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बुधवार, 30 जनवरी 2013

केएलएफ-8 प्रोटीन की खोज.


कैंसर की गांठों को मारने में इस्तेमाल होने वाले कई तरीके प्रतिरोधक कोशिकाओं को भी मार सकते हैं, लेकिन अनुसंधानकर्ताओं ने अब एक ऐसे प्रोटीन की खोज की है, जो गांठों को दोबारा पैदा होने से रोकने में मददगार हो सकता है।  

यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा के अनुसंधानकर्ताओं ने स्तन व गर्भाशय के कैंसर सहित कई प्रकार के कैंसर में उपस्थित केएलएफ-8 प्रोटीन पाया है, जो गांठों को दोबारा बनने से रोक सकता है। जर्नल ऑफ बायोलॉजिकल केमेस्ट्री की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैज्ञानिकों ने पाया है कि केएलएफ-8 प्रोटीन कैंसर गांठ की कोशिकाओं को मारने के लिए दी जाने वाली दवाओं से कोशिकाओं की रक्षा करता है और गांठ की कोशिकाओं की पुनर्जन्म क्षमता को भी बढ़ाता है।

यूनिवर्सिटी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि प्रोटीन की भूमिकाओं पर अनुसंधान कर रहे प्रोफेसर जिहे झाओ ने बताया है कि सभी कोशिकाओं में डीएनए की मरम्मत का एक तंत्र होता है। इसी कारण हम डीएनए के क्षतिग्रस्त होने के खतरों के बीच भी जिंदा रहते हैं, लेकिन केएलएफ-8 स्तन कैंसर व गर्भाशय कैंसर जैसे खास तरह के कैंसरों में अधिक स्पष्ट रहता है। झाओ ने कहा है कि विचार यह है कि यदि हम इसकी सक्रियता को रोक सकें, तो हम कैंसर गांठों को वापस बनने से रोक सकते हैं। हमें अभी भी ढेर सारे अनुसंधान की आवश्यकता है, लेकिन यह मुमकिन है।

अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, अकेले अमेरिका में 25 लाख से 27 लाख महिलाएं स्तन कैंसर से पीड़ित हैं और 10 से 20 प्रतिशत मामलों में बीमारी दोबारा पैदा हो सकती है। प्रत्येक वर्ष लगभग 22,200 महिलाओं में गर्भाशय के कैंसर का मामला भी सामने आता है।

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