खुदरा में FDI राष्ट्रीय जरूरत : कानून मंत्री - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 6 दिसंबर 2012

खुदरा में FDI राष्ट्रीय जरूरत : कानून मंत्री


कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने गुरुवार को राज्य सभा में कहा कि खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 'राष्ट्रीय जरूरत' है। यह किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए लाभदायक है। राज्य सभा में बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को अनुमति देने के मुद्दे पर जारी बहस में उन्होंने कहा, "बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को अनुमति देना राष्ट्रीय जरूरत है.. देश की अर्थव्यवस्था का हर क्षेत्र इस नीति से लाभ में रहने वाला है।" मंत्री ने कहा कि किसानों ने सरकार के इस कदम को समर्थन दिया है।

उन्होंने कहा, "पंजाब में भारतीय किसान संघ ने हमारा साथ दिया है। महाराष्ट्र में स्वाभिमान शेतकारी संगठन ने हमें समर्थन दिया है। कोई भी किसान इस नीति के विरोध में सड़क पर नहीं गया है, क्योंकि उन्हें पता है कि आज या कल उन्हें इस नीति का लाभ मिलने ही वाला है।" उन्होंने कहा कि हर साल 35 से 40 फीसदी फल और सब्जियां बर्बाद हो जाती है, किसानों को हर साल 65 हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान होता है, क्योंकि आधारभूत संरचना और शीत भंडार सुविधा का अभाव है।

उन्होंने कहा कि खुदरा क्षेत्र में एफडीआई आने पर उसका एक बड़ा हिस्सा इन अवसंरचनाओं पर खर्च होगा। उन्होंने कहा, "एक समय आता है, जब देश को अपने हित में कोई फैसला लेना होता है। हमें दलगत राजनीति से ऊपर उठना होगा। यह नीति देश का भविष्य तय करेगी।"

कोई टिप्पणी नहीं: