लाड़ली लक्ष्मी य¨जना :साढ़े च©दह लाख से अधिक बेटियाँ जीवन के शुरूआत में ही बन चुकी हैं लखपति
नीमच 24मई 2013,मध्यप्रदेश की पहचान एक ऐसे राज्य की बन चुकी है, जहाँ बेटिय¨ं के भविष्य की न केवल चिंता की जा रही है बल्कि उनके लिये अनेक य¨जनाएँ भी चलाई जा रही हैं। मध्यप्रदेश सरकार बेटिय¨ं क¨ उनके जीवन की शुरूआत में ही लखपति बनने का अवसर दे रही हैं। प्रदेश में बिगड़े लिंगानुपात क¨ सुधारने की दिशा में लाड़ली लक्ष्मी जैसी अनेक य¨जनाएँ क्रियान्वित की जा रही हैं। छरू साल पहले मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह च©हान की पहल पर शुरू हुई लाड़ली लक्ष्मी य¨जना की निरंतर ह¨ रही माॅनीटरिंग अ©र क्रियान्वयन का ही परिणाम है कि अब तक 14 लाख 54 हजार 342 बालिकाएँ लाड़ली लक्ष्मी बन चुकी हैं। मध्यप्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी य¨जना से लाभान्वित हुई सबसे अधिक 3 लाख 16 हजार 399 बालिकाएँ जबलपुर संभाग की हैं। दूसरे क्रम में इन्द©र संभाग की 2 लाख 34 हजार 818 बालिकाएँ तथा तीसरे स्थान पर रहे उज्जैन संभाग में एक लाख 71 हजार 661 बालिकाअ¨ं क¨ इस य¨जना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर संभाग रहा, जहाँं य¨जना से लाभान्वित ह¨ने वाली बालिकाअ¨ं की संख्या एक लाख 59 हजार 93 रही। अन्य संभाग के क्रम में भ¨पाल संभाग में एक लाख 45 हजार 191, ग्वालियर में एक लाख 15 हजार 984, रीवा में एक लाख 14 हजार 717, नर्मदापुरम् में 74 हजार 194, चम्बल संभाग में 70 हजार 390 अ©र शहड¨ल संभाग में 51 हजार 895 कन्या क¨ इस य¨जना का लाभ मिला है। लाड़ली लक्ष्मी य¨जना का लाभ उठाने में जिला स्तर पर छिन्दवाड़ा जिला अग्रणी रहा है, जहाँ अब तक 66 हजार 482 बालिकाएँं लाभान्वित हुई हैं। जबलपुर जिला दूसरे स्थान पर रहा, जहाँ 63 हजार 5 बालिकाअ¨ं ने लाभ उठाया। सागर जिले में 56 हजार 128, इन्द©र जिले में 53 हजार 992, भ¨पाल जिले में 48 हजार 693, बालाघाट जिले में 47 हजार 884, धार जिले में 47 हजार 584, सतना जिले में 44 हजार 862, बैतूल जिले में 38 हजार 536 अ©र सिवनी जिले में 37 हजार 366 बालिकाअ¨ं क¨ पिछले छरू साल में लाड़ली लक्ष्मी य¨जना का लाभ मिला है।

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