विधानसभा उपाध्यक्ष श्री हरवंश के निधन पर पी.एच.ई. मंत्री श्री बिसेन ने शोक व्यक्त किया
म.प्र. शासन के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं सहकारिता मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने म.प्र. विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री हरवंश सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मंत्री श्री बिसेन ने अपने शोक संदेश में कहा है कि हरवंश सिंह सबको साथ लेकर चलने एवं विकास के प्रति सकारात्मक सोच रखने वाले व्यक्ति थे। उनके निधन से प्रदेश को अपूरणीय क्षति हुई है। विधानसभा में उनके साथ कार्य करने का उन्हें अवसर मिला और उनसे बहुत कुछ सीखने को भी मिला। विकास के लिए उन्होंने दलगत भावना से उपर उठकर कार्य किया। मंत्री श्री बिसेन हरवंश सिंह की अंतिम यात्रा में शामिल हुए और उन्हें श्रृध्दासुमन अर्पित किये।
दो दिन में पंचायत भवन का काम शुरू नहीं करने पर बक्कर के सरपंच एवं सचिव को हटाने के आदेश
किरनापुर जनपद की ग्राम पंचायत बक्कर में नवीन ग्राम पंचायत भवन के लिए राशि मंजूर होने के बाद भी अब तक इस भवन का कार्य प्रारंभ नहीं करने को कलेक्टर श्री बी. चन्द्रशेखर ने गंभीरता से लिया है और उन्होंने वहां के सरपंच व सचिव को सख्त निर्देश दिये है कि दो दिनों के भीतर ग्राम पंचायत भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ करायें। दो दिनों में ग्राम पंचायत भवन का कार्य प्रारंभ नहीं करने पर वहां के सरपंच को पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्यवाही कर पद से हटा दिया जायेगा और सचिव को भी पद से हटा दिया जायेगा। कलेक्टर द्वारा एस.डी.एम. बालाघाट को निर्देशित किया गया है कि दो दिनों के भीतर ग्राम बक्कर में पंचायत भवन का कार्य प्रारंभ नहीं होता है तो सरपंच को पद से हटाने की कार्यवाही करें।
हाईटेक जनसुनवाई में बढ़ती जा रही है फरियादियों की संख्या
प्रत्येक मंगलवार को कलेक्ट्रेट में होने वाली जनसुनवाई में अपनी समस्या का समाधान होने की आस लेकर आने वाले फरियादियों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। आज 14 मई को भी कलेक्ट्रेट में बढ़ी संख्या में जिले के दूर-दराज के ग्रामों से लोग अपनी समस्या एवं शिकायत लेकर आये थे। कलेक्टर श्री बी. चन्द्रशेखर ने आवेदकों की समस्याओं को सुनने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों को कार्यवाही के निर्देश दिये है।
भरण पोषण की व्यवस्था करने की मांग
जनसुनवाई में ग्राम कनकी की जीराबाई अपनी समस्या लेकर आई थी वह विकलांग है और गरीब परिवार है। उसका नाम बी.पी.एल. सूची में भी नहीं है। जीराबाई की मांग थी कि उसके जीवन यापन के लिए भरण पोषण की व्यवस्था की जाये। कलेक्टर श्री चन्द्रशेखर ने लालबर्रा के तहसीलदार को इस प्रकरण की जांच कर जीराबाई का नाम बी.पी.एल. सूची में जोड़ने तथा उसे जनपद पंचायत से विकलांग पेंशन दिलाने के निर्देश दिये है।
जी.पी.एफ. की राशि दिलाई जाये
जनसुनवाई में ग्राम किंडगीटोला-मंडई की शशिकला परते शिकायत लेकर आई थी कि उसके पिता रूपसिंह परते शिक्षक के पद पर पदस्थ थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनकी मृत्यु हो गई है। लेकिन अब तक उनके जी.पी.एफ. की पूरी राशि उन्हें नहीं मिल पाई है। इस पर कलेक्टर श्री चन्द्रशेखर ने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को प्रकरण की जांच कर शशिकला को जी.पी.एफ. की बकाया राशि दिलाने के निर्देश दिये।
जी.पी.एफ. स्लीप कम बता रही है राशि
प्राथमिक शाला सेरपार के शिक्षक सेवकराम शरणागत जनसुनवाई में अपनी समस्या लेकर आये थे कि उन्हें बीमारी के ईलाज के लिए 2 लाख रु. की आवश्यकता है। महालेखाकार ग्वालियर द्वारा जारी उनकी जी.पी.एफ. स्लीप में मात्र 20 हजार 290 रु. की राशि जमा होना बताया जा रहा है। जबकि उनकी जी.पी.एफ. पासबुक में एक लाख 70 हजार रु. की राशि जमा बताई जा रही है। ऐसी स्थिति में वह अपनी बीमारी के उपचार के लिए उन्हें जी.पी.एफ से पर्याप्त राशि नहीं मिल रही है। इस पर कलेक्टर ने सहायक आयुक्त् आदिवासी विकास को नियमों के अनुसार कार्यवाही कर शिक्षक श्री शरणागत को राशि दिलाने के निर्देश दिये है।
लाख बीज की राशि नहीं मिली
जनसुनवाई में लाख उत्पादन केन्द्र टिंगीपुर समिति के अध्यक्ष देवसिंह बिसेन शिकायत लेकर आये थे कि उनकी समिति द्वारा वन विभाग के निर्देश पर लाख का बीज परिवहन कर वन विभाग को उपलब्ध कराया गया है। लेकिन उन्हें उसकी राशि का अब तक भुगतान नहीं किया गया है। कलेक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को प्रकरण की जांच कर लाख बीज की राशि भुगतान करने के निर्देश दिये है।
सरपंच सचिव कर रहें है अनियमितता
जनसुनवाई में कटंगी जनपद की ग्राम पंचायत बोलडोंगरी एवं बम्हनी में वहां के सरपंच एवं सचिव द्वारा अनियमितता किये जाने की शिकायत दस्तावेजों के साथ की गई। शिकायत करने वालों का कहना है कि इन पंचायतों में सरपंच एवं सचिवों के भ्रष्टाचार के कारण जनता को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इस पर कलेक्टर ने कटंगी के एस.डी.एम. को इन पंचायतों की विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन करने के निर्देश दिये है।
किडनी के उपचार के लिए ताराबाई को मिलेगी सहायता
किरनापुर की निवासी ताराबाई भिमटे अपनी समस्या लेकर जनसुनवाई में आई थी कि उसकी दोनो किडनी खराब हो गई है। उसकी पति की मृत्यु भी किडनी के खराब होने से हुई है। उसका एक ही बेटा है और वह गरीब परिवार से है। उसे किडनी की आवश्यकता है। इस पर कलेक्टर श्री चन्द्रशेखर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. खोसला को निर्देशित किया है कि वे ताराबाई को राज्य बीमारी सहायता निधि से शीघ्र सहायता राशि दिलवायें।
पति शराब पीकर प्रताड़ित करता है
जनसुनवाई में फुलेश्वरी अपने छोटे से बच्चे को लेकर आई थी। उसने बताया कि उसका मायका खैरलांजी का है। वर्ष 2008 में उसका विवाह भटेरा निवासी राजेश नगपुरे के साथ हुआ था। विवाह के बाद उसका एक बेटा और एक बेटी है। पति शराब पीकर उस पर अत्याचार करता ह,ै, प्रताड़ित करता है और कई तरह के लांछन लगाता है। पति ने उसे बच्चों सहित अपने घर से निकाल दिया है। वह पिछले दो वर्षों से अपने माता-पिता के पास रह रही है। लेकिन उसके मात-पिता भी गरीब है और वे भी उसे पाल नहीं सकते है। अत: उसे कहीं पर भी भृत्य आदि का काम दिला दिया जाये। कलेक्टर श्री चन्द्रशेखर ने महिला सशक्तिकरण अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे फुलेश्वरी की मदद करें और उसे भरण पोषण दिलवायें।
सेवा सहकारी समिति कृषि के लिए नहीं दे रही है कर्ज
जनसुनवाई में जनगणना का कार्य करने वाले आपरेटर शिकायत लेकर आये थे कि उन्हें कार्य की राशि का अब तक भुगतान नहीं किया गया है। ग्राम अरंडिया के सीताराम व हेमराज पटले शिकायत लेकर आये थे कि उन्हें कृषि कार्य के लिए आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कर्ज नहीं दे रही है। ऐसे में वे खेती कैसे करेंगें। वारासिवनी की प्रमिला वाल्मिकी कृषि उपज मंडी में अपने बेटे को स्वीपर के पद पर नियुक्त करने की मांग लेकर आई थी।
वर्मी कल्चरिंग एवं वर्मी कम्पोस्ंटिग कोर्स के लिए 20 मई तक आवेदन पत्र आमंत्रित
कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केन्द्र मुरझड़-वारासिवनी में ए.जी.आर.-137 कोर्स में प्रवेश के लिए आगामी 20 मई तक आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये है। इस प्रशिक्षण कोर्स के लिए आवेदक को पांचवी कक्षा पास होना चाहिए तथा उसकी आयु 14 वर्ष होना चाहिए। आवेदन पत्र कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केन्द्र मुरझड़ से नि:शुल्क प्राप्त किये जा सकते है। आपेदन पत्र के साथ एक हजार रु. का शुल्क जमा करना होगा। आवेदन पत्र आगामी 20 मई 2013 तक जमा कराये जा सकते है। आवेदन पत्रों का परीक्षण करने बाद उन्हें वेवसाईट www.sdi.gov.in पर आनलाईन कर दिया जायेगा।

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