बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार विश्वविद्यालय के कुलाधिपति से टकराव नहीं चाहती। टकराव से समस्या का समाधान नहीं होगा। पटना उच्च न्यायालय द्वारा शुक्रवार को राज्य के छह विश्वविद्यालयों के कुलपति और चार प्रति-कुलपतियों की नियुक्ति रद्द किए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक न्यायिक निर्णय है, इस पर वह ज्यादा बोलना नहीं चाहेंगे। उन्होंने कहा कि कुलपति एवं प्रति-कुलपति की नियुक्ति के बारे में राज्य सरकार ने अपना रुख उच्च न्यायालय में स्पष्ट किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों का संचालन सबके परस्पर सहयोग एवं विश्वविद्यालय के नियंत्रण के लिए बने अधिनियम के अंतर्गत होना चाहिए। सरकार विश्वविद्यालय की स्थिति में सुधार और पठन-पाठन की बेहतर व्यवस्था चाहती है। उन्होंने कहा, "विश्वविद्यालयों में भी अन्य क्षेत्रों की तरह कामकाज हो, ऐसी मेरी इच्छा है। सरकार अनुदान देने के अलावा विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली में सुधार लाना चाहती है।"
इससे पहले पटना उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार से परामर्श किए बगैर कुलाधिपति देवानंद कुंवर द्वारा नियुक्त किए गए छह विश्वविद्यालय के कुलपतियों और चार प्रति-कुलपतियों की नियुक्ति को रद्द कर दिया।
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