऋण के लिए भटकते रहे लेकिन उन्हे ऋण प्राप्त नहीं हो सका। ग्राहकों ने नये मुख्य प्रबंधक से उम्मीद जताया है कि बैंक में ग्राहको की सुविधा का ख्याल रखा जाएगा और खाता खोलने से लेकर जमा और निकासी तथा ऋण लेने देने में ग्राहको की परेशानी कम होगी।
(अवधेश कुमार शर्मा)
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