नागरिक उड्डयन मंत्री अजीत सिंह ने मंगलवार को कहा कि तंगी से जूझ रहे एयर इंडिया का घाटा मौजूदा वित्त वर्ष में 1,209 करोड़ रुपये तक आने का अनुमान है। सिंह ने पत्रकारों से यहां कहा कि एयर इंडिया ने 2012-13 के अपने 5,198 करोड़ के घाटे में गिरावट के बाद 2013-14 में 3,989 करोड़ रहने का अनुमान लगाया है।
इसका श्रेय राजस्व में बढ़ोतरी को जाता है जो पिछले वित्त वर्ष में 9.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2011-1212 के 14,714 करोड़ रुपये से 16,130 करोड़ रुपये हो गई। एयर इंडिया द्वारा 2011-12 के दौरान 1.304 करोड़ यात्रियों को ढोया था। इसमें 5 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 2012-13 में 1.405 करोड़ हो गई।
एयर इंडिया नई दिल्ली, कोयंबटूर, चेन्नई और मुंबई में अपने रियल एस्टेट परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण करेगा। इससे 1,000 रुपये मिलने की उम्मीद है। इस राशि का उपयोग ऋणों की अदायगी में की जाएगी। एयर इंडिया ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से जनवरी में नया करार किया है, जिससे हर साल 500 करोड़ रुपये की बचत होगी। एयर इंडिया ढोलकिया समिति की सिफारिशों को लागू कर अगले छह महीने में 500 करोड़ की बचत करेगी।

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