बंगाल में परिवर्तन के बाद भी विकास नहीं : रमेश - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 8 दिसंबर 2012

बंगाल में परिवर्तन के बाद भी विकास नहीं : रमेश


तृणमूल कांग्रेस से नाता तोड़ने के बाद पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को राहत मिलने का दावा करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने शनिवार को इस बात पर जोर दिया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बावजूद कहीं विकास नहीं दिख रहा। राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और उनके कामकाज के तरीके पर कटाक्ष करते हुए रमेश ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों का आयोजन और आंदोलन की अगुआई की ऊर्जा और शक्ति से भरे व्यक्ति में सरकार चलाने की थोड़ी बुद्धि भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव तो हुआ, लेकिन उसके साथ विकास नहीं आ सका। उन्होंने कहा कि विकास के अभाव में परिवर्तन का भी परिवर्तन हो सकता है और यह नया बदलाव केवल कांग्रेस ला सकती है।

उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राज्य में होने जा रहे पंचायत चुनावों में लोगों के बीच यह बात रखने का आह्वान किया कि वाममोर्चा और तृणमूल दोनों के शासन को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस को एक मौका देने की मांग करें। उन्होंने कहा कि यदि हम पंचायत चुनाव को ठीक से लड़ें तो 2016 के विधानसभा चुनाव में बदलाव लाने में कामयाब होंगे। 

कोई टिप्पणी नहीं: