छतरपुर (मध्यप्रदेश) की खबर (17 मई) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 17 मई 2013

छतरपुर (मध्यप्रदेश) की खबर (17 मई)


दो हत्यारों को कठोर उम्रकैद, सत्र न्यायाधीश विमल कुमार जैंन ने सुनाया फैसाला
  • नरेन्द्र सिंह परमार साक्ष्य के आभाव में बरी


छतरपुर- सत्र न्यायाधीश श्री विमल कुमार जैंन ने गोली मारकर हत्या करने वाले दो आरोपियों को दोषी करार देते हुये आईपीसी की धारा 302 के तहत कठोर आजीवन करावास के साथ 24 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि ग्राम कांटी निवासी बिन्द्रावन ने थाना कोतवाली में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका भतीजा लल्लू उर्फ गोविंद पटैरिया निवासी कांटी  बंधियन मोहल्ला छतरपुर में रहकर टैक्सी चलाता था। दिनांक 25 फरवरी 2011 को शाम को ग्राम कांटी आया था। लल्लू ने अपनी माॅ तुलसाबाई से कहा था कि उसे गाॅव के जगन्नाथ यादव और ’प्यारेलाल अहिरवार ने दिल्ली जाने के लिये टैक्सी लेकर बुलाया हैं। लल्लू के पिता तुलसीदास  और माॅ तुलसाबाई जब छतरपुर से गाॅव के लिये रात्रि 8.00 बजे करीब जा रहे थे कि बड़ी टेक के पास उनके पुत्र लल्लू की आटो खड़ी मिला जिसमें लल्लू मौजूद नही था। तब गाॅव, परिवार के लोगों को सूचना दी गई जिन्होने लल्लू को तलाश किया। जब लल्लू तलाश करने पर नही मिला तब थाना कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। दिनांक 26 फरवरी 2011 को सुबह 5-6 बजे कांटी-बरकौंहा रोड के किनारे कन्तला हार की बारी के पास लल्लू मृत हालत में पड़ा मिला। लल्लू के कान के पास गोली लगी थी तथा वह खून से लतपत था। थाना कोतवाली के तत्कालीन निरीक्षक आरएस रावत ने मामला दर्ज कर विवेचना के दौंरान पाया कि आरोपी जगन्नाथ तनय दुलीचंद्र यादव ने अपने साथी कल्याण सिंह पुत्र जगपाल सिंह परमार और नरेन्द्र सिंह परमार निवासीगण कांटी ने पुरानी रंजिश के चलते लल्लू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने उक्त तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला अदालत के सुपुर्द कर दिया। मामले के सम्पूर्ण सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश श्री विमल कुमार जैंन ने आरोपी जगन्नाथ यादव और उसके साथी कल्याण सिंह परमार को लल्लू की हत्या करने का दोषी करार दिया। आरोपी जगन्नाथ को आई.पी.सी. की धारा 302, आरोपी कल्याण सिंह को 302/34  के तहत कठोर आजीवन कारावास के साथ 5-5 हजार रुपये जुर्माने, धारा 201 में दोनो आरोपियों को दो-दो वर्ष के कठोर कारावास के साथ 5-5 हजार रुपये जुर्माने, आरोपी कल्याण सिंह को 404 में दो वर्ष कठोर कैद दो हजार जुर्माना और धारा 27 आम्र्स एक्ट में तीन वर्ष के कठोर कैद के साथ दो हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं मामले के तीसरे आरोपी नरेन्द्र सिंह परमार को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुये बरी कर दिया। अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी लोक अभियोजक रााकेश शुक्ला द्वारा की गई।

कोई टिप्पणी नहीं: